बिहार राज्य के जमुई जिला गिद्धौर प्रखंड से रंजन कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा जानकारी साझा करते हैं कि गरीब मजदुर वर्गों का शहरों की ओर पलायन थमने का नाम नहीं ले रहा है।हर रोज बड़ी उम्मीद के साथ मजदुर घर से निकलते हैं और चौंक-चौराहों पर काम के इंतज़ार में खड़े रहते हैं।जैसे-जैसे दिन ढलता है और उन्हें काम नहीं मिलता है,तो वो निराशा के साथ यह सोचने को मजबूर हो जाते हैं की घर जा कर अपने परिवार का पेट कैसे भरेंगे।वैसे तो देखें तो सरकार ने मजदूरों के लिए कई योजनायें शुरू की है कि उन्हें अपने क्षेत्र में ही काम आसानी से मिल सके।लेकिन पंचायतों में जेसीबी से काम कराने के बाद मजदूरों के मनरेगा कार्ड पर खुद ही कार्य को भर देते हैं।अगर जिला पदाधिकारी पंचायतों में जा कर इसका संज्ञान ले तो सारी असलियत सामने आ जाएगी।अपने क्षेत्र में काम नहीं मिलने पर मजदूरों को विवश हो कर अपने गाँव से पलायन करना पड़ता है।