उत्तरप्रदेश राज्य के ज़िला गाज़ियाबाद से काशीराम मिश्रा साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि गाज़ियाबाद में काम करने पर सैलरी कम मिलती हैं एवं कोई भी राष्ट्रीय अवकाश नहीं मिलता हैं । इस समस्या का समाधान कैसे निकाला जाएगा।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला गाज़ीपुर से दिनेश साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से ईएसआई कार्ड की जानकारी लेना चाहते हैं।
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बताना चाहेंगे कि जिस कंपनी में 10 - 15 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हो,वे ईएसआई के दायरे में आते है यानि वे इसका लाभ ले सकते है ,इसके लिए कर्मचारी का वेतन 21000 से कम होना चाहिए। इसके लिए आपको खुद आवाज़ उठानी पड़ेगी।आप अपने कंपनी प्रबंधकों से बात करें और साथ ही अपने पास कंपनी में काम करने का प्रमाण भी होना ज़रूरी है जिससे आप ये साबित कर सके कि आप इस कंपनी में कार्यरत है।
March 7, 2019, 1:20 p.m. | Tags: govt entitlements int-PAJ
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उत्तर प्रदेश गाज़ियाबाद से अरविन्द कुमार साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं, कि वे RDS शास्त्री पार्क सिकोटास कम्पनी में काम करते थे।जहाँ कई महीनों का वेतन रोक लिया गया था। इस समस्या के बारे में अरविंद कुमार ने हमारे संवाददाता रफ़ी से बात की। और कुछ दिनों के बाद कम्पनी द्वारा 17 तारीख का समय दिया गया वेतन लेने का। इसके लिए रफ़ी और साझा मंच को बहुत- बहुत धन्यवाद देते हैं।
बिहार राज्य के हाजीपुर जिला से अरविन्द कुमार साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है, कि निजी कंपनी में कार्यरत है और कमपनी के द्वारा उनका कई महीनो का वेतन नहीं दिया गया है। वेतन नहीं दिए जाने से उन्हें अपना एवं अपने परिवार वालों का जीवन यापन चलाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अतः साझा मंच मोबाइल वाणी से वे गुजारिश करतें है की उनकी मदद की जाये।
उत्तरप्रदेश राज्य के गाजियाबाद जिला से दिनेश कुमार साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताते है कि केंद्र सरकार के द्वारा चलाया जाने वाला स्वच्छ भारत अभियान से दिल्ली में अधिक प्रदूषण हो रहा है। जिस कारणवश दिल्ली कि जनता को सांस लेने में परेसानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तरप्रदेश,गाज़ियाबाद से विनय सिंह साझा मंच के माध्यम से यह बताते हैं कि गाज़ियाबाद स्थित एक कम्पनी में सिक्यूरटी गार्ड के रूप में काम करते थे। जहाँ पर इन्हे जनवरी माह से वेतन नहीं मिला था। कम्पनी के अधिकारीयों से कई बार वेतन की मांग करने पर कहा जाता था, की अभी तक आपका चेक नहीं बना है। इसके बाद विनय जी ने साझा मंच के कर्मचारियों से संपर्क किया। उसके बाद साझा मंच के सफल प्रयास से 10 से 15 दिन के अंदर में ही विनय जी को उनका वेतन मिल गया। इसके लिए वो साझा मंच को तहे दिल से धन्यवाद करते हैं।
राज्य उत्तरप्रदेश के गाज़ियाबाद से अमित कुमार साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताया कि वे गुड़गांव के सिक्योरिटी एजेंसी में काम करते हैं। ये कंपनी अपने सुरक्षाकर्मियों का बहुत शोषण कर रही है। समय पर वेतन नहीं देती है एक महीने होने पर भी बीस दिन बाद वेतन दिया जाता है। और कंपनी के अधिकारी दिन प्रतिदिन झूट बोलते रहते हैं की वेतन मिल जाएगा डयूटी करते रहो वार्ना वेतन मिलेगी ही नहीं । इसके लिए उचित करवाई की जाए।
दिल्ली एनसीआर के गाज़ियाबाद से विनय ठाकुर साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि साझा मंच पर चल रहा सारा कार्यक्रम बहुत ही अच्छा है। साथ ही गीत माटी के कार्यक्रम बहुत ही अच्छा है।
उत्तर -प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद से विनय सिंह ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि वह दिल्ली स्थित एक सिक्योरिटी एजेंसी में सुरक्षा कर्मी का काम करते थे। डेढ़ साल तक उस कंपनी में काम करने के बाद उन्होंने उस कंपनी को छोड़ दी। नौकरी छोड़ने के बाद वह अपने पीएफ के पैसे को निकालने के लिए कई महीनों तक उस कंपनी के चक्क्र लगाते रहे।लेकिन कम्पनी के अधिकारियों द्वारा उन्हें बार-बार टाला जाता रहा। 7 महीने गुज़र जाने के बाद , उनके दोस्त द्वारा बताये जाने के बाद अचानक से एक दिन उनकी मुलाकात साझा मंच के संवाददाता रफ़ी जी से हुई। रफ़ी जी के द्वारा उक्त सिक्योरिटी एजेंसी के अधिकारियों द्वारा लगातार मिलने और बात करने के बाद उस सिक्योरिटी एजेंसी ने विनय सिंह के पीएफ का पैसा उनके पीएफ के खाते में अंततः डाल ही दिया। विनय सिंह ने इसके लिए साझा मंच के पूरी टीम और ख़ास कर रफ़ी जी को धन्यवाद दिया।

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आपको बताना चाहेंगे कि कानून के मुताबिक हर श्रमिक को हफ्ते की एक छुट्टी के हिसाब से महीने की 4 छुट्टियां दी जानी चाहिए। साथ ही राष्ट्रीय दिवस पर अवकाश भी मिलना चाहिए। अगर कंपनी नियम का पालन नहीं कर रही तो आप इसके लिए कंपनी के खिलाफ कदम उठा सकते है। लेबर दफ्तर में इस सम्बन्ध में शिकायत भी हो सकती है। इसके साथ ही जहाँ आपने वेतन कि बात की तो आप ये जान लें आपके कार्यक्षेत्र में यानि सिक्युरिटी गार्ड के लिए यूपी सरकार की और से निर्धारित न्यूनतम वेतन अगर नहीं मिल रहा है तो आप सबसे पहले कंपनी प्रबंधकों से बात करे और इसके साथ ही आप लेबर दफ्तर में इस सम्बन्ध में शिकायत दर्ज करें।
March 21, 2019, 7:18 p.m. | Tags: int-PAJ