फेज-1 उद्योग विहार से हमारे संवाददाता नन्द किशोर ने छोटेलाल भारद्वाज जी के साथ बातचीत की।इस बातचीत में भारद्वाज ने बताया की इनको रंगी इंटरनेशनल कम्पनी में काम करते हुए 20-25 साल हो गए।इनका कहना है की कम्पनी का मालिक पैसा नहीं दे रहा है, फर्जी चेक काट कर दे दिया है जो की पांच महीने हो गए और उस चेक के लिए इन लोगो को घुमाया जा रहा है और कहा जा रहा है की आज पैसा देंगे, कल पैसा देंगे लेकिन इनका पैसा नहीं दिया जा रहा है।इस कम्पनी में 60-70 लोगों का पैसा फंसा हुआ है।कम्पनी के मालिक ने चेक काट कर दे दिया है और मजदूरों से कहा जा रहा है की बैंक पैसे नहीं है। और चेक की वैद्यता तीन महीने तक की होती है।इनलोगो को काफी परेशानी हो रही है इनलोगो को ना तो पैसे मिल रहे है और ना ही कम्पनी में नौकरी मिल रही है।

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उद्योग विहार से हमारे संवाददाता विनोद कुमार ने बेगचु जी के साथ बातचीत की। इस बातचीत में बेगचु ने बताया कि एक कम्पनी में ठेकेदारी पर प्लम्बर का काम करते है। और यहाँ पर तनख्वाह देरी से मिलती है।इनका पीएफ, ईएसआई भी नहीं कटता है और जो ठेकेदार है वो समय से तो पैसे भी नहीं देते है। जिस कारण इन्हे परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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हरियाणा उद्योग बिहार से पंकज जोशी जी साझा मंच मोबाईल वाणी के माध्यम बताते हैं कि, वो जहाँ काम करते हैं उस कंपनी में नियम कानून ऐसा बनाया गया कि कोई भी आदमी को किसी भी प्लांट में किसी भी सेक्शन में किसी डिपार्टमेंट में कभी भी चेंज किया जा सके। कंपनी ने तीन चार जगह पर अपना ब्रांच खोला और लोगो को पहले वहां परमानेंट किया। फिर उनके साथ शोषण किया। उसके बाद उन लोगो को कंपनी से निकाल दिया। जो नियम कंपनी ने बनाई उसके अनुसार कोई भी व्यक्ति 57 साल तक कहीं दूसरी कंपनी में काम नहीं कर सकता है। उसके बाद कंपनी से निकाल दिया जाता है और पैसे भी कम दिए जाते हैं।

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दिल्ली उद्योग बिहार से मोहमद सिरोंज आलम जी साझा मंच के माध्यम से बताते हैं कि, ये जिस कंपनी में कार्य करते हैं वहाँ ना ही कम्पनी द्वारा कोई आई कार्ड दी जाती है और ना ही पीएफ सम्बंधित जानकारी दी जाती है साथ ही वेतन के बारे में भी कुछ नहीं बताया जाता है

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साझा मंच मोबाईल वाणी के माध्यम से पूजा आनंद बता रही हैं कि देश में कई ऐसी समस्याएं हैं जिनका निदान किया जाए। देश के हालात को देखते हुए ऐसा लगता है की न की बीजेपी न कांगेस और न ही कोई ऐसी सरकार जो आपकी समस्याओं को समझते हैं की उसे सुलझा सके। क्योकि अगर हम समस्याओं को देखे तो सबसे पहले बात आती है की हम इंसान है और इंसान होने के नाते हमें रोटी कपडा मकान,वस्त्र और चिकित्सा की जरूरत सबसे पहले होती है। इसलिए एक ऐसी अर्थवस्था की आवश्यकता है जिसके अंतर्गत हमें इन पांच निम्न आवश्यकता की पूर्ति हो सके
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Nov. 27, 2017, 8:39 p.m. | Tags: personal expressions   SM  

दिल्ली उधोग बिहार से सिरोंज आलम जी साझा मंच के माध्यम से बताते हैं कि, उधोग विहार 383 फेज-2 कम्पनी में काम करते हैं। जब भी कम्पनी वालों से पीएफ या ईएसआई कार्ड की मांग करते हैं तो, कहा जाता है कि अभी कुछ नहीं मिलेगा जब भी कोई काम रहेगा तो दिया जाएगा।साझा मंच के माध्यम से जानना चाहते हैं कि ये कैसे पता कर सकेंगे की इनका पीएफ जमा किया जा रहा है। इसके बारे में कोई जानकारी दिया जाए।

दिल्ली उधोग बिहार से केशबाद चौधरी जी साझा मंच के माध्यम से बताते हैं कि,फेज-1 250 कम्पनी में काम करते थे जंहा नोटबंदी के बाद नवम्बर,दिसम्बर माह का वेतन कम्पनी द्वारा नहीं दिया गया। इस मुद्दे को कोर्ट में भी दर्ज किया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसकी क्या प्रक्रिया है जानकारी दिया जाए