दिल्ली राज्य के गुरुग्राम के गोविंदपुरी से संवाददाता रोहित को श्रमिक वाणी के माध्यम से एक गर्भवती महिला ने बताया की, इन्होने कोरोना का पहला टीका लगवा लिया है, लेकिन ये दूसरा टीका नहीं लगवाना चाहती है क्यों की इनका मानना है की टीका लगवाने के बाद इनके बच्चो को कुछ नुकसान हो सकता है। लेकिन जब श्रोता की बात आशा दीदी से हुई तब ये टीका लगवाने के लिए तैयार हो गयी है
दिल्ली राज्य के गुरुग्राम से रोहित मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि गोविंदपुरी की महिला ने कोरोना वैक्सीन का दूसरा डोज़ नहीं लगवाया क्योंकि पहली डोज़ के बाद उन्हें बहुत परेशानी हुई थी जैसे उलटी ,दस्त और बुखार हो गया था
दिल्ली राज्य के गुरुग्राम के गोविंदपुरी के ए ब्लॉक से संवाददाता रोहित को श्रमिक वाणी के माध्यम से दो महिलाओं ने बताया की, उन्होंने कोरोना का टीका नहीं लगवाया है। इनका कहना है की टीका लगवान के बाद बुखार आता है, शरीर में कमजोरी हो जाती है और लोग कई बीमारी के शिकार हो जाते है।
दिल्ली राज्य के गुरुग्राम से सोनू कुमार श्रमिक वाणी के माध्यम से बताना चाहते है की, कोरोना का टीका लगवाने के बाद गर्भवती महिलाओ को स्वास्थय सम्बंधित परेशानी हुई इस वजह से गर्भवती महिलाए कोरोना का टीका नहीं लगवा रही है। सोनू का कहना है की अगर कोई भी गर्भवती महिला कोरोना का टीका लगाती है और उनका स्वास्थय अच्छा रहा उनके बच्चे पर टीका का कोई असर नहीं पड़ता है। तब तक कोई भी गर्भवती महिला कोरोना का टीका नहीं लेंगी।
दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से कापसहेड़ा निवासी अजित कुमार से हुई। अजित बताते है कि जब कोरोना बढ़ा हुआ था तब पुलिस प्रशासन द्वारा हमारी सुरक्षा के लिए कड़े प्रबंध किया हुआ था ताकि लोग घरों से बेवजह बाहर न निकले। कोरोना से बचाव के नियमों का पालन कर रहे थे ,मास्क और सैनिटाइज़र का प्रयोग करते थे। उस वक़्त वोडाफ़ोन कंपनी में काम करते थे ,तो घर से काम करते है और वेतन पूरी मिली थी। कोरोना काल में सब्ज़ियाँ महँगे हो गए थे। जरूरत के सामान महँगे बिक रहे थे। उस वक़्त डर बहुत था ,बुखार हो गया था तो लगता था कोरोना हो गया ,घर वाले भी दूरी बनाए हुए थे। लोगों को भी तबियत के बारे बताने डर लगता था। मास्क और सैनिटाइज़र का प्रयोग करते थे , इसलिए कोरोना का उतना डर नहीं था
दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से भीम कुमार से हुई। भीम बताते है कि जब कोरोना बढ़ा हुआ था तब कोरोना से बचाव के नियमों का पालन कर रहे थे ,मास्क और सैनिटाइज़र का प्रयोग करते थे। जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलते थे। लोगों में हताशा बहुत थी साथ ही डर भी था कि कहीं बाहर जाए और उन्हें कोरोना न हो जाए
दिल्ली राज्य के गुरुग्राम के गोविंदपुरी से संवाददाता रोहित को श्रमिक वाणी के माध्यम से एक महिला श्रोता ने बताया की, उन्होंने कोरोना का टीका नहीं लगवाया है। महिला का कहना है की इन्हे शुगर, बीपी की शिकायत है इस वजह से ये टीका नहीं ले रही है। हमारे संवाददाता द्वार इन्हे जानकारी दिया गया की कोरोना का ठीक आप लगवा सकती है ये हमारे लिए बिलकुल सुरक्षी है
दिल्ली राज्य के गुरुग्राम से संवाददाता रोहित को श्रमिक वाणी के माध्यम से एक श्रोता ने बताया की, उन्होंने कोरोना का टीका नहीं लगवा है। जब ये ठीका लगवाने जा रहे थे तब लोगो द्वारा इन्हे बताया गया की कोरोना का टीका हमरे लिए बिलकुल सुरक्षित नहीं है टीका में मिलावट किया गया। है
दिल्ली राज्य के गुरुग्राम के गोविंदपुरी से संवाददाता रोहित को श्रमिक वाणी के माध्यम से एक श्रोता ने बताया की, उन्होंने कोरोना का दूसरा टीका नहीं लगवा है। इनका कहना है की टीका हमे लिए बिलकुल सुरक्षित नहीं है। टीका में मिलवाट किया गया है। इसलिए ये टीका नहीं लगवा पाती
दिल्ली राज्य के कपासखेड़ा से संवाददाता नन्द किशोर को श्रमिक वाणी के माध्यम से अमरजीत ने बताया की, इन्होने कोरोना का दोनों टीका लगवा लिया है। टीका लगवाने के बाद इन्हे किसी भी तरह की कोई भी समस्या नहीं हुई है। इनके पुरे परिवार ने कोरोना का टीका लगवा लिया है। टीका सभी के लिए सुरक्षित है इसे सभी लोग जरूर लगवाए। लोगो द्वारा फैलाई जा रही अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए
