दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से भीम कुमार से हुई। भीम बताते है कि जब कोरोना बढ़ा हुआ था तब कोरोना से बचाव के नियमों का पालन कर रहे थे ,मास्क और सैनिटाइज़र का प्रयोग करते थे। जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलते थे। लोगों में हताशा बहुत थी साथ ही डर भी था कि कहीं बाहर जाए और उन्हें कोरोना न हो जाए