नमस्कार दोस्तों आदाब सस्त्रियकाल मैं विवेक कुमार गौतम, फरीदाबाद से दोस्तों मुझे यहाँ राशन नहीं मिल रहा है तो मैं राशन कैसे उठा सकता हूँ और मेरा राशन कार्ड सुल्तापुर का तो दोस्तों मैं कैसे यहाँ पर राशन उठा सकता हूँ धन्यवाद।
हमारे संवादाता रामकरण साझा मंच के माध्यम से एक मज़दूर से बात कर रहें हैं इनका कहना है की सरकारी योजनाएं दफ्तरों के चक्कर लगाने के अड्डे हैं और मजदूरों का नौकरी बदलना ही सही रास्ता लगता है एक ही कंपनी में ज़ियादा दिनों तक टिकने नहीं दिया जाता है मज़दूरों को ताकि उनका पीएफ आदि का प्रवाधान से कंपनी बच सके.
दिल्ली एनसीआर के फरीदाबाद से सुबोध साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि लॉक डाउन की वजह से वो दिल्ली में फसे हुए है तथा उनके पास खाने पिने के लिये राशन नहीं हैं
फ़रीदाबाद से भूषण कुमार ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि तीन महीने से लॉक डाउन के कारण फरीदाबाद में फँसे है। मदद चाहिए
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दिल्ली फरीदाबाद से सतीश साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि वे अठाइस दिनों के बाद जब काम पर गए तो कंपनी मालिक ने उन्हें बकाया राशि देने से इंकार कर दिया और इसके अतिरिक्त कुछ पैसे चुकाने की बात कर रहे हैं। इस कारण वे बहुत परेशान है।
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बिहार के रहने वाले आज़ाद कुमार ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि वो दिल्ली एनसीआर के फरीदाबाद स्थित बलभगढ़ शहर में फँसे हुए है। उन्हें किरायदार मकान से निकाल दिए है। उनके पास खाने के लिए पैसे नहीं है।

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यदि आपने कंपनी को छुट्टी जाने से पहले छुट्टी के लिए आवेदन पत्र नहीं दिया है तो कंपनी का हक बन जाता है कि वह आपको काम से निकाल दें। रही सैलरी की बात तो हम जाना चाहते हैं कि आपके और कंपनी के बीच में किस प्रकार का संबंध था जैसे कि क्या आप कॉन्ट्रैक्ट में काम करते थे या शिफ्ट में काम करते थे, लेकिन फिर भी 28 दिन की छुट्टी बहुत लंबी है हम सुझाव देते हैं कि आप अपने यूनियन की मदद से अपनी कंपनी में बात करें।
June 4, 2020, 5:55 p.m. | Tags: int-PAJ