दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से राम से हुई। राम बताते है कि इस दौर में महँगाई से लोग ज़्यादा परेशान है। महँगाई बहुत अधिक है और वेतन काफ़ी कम। कहीं भी जाए ख़र्चा से ज़्यादा महँगाई ही है ,जो कमाते है वो ख़र्च हो जाता है। स्वास्थ्य को लेकर देखभाल नहीं कर पा रहे है केवल दिनचर्या का ख़र्चा निकाल पा रहे है। ऐसे हालात में बच्चों का गुज़र बसर करना मुश्किल है। श्रमिकों का सबसे बड़ा दुश्मन महँगाई है। रूम रेंट भी बहुत ज़्यादा है ,कम सैलरी में महँगाई के दौर में गुज़ारा करना मुश्किल है। सैलरी भी बहुत कम है ,ओवरटाइम भी ख़त्म हो चुकी है ,अगर ओवरटाइम चलता तो श्रमिक के लिए घर चलाना आसान होता। पलायन करने वाले श्रमिकों को बहुत समस्या होती है। अभी के दौर में 17 हज़ार कम से कम सैलरी होनी चाहिए ताकि बच्चों का अच्छे से भरण पोषण होने पाए
