दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से श्रमिक राधेश्याम से हुई। राधेश्याम का कहना है कि पीस रेट पर अच्छी कमाई नहीं हो पा रही है। महँगाई बढ़ गया है पर सैलरी उतनी की उतनी ही है। महीना 12 घंटे का 12 हज़ार कमा रहे है ,महँगाई के दौर पर इतने में गुज़ारा करना मुश्किल है। पीस रेट का काम करने में भी दिहाड़ी के 300 रूपए निकालना मुश्किल हो जा रहा है। क़र्ज़ भी बढ़ जा रहा है। पति पत्नी मिल कर काम कर रहे है तब ही ख़र्चा निकल रहा है। पत्नी को 7 हज़ार रूपए सैलरी मिलती है जिससे महीना का खर्च निकालना मुश्किल है
