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जिला पूर्वी सिंहभूम मुसाबनी प्रखंड से रोहित कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि मुसाबनी प्रखंड अंतर्गत केन्दाडीह ग्राम में एक सामुदायिक अस्पताल है जिसे बने दो वर्ष हो गए इस अस्पताल में डॉक्टर आते है और दवा का वितरण भी करते है परन्तु अभी यह अस्पताल पूरी तरह से शुरू नहीं हुआ है जिसके कारण महिलाओ का प्रसव इस अस्पताल में नहीं हो पाता है।जब इस अस्पताल के खुलने की जानकारी ग्रामीण डॉक्टर से पूछते है तो जवाब में सुनने को मिलता है कि यह अस्पताल पूरी तरह से नहीं सौपा गया है। अब सवाल यह है कि जब अस्पताल पूरी तरह से तैयार नहीं हुआ था तो उसे हैंडओवर कैसे किया गया? यह अस्पताल प्रबंधन पर एक बड़ा प्रश्न खड़ा होता है।
शिवचरण कुमार वर्मा,जिला गिरिडीह के जमुवा प्रखंड से मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि झारखण्ड सरकार द्वारा संचालित ममता वाहन के प्रति गिरिडीह जिला में कुछ ममता वाहन के मालिको द्वारा लूट-खसौट किया जा रहा है। साथ ही निर्दोष लोगो को भी फसाया जा रहा है।वही इनका कहना है की गिरिडीह जिले में यहाँ के सी एस और डी पी सी ने युवाओं को करारा झटका दिया है। गौर करने वाली बात यह है कि यहाँ पर सहिया के सगी-संबंधी भी ममता वाहन संचालित करते थे। लेकिन अब यह कहा गया है कि सहिया के कोई भी नजदीकी सगी संबंधियों का ममता वाहन में एग्रीमेंट नहीं होगा।
जिला चतरा,प्रखण्ड पतरापुर,पंचायत पतरापुर से गौरी यादव जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि अस्पताल में 6 तारिक को अधिकारी द्वारा सुबह 10 बजे ब्लड टेस्ट कराया गया था , परंतु 12 तारिक बीत गयी अभीतक कोई व्यवस्था नही।
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जिला गिरिडीह,प्रखण्ड जमुआ से शिवचरण कुमार वर्मा जी झारखण्ड मोबाईल वाणी के माध्यम से जमुआ प्रखंड के बारे बता रहे है की यहाँ पर जो ममता वाहन का संचालन किया जा रहा है इसमें भारी अनियमितता बरती जा रही है।सहिया के नजदीकी परिवारवालो और रिश्तेदारों को अब तक ममता वाहन का एम्.ओ.यू नहीं दिया गया है। इसके विपरीत कुछ ऐसे दबंग लोगो का ममता वाहन में एग्रीमेन्ट किया गया है जो प्रसव महिला मरीज से अवैध पैसे की मांग करते है ,ममता वाहन मालिक प्रसव महिला को लाने और पहुँचाने के लिए तीन सौ से चार सौ रुपये की माँग करते है और कहते है की पैसे देने पर ही वे उन्हें अस्पताल पहुंचाएंगे और अस्पताल से लाएंगे, दूसरी तरफ वही लोग ममता वाहन में प्रोत्साहन राशि भी ले लेते है।ऐसे में प्रसव महिला को मिलने वाले पांच सौ रूपया भाड़ा भी कट जाता है। इस तरह से घालमेल करके जमुआ प्रखण्ड में तीन-चार आदमी जो ममता वाहन चला रहे है उनके द्वारा मरीजो का दोहन एवं शोषण किया जा रहा है।
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