Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
गिरिडीह जिले से महेश कुमार जी ने मोबाईल वाणी के माध्यम से बताया कि मनरेगा कार्यक्रम के विषय में इलाके के लोगों को जानकारी नहीं है। विशेषकर महिलाओं को बिलकुल भी जानकारी नही है, सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के बारे में।ज्ञान के अभाव में इस योजना का लाभ महिलाएँ नहीं उठा पा रही हैं।
जिला गिरिडीह से दीपक वर्मा जी झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि मनरेगा का ज्यादातर काम जे.सी.बी या मशीनी उपकरण से किया जाता है।गाँवो में मनरेगा योजना के तहत ग्राम सभा का आयोजन नहीं किया जाता है। मनरेगा के तहत जो पैसे मजदुर को दिए जाते है वे दूसरे के बैंक खाते से पैसे दिए जाते है। इसलिए सरकार द्वारा ऐसी कोई व्यवस्था होनी चाहिए जिससे मनरेगा का काम सिर्फ मनरेगा मजदूरों को ही दी जाये साथ ही मजदुर का हक एवं पैसा दी जाये।
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
जिला गिरिडीह से राजीव वर्मा मोबाइल वाणी के माध्यम से मलेरिया से बचाव के बारे में बताते है कि मलेरिया एक खतरनाक बीमारी है जो मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से होता है।इसकी उत्पत्ति गन्दे पानी,कचड़ा से होता है। इससे बचने के लिए पानी को कही भी जमा नहीं रहने देना चाहिए।अपने आस-पास के स्थानों को साफ स्वछ रखना चाहिए।मच्छरदानियों का इस्तेमाल करना चाहिए,अगरबत्ती का इस्तेमाल करना चाहिए,दवा का छिड़काव करना चाहिए।इसका लक्षण रोगी को पहले बुखार आ जाता है।अत: रोगी को तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए एवं खून जांच कराना चाहिए।
झारखंड राज्य से एक विद्यार्थी मुरारी प्रसाद वर्मा, जो की कक्षा 8 में पढ़ते है, ने बताया की मलेरिया बिमारी मादा एनिफेलिस मच्छर के काटने से होता है। यह एक संक्रामक रोग है। इससे बचने के लिए हमें पानी को खुले में नहीं रखना चाहिए। आस-पास के स्थानों को स्वच्छ रखना चाहिए।हमें हमेशा मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए, ना की किसी भी तरह के मच्छर भगाने वाले कीटनाशकों का। भोजन को हमेशा ढँक कर रखना चाहिए। आस-पास की जमा पर कीटनाशकों का छिड़काव करते रहना चाहिए। जिससे मलेरिया मच्छर नहीं पनप सकेंगे। और यदि किसी भी तरह मेलरिया हो जाए , तो तुरंत ही अस्पताल में जाकर इसका इलाज़ समय रहते करना चाहिए।
