झारखण्ड राज्य के बोकारो ज़िला से जे.एम रंगीला ने झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बोकारो ज़िला के गोमिया प्रखंड के आदिवासी बहुल पंचायत सियारी के आठ मज़दूरों ने फरवरी व मार्च 2019 में झारखण्ड सरकार वन विभाग बोकारो प्रमंडल के गोमिया वनक्षेत्र के गोसेबीट में बांस बखार का कार्य किया था परन्तु दस माह से मज़दूरी का भुगतान लंबित पड़ा हुआ था। इस सबंध में उन्होंने जनवरी 2020 को मोबाइल वाणी पर एक ख़बर प्रसारित किया था तथा इस ख़बर को फेसबुक व व्हाट्सप्प के द्वारा उच्च अधिकारियों को सुनाया गया ।इस ख़बर का व्यापक असर यह हुआ कि गोमिया वन प्रक्षेत्र के कर्मियों द्वारा 29 जनवरी 2020 को गोसेडुमरि पहुँच कर बकाया मज़दूरी का भुगतान कर दिया गया। मज़दूरी का भुगतान पाकर मज़दूरों ने बोकारो डीएफओ के साथ मोबाइल वाणी को भी धन्यवाद दिया है।
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झारखंड राज्य के बोकारो जिला के नावाडीह प्रखंड से जे.एम रंगीला मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि बोकारो जिला के चन्द्रपुरा प्रखंड में राजा बेड़ा ब्लॉक हाल्ट उपस्थित है और यह कई वर्षों से उपेक्षित है। चन्द्रपुरा एवं बोकारो के मध्य में स्थति राजा बेड़ा ब्लॉक हाल्ट में वर्धमान हटिया पैसेंजर अप डाउन, धनबाद धाड़ग्राम पैसेंजर अप डाउन ट्रेनों का ठहराव होता है। जहाँ राजा बेड़ा भंडारी, द तारमि टुरियों,प्रबंधा,हलार्गो,फुलबारी,गुंजाडीह,मूंगों आदि दर्जनों गाँवों की जनता राजा बेड़ा ब्लॉक हाल्ट में आ कर ट्रेन से सफर करते हैं। लेकिन टिकट काउंटर नहीं होने के कारण लोगों को कई तरह की कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। इस सम्बन्ध में ग्रामीणों ने दर्जनों बार लिखित आवेदन के रूप में धनबाद रेल मंडल की डिवीजनों प्रबंधक को सुपुर्द किया है। परन्तु आज तक रेल प्रशासन के द्वारा एक बार भी इस कार्य हेतु जाँच के लिए रेल मंडल का जायजा नहीं लिया गया। इस विषय पर कांग्रेस के वरीय नेता ने मोबाइल वाणी को बताया कि राजा बेड़ा ब्लॉक हाल्ट में टिकट काउंटर सहित, यात्री शेड निर्माण,पेजल की व्यवस्था आदि खोलने की माँगों पर डीआरएम को ज्ञापन दिया जा चुका है। साथ ही कई बार नागरिकों ने प्रतिनिधि मंडल के माध्यम से डीआरएम को इन समस्याओं के निदान हेतु अवगत भी करवाया है। परन्तु रेल प्रशासन इन मुलभुत समस्याओं के समाधान की दिशा में उदासीन रवैया अपना रखा है। जबकि इस हाल्ट से यात्रा करने वाले यात्री टिकट के अभाव में कई जोखिमों का सामना करते हुवे यात्रा करते हैं। राजा बेड़ा ब्लॉक हाल्ट से सटे सेकड़ो गाँवों की जनता ने टिकट काउंटर तथा अन्य जरुरी सुविधाओं को अतिशीघ्र मुहैया करवाने की माँग डीआरएम धनबाद से की है।
झारखण्ड राज्य के जिला बोकारो के नावाडीह प्रखंड से जे.एम रंगीला झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि ईस्ट सेन्ट्रल धनबाद डिवीजन के गोमो बरकाखाना रेलखंड में भंडारी दा स्टेशन अवस्थित है। भंडारी दा स्टेशन में सीसीएल की एसडीओ सीएम परियोजना का साइडिंग भी बना हुआ है। इस साइडिंग से कोयले के डिस्पैच में रेल को प्रतिदिन तीन करोड़ यानि की अरबों रुपयों का राजस्व प्राप्त होता है। इस के बावजूद स्टेशन में यात्री सुविधाओं का घोर अभाव जिससे यात्री सुविधाओं से वंचित हैं। यहाँ ना तो पिने के लिए स्वछ पानी व्यवस्था है और ना ही प्लेटफार्म ऊंचीं है और ना ही फुट ओवरब्रिज है। इस कारण बड़े -बुजुर्गों को चढ़ने -उतरने में काफी परेशानियाँ होती है । इसकी मांग बरसो से स्टेशन के समीप बसने वाली आम जनता पत्राचार के जरिये करती आ रही है। बावजूद इसके रेल प्रशासन आश्वासन दर आश्वासन ही मिलता रहा है। स्टेशन में सौ दर्जन ग्रामीण यात्रा करने के लिए यहाँ ट्रेन पकड़ते हैं ।वरीय कांग्रेस नेता जीतेन्द्र कुमार गिरी ने मोबाइल वाणी को बताया कि प्लेटफार्म ऊंचा करने तथा फुट ओवरब्रिज की मांग पत्राचार प्रतिनिधि मंडल के द्वारा रेलवे के उच्चाधिकारियों से करते आ रहे हैं ,परन्तु रेल प्रशासन उदासीन बना हुआ है। अरबों रूपए राजस्व देने वाली भंडारी दा स्टेशन पर ऊचीं दूकान फीकी पकवान चरितार्थ हो रही है।
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झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला के जरीडीह प्रखंड से शिवनारायण महतो झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि जरीडीह प्रखंड के गायछन्दा पंचायत में स्थानीय मुखिया की ओर से 14वें वित् आयोग से गांव -गांव में बिजली के खम्बों पर एलईडी स्ट्रीट लाइट लगवाई गयी है। ताकि इससे गांव रौशन हो सके लेकिन एलईडी बल्ब एक दिन में ही ख़राब हो गयी जिसमें से कुछ बल्ब शुरू से ही नहीं जले । बल्ब लगाते समय ग्रामीणों द्वारा बिजली मिस्त्री से एलईडी बल्ब को जला कर दिखाने की बात कही गयी थी लेकिन बिजली मिस्त्री ने बल्ब जला कर नहीं दिखाया। ग्रामीण राकेश कुमार महतो ,नरेंद्र महतो ,सर्वेक्षर महतो ,अशोक कुमार महतो आदि ने मुखिया के घर जाकर एलईडी बल्ब नहीं जलने की शिकायत की। इसपर मुखिया ने मिस्त्री को बल्ब ठीक करने की बात कही पर आज तक बिजली के खम्बों में एलईडी बल्ब शोभा की वस्तु बन कर रह गयी है।
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