दुमका,शिकारीपाड़ा से जीतेन्द्र भगत झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है की आज कल शिक्षा का बाजारीकरण हो गया है कई सारे पुब्लिक स्कुल और कोचिंग संस्थान विकसित हो रहे और अच्छी शिक्षा देने के नाम पर बच्चो को ये धन उगाही का साधन बना रहे है बच्चो से मोटी-मोटी फ़ीस ली जाती है और जैसी शिक्षा दी जानी चाहिए वैसी नहीं मिलती। कोचिंग संस्थान तो बच्चो के साथ खेल करते है कभी अपनि संस्थान का नाम और प्रचार-प्रसार के लिए बच्चो को आगे कर देते है अत:प्रसाशन इन पर लगाम कसे.

अवनीश कुमार दुमका से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहना चाहते है की BPL कार्ड बनाने में काफी अनियमितता बरती जा रही है इन्होने बताया जिनके घर में साडी सुविधाये मौजूद यही उनको APL और BPL कार्ड का लहब दिया जा रहा है जबकि जो अत्यंत गरीब है और जिन्हे APL और BPL कार्ड दिया जाना चाहिए उन्हें ही नहीं मिल रहा है।नमो की सूचि बिना घर-घर का निरिक्षण किये ही बना दिया गया है।प्रशासन को इसकी जाँच करनी चाहिए

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May 5, 2014, 5:09 p.m. | Location: 10: JH, Giridih, Bengabad | Tags: PDS   grievance   int-TR   BPL   | Category: Govt Schemes->PDS->Grievance->Conflicting documentation

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दुमका,काठीकुंड से अवनीश कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से एक कविता प्रस्तुत कर रहे है।

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जिला दुमका के काठीकुंड प्रखंड से प्रिंश कुमार झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि सरकारी स्कूल के एक नाकामी के कारन बच्चो का भविष्य खतरे में पड़ता नजर आ रहा है।गरीब परिवार के बच्चे जिसके पास खाने के लिए पैसे नहीं होते है वे अपने बच्चो को पुस्तक नहीं खरीद सकते है। और बच्चो को स्कुल से वापस कर दिया जाता है।

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दुमका से अवनीश कुअम्र झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहना चाहते है की काठीकुंद स्वास्थ्य कार्ड बनाया जा रहा है उस से ग्रामीण अनभिग्य है उन्हें न तो कार्ड बनाये जाने की जानकारी है और न ही इस से होने वाले लाभो के बारे में कोई जानकारी है, लोगो को सरकार की कोई स्वास्थ्य सम्बंधित निति की जानकारी नहीं है

दुमका से अवनीश कुमार झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहना चाहते है की बढती गर्मी के साथ ही पेयजल की समस्या भी बढ़ रही है। पेयजल के लिए पानी के पाइप लाइन बिछाई गई परन्तु इसका लाभ ग्रामीणों नहीं मिल रहा है। कई दिने से बंद पड़ी ईआ व्यवस्था पर अभियंता केवल अपना पलड़ा झाड़ कर बच जाते है। इन्होने सरकार से अपील की है की इस ओर ध्यान दिया जाये और ग्रामीणों को पिने योग्य जल मिल सके