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मध्य प्रदेश राज्य के उमरिया जिला के तेहशील बांधवगढ़ से 40 वर्षीय शिव कुमार यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को जमीन दे ने के बाद अगर पति का मृत्यु हो जाती है तो महिला दूसरी शादी कर के चली जाती है। अगर लड़का पक्ष दहेज़ नहीं मांगते हैं तो शादी से पहले पिता अपने संपत्ति में बेटी को हक़ दे सकते हैं। दहेज़ प्रथा बंद करना चाहिए
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मध्य प्रदेश राज्य के नगर इटारसी से राकेश कुमार यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को ससुराल के प्रॉपर्टी में हक़ लेना चाहिए।मायके में माता पिता अपने बेटी को पढ़ाते लिखाते हैं और दहेज़ देकर शादी करते हैं और उसके बाद जमीन में भी हिस्सा देना पड़ेगा तो लोग बेटी को जन्म नहीं देने के बारे में सोचने लगेंगे।इसलिए बेटी को ससुराल में ही हक़ मिलना चाहिए।
मध्य प्रदेश राज्य के उमरिआ जिला से शिव कुमार यादव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि दहेज देने के बाद बेटी का मायके की सम्पत्ति में हक़ नही होना चाहिए।दहेज़ के बाद मायके की सम्पत्ति में लड़की का हक़ नही रह जाता है।यदि दहेज़ नही माँगा जाएगा तभी मायके की सम्पत्ति में हिस्सा देना चाहिए।लड़की के पिता शादी तय करने के दौरान पहले ही स्पष्ट कर देंगे कि मायके की सम्पत्ति में लड़की को हिस्सा मिलेगा। परन्तु दहेज़ में कुछ भी नही मिलेगा। तभी दहेज़ पूरी तरह से बंद होगा और लड़की की शादी ख़ुशी-ख़ुशी होगी
जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने एक आदिवासी महिलाओं को पैतृक संपत्ती में अधिकार को लेकर एक अहम फैसला देते हुए कहा कि केवल लिंग के आधार पर महिलाओं को पैतृक संपत्ति में हक से वंचित नहीं किया जा सकता है.
जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने एक आदिवासी महिलाओं को पैतृक संपत्ती में अधिकार को लेकर एक अहम फैसला देते हुए कहा कि केवल लिंग के आधार पर महिलाओं को पैतृक संपत्ति में हक से वंचित नहीं किया जा सकता है.
जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने एक आदिवासी महिलाओं को पैतृक संपत्ती में अधिकार को लेकर एक अहम फैसला देते हुए कहा कि केवल लिंग के आधार पर महिलाओं को पैतृक संपत्ति में हक से वंचित नहीं किया जा सकता है.
जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने एक आदिवासी महिलाओं को पैतृक संपत्ती में अधिकार को लेकर एक अहम फैसला देते हुए कहा कि केवल लिंग के आधार पर महिलाओं को पैतृक संपत्ति में हक से वंचित नहीं किया जा सकता है.
