दिनेश की हापुड़ निवासी पीड़िता की मां से कोई बातचीत
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से गंगा राम से हुई। गंगा राम यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को जमीन में बराबर का अधिकार मिलना चाहिए। इनका आधार कार्ड नहीं बना है।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से शंकर मिश्रा से साक्षात्कार लिया। शंकर मिश्रा ने बताया कि महिलाओं को पैतृक सम्पत्ति में अधिकार मिलना चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से आरुप से साक्षात्कार लिया। आरुप ने बताया कि बेटियों को पैतृक सम्पत्ति में अधिकार मिलना चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से शकुंतला से साक्षात्कार लिया। शकुंतला ने बताया कि इनको सिर्फ गैस मिला है। इसके आलावा कोई सुविधा और सरकारी योजना का लाभ नही मिला है। घर तक बिजली नही पहुंची है.
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से शकुंतला से साक्षात्कार लिया। शकुंतला ने बताया कि इनको कॉलोनी नही मिला है।ग्राम सभा में सुविधाओं का अभाव है
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से शकुंतला से साक्षात्कार लिया। शकुंतला ने बताया कि महिलाओं को पैतृक सम्पत्ति में अधिकार मिलना चाहिए।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से आशा ओमकार से हुई। आशा ओमकार यह बताना चाहती हैं कि उनके पति की मृत्यु होने के 5 साल बाद भी बीमा नहीं मिला है। इनका खेत भी दूसरे व्यक्ति के द्वारा जोत लिया गया है।खेत इनके नाम से हैं और 31 साल पहले बैनामा हुआ था
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से कुंदन चौधरी से हुई। कुंदन चौधरी यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को जमीन में अधिकार देना चाहिए
बिहार राज्य के जमुई ज़िला के गिद्धौर प्रखंड के छेगुवा पंचायत से रंजन की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से पंचायत समिति सदस्य शम्भू शरण मंडल से हुई। शम्भू शरण मंडल कहते है कि महिलाओं के नाम से जब से जमीन खरीदा जाने लगा तब से महिला का आमदनी बढ़ रहा है। महिला सुरक्षित महसूस कर रही है और समाज में इज्जत पाने लगी है। घर के बड़े बुजुर्ग भी महिला को सम्मान के नज़र से देखता है। आज महिला पुरुष के बराबर में आगे बढ़ रही है। महिलाओं के नाम जमीन होने से उनके जीवन में परिवर्तन दिखने लगा है। महिलाओं के मन से डर भय ख़त्म हो गया है। पहले महिला को तलाक के माध्यम से त्याग दिया जाता है। अब महिला इतनी आत्मनिर्भर बन गयी है कि उनके पास अब संपत्ति की इतनी है कि वो जी खा सकती है। महिला उद्योग ,व्यापार कर सकती है।
