बिहार राज्य के चम्पारण जिला के ग्राम बहादुरपुर से बबिता देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से स्वास्थ्य के बारे में जानकारी चाहती हैं
बिहार राज्य के चम्पारण जिला से आशा कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बता रही है कि उनके गाँव में पानी की काफी समस्या हो रही है। जिसके चलते गाँव के लोग काफी परेशान है
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पूर्वी चंपारण के 123 सहित राज्य के 2005 निजी विद्यालय बंद होंगे राज्य के 2005 निजी स्कूल अब बंद हो जायेंगे। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने इन सभी स्कूलों के यू-डायस कोड को रद्द कर दिया है। यू-डायस कोड रद्द होने के बाद इन स्कूलों का सीबीएसई और आईसीएसई की मान्यता भी खत्म हो जाएगी। इन स्कूलों की सूची बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने जिला वार जारी कर दी है। साथ में सभी जिला शिक्षा कार्यालय को निर्देश दिया गया है कि इन स्कूलों पर नजर रखी जायें। जिससे ये आगे नामांकन ना ले पायें। बता दें कि सभी सरकारी और निजी स्कूलों को यू-डायस कोड भरना था। इसमें संसाधन, शिक्षक और बच्चों की जानकारी देनी थी। इसके लिए दस जून तक का समय निजी स्कूलों को दिया गया था। ये छह प्रमुख वजह ● स्कूल कुल नामांकित बच्चों की संख्या नहीं बता पाये ● बच्चों का आधार नंबर नहीं दिया ● बच्चे कहां रहते है,पता नहीं दिया ● माता-पिता का नाम नहीं भरा ● बच्चें का स्कूल में नामांकन कब व किस कक्षा में हुआ, नहीं बताया ● स्कूल के कितने बच्चों ने छात्रवृति पायी, यह भी नहीं बताया बच्चों से संबंधित 55 जानकारियां मांगी गयी थीं बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा स्कूल वार बच्चों की जानकारी मांगी गयी थी। इसमें कुल 55 बिंदु थे। इन सभी का जवाब यू-डायस पोर्टल पर भरा जाना था। इसमें बच्चों के नामांकन की कक्षा, बच्चे का नाम, अभिभावक का नाम आदि शामिल था। इन जिलों के स्कूलों को किया गया बंद अरवल - 19, औरंगाबाद - 18, बांका - 14, बेगूसराय - 31, भागलपुर - 35, भोजपुर - 18, बक्सर - 71, दरभंगा - 43, गया - 44, गोपालगंज - 16, जमुई - 06, जहानाबाद - 06, कैमूर - 10, कटिहार - 34, खगड़िया - 05, किशनगंज - 35, लखीसराय - 23, मधेपुरा - 86, मधुबनी - 67, मुंगेर - 05, मुजफ्फरपुर - 236, नालंदा - 80, नवादा - 36, पश्चिम चंपारण - 76, पटना - 185, पूर्वी चंपारण - 123, पूर्णिया - 82, रोहतास - 93, सहरसा - 203, समस्तीपुर - 28, सारण - 35, शेखपुरा - 03, शिवहर - 02, सीतामढ़ी - 38, सीवान - 55, सुपौल - 24, वैशाली - 120
स्कूलों में मध्याह्न भोजन की जांच नहीं करने पर राज्य के 38 जिलों के प्रखंड साधन सेवी (बीआरपी) पर कार्रवाई की गयी है। बीआरपी पर आरोप है कि उन्होंने एक भी विद्यालय का टैब बेस्ड निरीक्षण नहीं किया। वहीं 26 जिलों के बीआरपी ने आधा अधूरा निरीक्षण किया। मध्याह्न भोजन निदेशालय ने 13 जिलों के बीआरपी के वेतन में 20 फीसदी की कटौती की है तो 26 जिलों के बीआरपी को टैब के रखरखाव और मरम्मत मद में दिये जाने वाले एक हजार रुपये की कटौती की है। साथ में सभी को चेतावनी दी गयी है कि जांच के निर्धारित बिंदुओं का ससमय पालन करें। निदेशालय की मानें तो सभी बीआरपी से पहले स्पष्टीकरण मांगा गया था। मध्याह्न भोजन की जांच के लिए सभी बीआरपी को टैब बेस्ड निरीक्षण करना है। इसमें स्कूल प्रशासन द्वारा बच्चों को सही से खाना मिल रहा है या नहीं, खाने की गुणवत्ता का ख्याल रखा जा रहा है या नहीं, सभी बच्चों को सही से खाना परोसा जा रहा है या नहीं, इन तमाम जानकारी हर दिन निरीक्षण करने के बाद उसे टैब पर दिये गये लिंक में अपलोड करना है।
मरीजों के लिए खुशखबरी है। अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को सरकार की ओर से एक्सरे की सुविधा मिलेगी। सरकार ने सिविल सर्जन से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर एक्सरे रूम की व्यवस्था करने का निर्देश जारी कर एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट तलब किया है। अगले महीने से यह सुविधा जिला के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध कराने की सरकारी योजना है। बताया जाता है कि जिला में 27 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। यहां मरीजों के लिए एक्सरे सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें निजी एक्सरे में राशि देकर एक्सरे करवाना पड़ता है। सिविल सर्जन डॉ. अंजनी कुमार ने बताया कि सरकार का पत्र मिला है। जहां एक्सरे रूम की सुविधा नहीं है वहां रूम बनाया जाएगा।स्टीमेट बना भेजा जा रहा है।
जिले में खरीफ मौसम में सरकार के द्वारा आवंटित अनुदानित धान का बीज प्रभावित हुआ है। जिले में कृषि समन्वयक व किसान सलाहकारों की हड़ताल से धान बीज वितरण पर व्यापक असर पड़ा है। जिले में विभिन्न सरकारी योजनाओं के करीब 4110 क्विंटल धान का बीज आवंटित हुआ है। जिसमें मात्र 737 क्विंटल ही धान का बीज वितरित हुआ है। सात जून से कृषि समन्वयक व किसान स्लाहजारों के हड़ताल पर चले जाने से बीज वितरण प्रभावित हो गया है। कृषि विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना के तहत 157.20 क्विंटल धान का बीज आवंटित हुआ है। वहीं दस वर्ष से अधिक आयु वाले 2628 क्विंटल प्रमाणित धान बीज व दस वर्ष से कम आयु वाले 1285 क्विंटल प्रमाणित धान का बीज आवंटित हुआ है। जिले में संचालित खरीफ महोत्सव में किसानों को प्रशिक्षण देते हुए धान बीज का वितरण करना है। लेकिन कृषि समन्वयक व किसान सलाहकारों की बेमियादी हड़ताल से किसान की खरीफ महोत्सव में उपस्थिति न के बराबर हो रही है। जिससे किसान धान के बीज का उठाव नहीं कर पा रहे हैं। जबकि बीज वितरण के लिए जिले के 18 बीज विक्रेताओं को कृषि विभाग के द्वारा अधिकृत किया गया है। किसानों का कहना है कि योजनाओं के प्रचार प्रसार की कमी से बीज का उठाव प्रभावित हुआ है। जबकि किसानों के द्वारा बीज के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया है। किसानों के मोबाइल पर ओटीपी भी आ गया है। लेकिन किसान जानकारी के अभाव में बीज का उठाव नहीं कर पा रहे हैं। इधर डीएओ चंद्रदेव प्रसाद ने बताया कि बीज ई किसान भवन में रखा हुआ है। जहां ई किसान भवन नहीं है वहां डीलर के यहां धान का बीज रखा हुआ है। किसान अपना मोबाइल नंबर ले जाकर इसपर आए ओटीपी को दिखाकर धान बीज प्राप्त कर सकते हैं।
आम के उत्कृष्ट प्रादर्श पर आम उत्पादक किसानों को इनाम मिलेगा। इसके लिए किसान आम महोत्सव सह प्रतियोगिता में भाग लेंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जिला उद्यान विभाग के अधिकारी के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की तिथि 14 जून तक निर्धारित है। निबंधित किसान अपने आम के साथ 16 से 18 जून तक पटना ज्ञान भवन में प्रतियोगिता में भाग ले सकेंगे। आम के उत्कृष्ट प्रादर्श पर मिलेगा नकद पुरस्कार राज्य स्तर पर आम के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एक किसान को 10 हजार नकद विशिष्ट पुरस्कार के रूप में मिलेंगे। प्रथम पुरस्कार के रूप में5 हजार,द्वितीय 4 हजार व तृतीय पुरस्कार में 3 हजार निर्धारित है। 1 से 4 वर्ग के आम का होगा प्रदर्शनप्रतियोगिता में 1 से 4 वर्ग के आम के प्रादर्श को किसान लाकर प्रदर्शन करेंगे। इसमें मध्यावधि, पिछात, संकर व बीजू आम के किस्म शामिल हैं। वर्ग 5 में आम के प्रोसेसिंग उत्पाद को भी किसान प्रदर्शित करेंगे। कहते हैं अधिकारी जिला उद्यान विभाग के सहायक निदेशक डॉ अमरजीत कुमार राय ने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू है। विभाग के माध्यम से रजिस्ट्रेशन होगा।
एनएच पर को वाटगंज के समीप बेकाबू बस ने सड़क पार कर रहे अधेड़ भूखल सिंह (55) को रौंद दिया। उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने एनएच पर शव रखकर जाम कर दिया। तेज रफ्तार बस मोतिहारी से मुजफ्फरपुर जा रही थी। लोगों ने एक अन्य बस भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद बस लेकर भाग रहे चालक को लोगों ने पीछा कर पीपरा में पकड़ा। मृतक भूखल सिंह बरकुरवा के रहनेवाले थे। वह लकड़ी का कारोबार करते थे। बाद में दरोगा राजेश कुमार व भाजपा के राजू सिंह के प्रयास से जाम हटाया जा सका।
