Transcript Unavailable.
दिल्ली एनसीआर श्रमिक वाणी के माध्यम से रीना परवीन बता रही हैं श्री राम कॉलोनी वार्ड नंबर 246 चांद बाग डी ब्लॉक गली नंबर 3 25 फूटा रोड पर पड़ा है जगह-जगह कूड़े का ढेर मेट्रो सुपरवाइजर कूड़े का ढेर साफ नहीं करा रहे हैं एमसीडी दफ्तर में दरोगा कैलाश को शिकायत की जा चुकी है मगर शिकायत के बाद भी कूड़े के ढेर साफ नहीं हो रहे हैं कूड़े में से बदबू आने लगी है क्योंकि हाल ही में कई दिन से कूड़ा उठाने टिपर नहीं आया है इस वजह से कूड़ा बहुत ज्यादा इकट्ठा हो गया है
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
दिल्ली एनसीआर श्रमिक वाणी के माध्यम से रीना परवीन बता रही है श्रीराम कॉलोनी वार्ड नंबर 246 खजूरी पुराने थाने के सामने पानी भरा हुआ है पानी मे मच्छर बहुत ज्यादा पैदा हो रहे हैं मलेरिया इंस्पेक्टर दवाई का छिड़काव नहीं करा रहे हैं जिसकी वजह से मच्छरों की तादाद ज्यादा हो गई है अब तो दिन में भी मच्छर काट रहे हैं हाल ही में एक सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक डेंगू बहुत गंभीर हालत में है बहुत ज्यादा वायरस के साथ दिल्ली में पेर पसार रहा है टाइफाइड जैसी वायरस बहुत ज्यादा दिल्ली में फैलता जा रहा है अगर सरकारी अस्पतालों में आप देखे तो रोज हजारों मैरिज बुखार के अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं बुखार से जनता बहुत पारशन है मगर मलेरिया विभाग के कान पर जु नहीं रिंग रही है
दिल्ली एनसीआर श्रमिक वाणी के माध्यम से रीना परवीन बता रही हैं वजीराबाद यमुना नदी पुराने पल के पास घाट के सीडीओ के बराबर में बहुत सारा कूड़े का ढेर पड़ा हुआ है पीडब्ल्यूडी व एमसीडी कूड़े का ढेर साफ नहीं कर रही है श्रद्धालु इस कूड़े के बराबर से होकर नाहन करने जा रहे हैं जबकि यह दिल्ली की यमुना नदी का एक बहुत बड़ा घाट है जहां पर सैकड़ो लोग रोज घाट पर स्नान करने आते हैं फिर भी पीडबलुडी वह एमसीडी यहां की सफाई व्यवस्था नहीं कर रही है
क्रिस मस की धूम
दिल्ली एनसीआर श्रमिक वाणी के माध्यम से रीना परवीन बता रही हैं अक्षरधाम मंदिर से लेकर सहारनपुर एक्सप्रेसवे बन रहा है खजूरी पुस्ते रोड पर बड़ी जेसीबी मशीन द्वारा खुदाई की जा रही है खुदाई की वजह से पूरे इलाके में धूल मिट्टी उड़ रही है जिसको लेकर बहुत ज्यादा समस्या हो रही है पॉल्यूशन की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ गई है पॉल्यूशन इतना है कि सांस लेना में मुश्किल हो रहा है अब तो धूल मिट्टी घरों के अंदर भी घुसने लगी है
Transcript Unavailable.
