बाल मजदूरी बढ़ती जा रही बता रहे हैं हमें चौधरी रिफाकत हुसैन चौधरी रिफाकत हुसैन बताते हैं कि मैं एक शिक्षक हूं और बच्चों को घर-घर जाकर पढ़ाता हूं और जिन लोगों के पास फीस देने के पैसे नहीं होते हैं मैं उन बच्चों को भी पढ़ाता हूं बिल्कुल फ्री मगर समस्या यह आती है कि जो लोग अपने छोटे मासूम बच्चों से काम कर आते हैं उनके आगे भी मजबूरी है सरकार से कोई मदद नहीं मिल पाती है और उनके घर के खर्चे कैसे चले चार पांच छह बच्चे हैं और उनके साथ दिक्कत आती है घर के खर्चे चलाने की किराए का घर है मजदूर हैं इस वजह से उन्होंने अपने बच्चों को काम सिखाने के नाम पर या दुकान पर या किसी कारखाने पर यह किसी फैक्ट्री पर जैसे कि आजकल श्री राम कॉलोनी थाना खजूरी खास मैं कई जगह ऐसे आरो प्लांट है जहां पर बच्चे छोटे-छोटे रिक्शा में पानी की बोतल सप्लाई करते हुए देखे जा सकते हैं मैं मो शाहनवाज साझा मंच मोबाइल वाणी से
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मनोहर लाल कश्यप
छोटा परिवार सुखी परिवार
दिल्ली एनसीआर से रोहित साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि उन्होंने कुछ दिन पहले साझा मंच पर एक खबर प्रकाशित किया गया था। खबर में बताया गया था कि दिल्ली के कालका जी के बस स्टॉपेज में ऑटो रिक्शा वालों की वजह से जगह नहीं रहती थी। जिसके कारण लोगों को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इस खबर को मोबाइल वाणी में प्रकाशित करने के बाद व्हाट्सअप तथा फेसबुक के जरिये सम्बंधित अधिकारियों तक साझा किया गया। खबर का असर कुछ इस प्रकार हुआ कि अब ऑटो रिक्शा वालों को हटा दिया गया है तथा अलग से ऑटो रिक्शा वालों को जगह दे दी गयी है इसकी वजह से लोग बहुत खुश है और मोबाइल वाणी को धन्यवाद दे रहे हैं।
श्री राम कॉलोनी वार्ड नंबर 64 ई में बच्चे कर रहे हैं आरो फिल्टर प्लांट पर मजदूरी आप देख सकते हैं इस फोटो में बच्चे रेडी में 10 से 12 पानी की फिल्टर बोतल ठेली रिक्शा में खींच रहा है जिसमें ₹5 प्रति बोतल बच्चे को लालच दिया जाता है ₹15 आरो फिल्टर वाले प्लांट वाला ले लेते हैं मो शाहनवाज साझा मंच मोबाइल वाणी से
मौसम का बदला मिजाज
आम की खुशबू से महका बाजार
सस्ता श्रमिक मानकर बच्चों को ही काम पर रखने में प्राथमिकता दी जाती है, ऐसे मालिकों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
