बाल मजदूरी बढ़ती जा रही बता रहे हैं हमें चौधरी रिफाकत हुसैन चौधरी रिफाकत हुसैन बताते हैं कि मैं एक शिक्षक हूं और बच्चों को घर-घर जाकर पढ़ाता हूं और जिन लोगों के पास फीस देने के पैसे नहीं होते हैं मैं उन बच्चों को भी पढ़ाता हूं बिल्कुल फ्री मगर समस्या यह आती है कि जो लोग अपने छोटे मासूम बच्चों से काम कर आते हैं उनके आगे भी मजबूरी है सरकार से कोई मदद नहीं मिल पाती है और उनके घर के खर्चे कैसे चले चार पांच छह बच्चे हैं और उनके साथ दिक्कत आती है घर के खर्चे चलाने की किराए का घर है मजदूर हैं इस वजह से उन्होंने अपने बच्चों को काम सिखाने के नाम पर या दुकान पर या किसी कारखाने पर यह किसी फैक्ट्री पर जैसे कि आजकल श्री राम कॉलोनी थाना खजूरी खास मैं कई जगह ऐसे आरो प्लांट है जहां पर बच्चे छोटे-छोटे रिक्शा में पानी की बोतल सप्लाई करते हुए देखे जा सकते हैं मैं मो शाहनवाज साझा मंच मोबाइल वाणी से
