लॉकडाउन के बाद से चली गई है नौकरी मजदूर हैं परेशान खाने की हो रही है दिक्कत प्रवासी मजदूर अलीगढ़ के रहने वाले गौरव कुमार से हुई बातचीत गौरव कुमार ने बताया कि लॉकडाउन से पहले में ₹12000 गांधी नगर मार्केट में काम करता था दुकान पर ₹12000 कमा लेता था मगर लॉकडाउन के बाद से अब बिल्कुल कमाई धमाई नहीं हो रही है और मेरे छोटे दो बच्चे हैं जो कि बीवी और दो बच्चे गांव में रहते हैं मेरे यहां पर कमरे का किराया 25 00 महीना पर रहता हूं शास्त्री पार्क अब मुझे खर्चा पूरा करने के लिए पेडल रिक्शा चलानी पड़ती है सरकार से हमें कोई मदद नहीं मिलती है राशन कार्ड नहीं है हमारा आधार कार्ड से राशन नहीं मिलता है मोहम्मद शाहनवाज साझा मंच मोबाइल वाणी से

मनोहर लाल कश्यप

SN Kashyap

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दिल्ली से रोहित साझा मंच के माध्यम से बता रहे हैं धोबिन के एम के इलाके में आंगनवाड़ी 8 दिन से नहीं खुली है आंगनबाड़ी के कार्यकर्ता बच्चों के ऊपर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं ऑडियो पर क्लिक करके सोने पूरी खबर

दिल्ली से राम करण ने साझा मंच मोबाइल वाणी मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि कांट्रेक्टर कंपनी से ज्यादा रेट लेकर मजदूरों को कम दिया जाता हैं और छुट्टी भी काट दी जाती है

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दिल्ली से रोहित साझा मंच के माध्यम से बता रहे हैं कि नवजीवन कैंप में आंगनबाड़ी में कार्यकर्ता आते हैं और कार्य किये वापस चले जाते हैं। इससे बच्चों के सेहत के ऊपर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।साथ ही बच्चों को स्वास्थ सुविधा भी नहीं मिल पा रही है