दिल्ली से रोहित साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि संगम विहार में पिछले 5 दिन से पानी नहीं आया है जिसकी शिकायत विधायक से की गयी है ,पर इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
दिल्ली एनसीआर से राजेश साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि दसवीं एवं बारहवीं की परीक्षा होने वाली है जिसके तहत दिव्यांगों ने भी परीक्षा का फॉर्म भरा था। आगे बता रहे है कि दिव्यांगों को बिना किसी सुचना के अब परीक्षा देने से मन किया जा रहा है क्यूंकि उन्हें कह दिया गया है कि जो विद्यार्थी दिल्ली का होगा बीएस वही परीक्षा दे पायेगा। इस समस्या को लेकर सारे दिव्यांग छात्रों में मायूसी छा गई है
दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से कापसेड़ा निवासी अमित कुमार से हुई। अमित कुमार कहते है कि वो कंपनी का पानी पीते है जो रूम के पानी से बिलकुल अलग है। रूम में ज़्यादा पानी इस्तेमाल नहीं होता ,टंकी में ज़्यादा दिनों तक पानी भरे रहता है। एक बार मोटर चला दिया और पानी स्टोर कर के रख दिया गया ,जिसके 1000 - 1200 तक बिल ले ही लिया जाता है। और इस पानी का इस्तेमाल करने से लोगों में कमज़ोरी भी बढ़ रही है। पानी टंकी की सफ़ाई भी नहीं होती है। सातवीं मंज़िल में कई टंकियाँ रहती है जिसे साफ़ करने कोई नहीं जाएगा। मालिक भी ध्यान नहीं देते है। गंदे पानी से लोगों को खुजली की समस्या होती है व बाल झड़ते है। शुद्ध पानी के इस्तेमाल से शरीर में ऊर्जा रहती है। पानी की ऐसी समस्या का ज़िम्मेदार आम जनता ही है जो पानी का दुरूपयोग अधिक कर रहे है।अगर आज हम पानी का बचत करेंगे तब ही आने वाली पीढ़ी के लिए पानी ठहरेगी। ज़रुरत अनुसार ही पानी का इस्तेमाल करें ,जल है तो जीवन है। दूषित जल का जाँच के लिए भी कोई कर्मचारी नहीं आते है। ग्रामीण क्षेत्र में प्रखंड के तरफ से दवाई मिलती थी जिसको कुआँ ,नालों में डाला जाता था पर शहर में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिलता है। गन्दगी है तो गन्दगी ही भरी रहती है।
दिल्ली से राम कारण ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि आज दादा साहेब डॉक्टर आंबेडकर की आज जयंती मनाई गयी
नमस्कार मित्रों साझा मंच के लिए दिल्ली से राजेश कुमार पाठक पूछो और जाने चैनल से मैं पूछना चाहता हूँ कि संविघान निर्माता डॉक्टर भीम रॉ अम्बेडकर बाबा साहब के कलम से क्या हम दिव्यांगों के सम्बन्ध में हमारे लिए बाबा साहब ने कौन कौन से अधिकार हमे दिए है। हम आधुनिक सरकारों की बात बाद में करेंगे क्यूंकि बाबा साहब ने संविधान का निर्माण किया बाबा साहेब की जयंती पर हमे जो नारे सुनाई जाते है देश को आजाद कइने कराया बाबा साहब बाबा साहब,भारत का संविधान किसने बनाया बाबा साहब चलिए हमने मान लिया की सबकुछ करता धर्ता बाबा साहब है लकिन हम पूछना चाहते है की बाबा साहब ने हम विकलांगों के लिए उनकी कलम से हमे कितने अधिकार मिले
दिल्ली मोहोम्मद शाहनवाज़ ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से एडवोकेट गौरी शंकर शर्मा से महंगाई व बेरोजगारी पर चर्चा किये। जहाँ जनता की आवाज एनजीओ के राष्ट्रीय महासचिव श्री गौरी शंकर शर्मा ने बताया कि सरकारी फैक्ट्रियां व कारखाने बंद हो जाते हैं या सरकार बंद कर देती है तो नौकरियां कहां से मिलेगी? यह हाल है हमारे भारत देश का भारत के अंदर महंगाई एक महत्वपूर्ण मुद्दा है गरीब लोग भूखे मर रहे हैं बेरोजगारी का आलम यह है कि हर घंटे में तीन से चार लोग आत्महत्या कर रहे हैं यह सरकारी आंकड़े बताते हैं 2014 से पहले तो किसान व मजदूर आत्महत्या करते थे कर्जे के कारण मगर अब तो बिजनेसमैन और उद्योगपति भी आत्महत्या करने लगे हैं क्योंकि उनके ऊपर कितना कर्ज है बैंकों का लोन ले रखा है शर्मा जी बताते हैं कि अगर केंद्र सरकार व राज्य सरकारों ने जल्दी कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो भारत देश एक बार फिर गुलाम हो जाएगा अगर ऐसे ही निजीकरण करते रहे तो हमारा देश फिर से दूसरों के हाथ में चला जाएगा
दिल्ली एनसीआर से राजेश कुमार साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि भारत के संविधान में क्या दिव्यांगों के संरक्षण के लिए बात कही गई है। आगे कह रहे है कि यदि संविधान में विकलांगों के लिए संरक्षण पर बात नहीं लिखी गई है तो सरकार को इसपर ध्यान देना चाहिए
दिल्ली एनसीआर से संगम कुमार साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 20 में लोगों को सही समय पर सप्लाई का पानी नहीं मिलता है जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आगे कह रहे है कि अभी 7 दिनों से उनके क्षेत्र में पानी नहीं आया है और इस समस्या पार नगर निगम के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं
दिल्ली एनसीआर से राजेश मोबाइल वाणी के माढ्यम से बता रहे है कि हमारी धरती से जल स्तर धीरे धीरे घटता ही जा रहा है। आगे कह रहे है कि आए लोग पानी की कमी से जूझ रहे है। कि अगर इसी तरह पानी को बचाने के लिए अगर कोई उपाए नहीं किया गया तो आयने वाले दिनों में लोगों को एक एक बूँद खरीद कर पीना पड़ेगा और हमारा जीवन संकट के घेराव में आ सकता है
दिल्ली एनसीआर के कापसहेड़ा से नन्द किशोर साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से श्रमिक रमाकांत से बात कर रहे हैं। रमाकांत का कहना है कि वो जिस किराया के मकान में रहते है वह सप्लाई पानी आता है जो बिलकुल भी पिने लायक नहीं होता है। साथ ही कह रहे है कि पानी में कीटाणु होते है इसलिए लोग पानी का स्तेमाल सिर्फ कपडे धोने और नहाने में ही किया करते हैं। आगे कह रहे है कि उन्हें पिने के लिए पानी 20 रूपए में खरीद कर पीना पड़ता है और इसी तरह हर महीने में लगभग 30 बॉटल पानी खरीदना पड़ता हैं
