आशा वर्कर की बात

रेडी पटरी यूनियन के सदस्य ने हड़ताल में उठाया रेडी पटरी लगाने वाले लोगों का मुद्दा

निपोनो ऑटो करमचारियो को शासन के आदेश के बाद भी नहीं मिल रहा है काम कर्मचारियों का कहना है कंपनियों का ही है शासन प्रशासन।

दिल्ली एनसीआर श्रमिक वाणी के माध्यम से रीना परवीन की बातचीत कुसुम से हुईं कुसुम बताती है प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में काम करने वाली कुसुम बताती हैं के फैक्ट्री में गार्ड की ड्यूटी करती हूं ड्यूटी लगने से पहले हमें बताया गया था 16500 तनक मिलेगी मगर अब हमें तनख्वाह 12500 रुपए मिलती है हमारे साथ धोखाधड़ी फैक्ट्री द्वारा की गई है और हमारा ₹1600 हर महीने पिएफ काटता है हमें पिएफ भी नहीं मिलता है अब हमारे एचआर ने हमसे कह दिया है कि आपको 16500 ही तनक मिलेगी और हमारे खाते में जीएफ भी आ गया है मैं श्रमिक वाणी की शुक्रगुजारों के उन्होंने हमारी मदद की खबर को हमने 5 दिन पहले लोकल व्हाट्सएप ग्रुप फेसबुक कंपनी के हर को खबर शेर की थी खबर का हुआ असर

हरियाणा के गुरुग्राम से नन्द किशोर श्रमिक वाणी के माध्यम से हमारे एक श्रोता से बात किया उन्होंने बताया की अभी महंगाई बढ़ गई है और काम भी कही नहीं है। फैक्ट्री दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है और मजदूरी कम होता जा रहा है

दिल्ली एनसीआर श्रमिक वाणी का माध्यम से मोहम्मद शाहनवाज की बातचीत चौधरी सुरेंद्र से हुई चौधरी सुंदर बरसते हैं मैं भारतीय किसान यूनियन का जिला अध्यक्ष हूं लगभग 20 साल से मैं भारतीय किसान यूनियन से जुड़ा हूं कल से हमारा दिल्ली कोच का ऐलान होते ही हजारों ट्रैक्टर बॉर्डर पर खड़े हुए हैं मगर सरकार हमारी जब तलक मांगे नहीं मानेगी हम वापसी अपने घरों को नहीं जाएंगे 6 महीने का राशन हम साथ लेकर आए हैं

दिल्ली एनसीआर श्रमिक वाणी के माध्यम से रीना परवीन की बातचीत तारा से हुई तारा बताती हैं मैं मनीषा कंपनी में काम करती हूं हमारे यहां पर कॉस्मेटिक की सिंदूर का काम होता है हमारी फैक्ट्री में लगभग 15 लोग काम करते हैं इसमें से 10 लेडिस है पांच जेंट्स हैं हमारे फैक्ट्री मालिक 2 महीने से हमारा पीएफ नहीं दे रहे हैं हमारी तनख्वाह में से हर महीने ₹1000 का पीएफ कट रहा है मगर पीएफ नहीं मिल रहा है जिसको लेकर बहुत ज्यादा समस्या है

गुड़गांव में काम करने आए मज़दूर साथी बताते हैं 15 साल सिलाई का काम कर रहा हूं लेकिन मंहगाई इतनी है कि परिवार साथ रखना मुश्किल हो गया है ।

दिल्ली एनसीआर श्रमिक वाणी के माध्यम से नंद किशोर ने सबीर से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी की सिलाई का काम आठ - दस साल से कर रहा हूँ। दस साल के करियर में अब कुछ हासिल नहीं हो सका और भविष्य में कुछ हासिल नहीं होगा

लोगो की हाल मन से जाना