झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि भारत प्रदेश की पहचान एक कृषि प्रधान देश के तौर पर जानी जाती है।किसानो के हाल बेहाल हैं। आज किसानों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। नेतागण किसानों की समस्याओं को नहीं समझते हैं। किसानो को सिर्फ दौड़ाया जाता है और समाधान नहीं होता है।
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झारखण्ड राज्य के खूंटी जिला के तोरपा प्रखंड के कोंडा गांव से सुमित टोपनो मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि कार्यक्रम "हाट बात " में लोगों से सम्बंधित बातें की गईं हैं। मौसम में अधिक परिवर्तन हो रहे हैं। कभी अधिक गर्मी और कभी अधिक बारिश हो जाता है जिसके कारण फसल बर्बाद हो रहे हैं। लेकिन लोगों को ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि कई लोग बाहर जा कर काम करते हैं और सरकार के द्वारा भी उनको राशन दे दिया जाता है।इनको इस कार्यक्रम के माध्यम से यह सिखने के लिए मिला कि प्रखंड स्तर पर कॉन्फ्रेंस ऑफ़ पंचायत भी होती है। इनको लगता है कि इनके गांव में डेवलपमेंट के लिए कोई प्लान नहीं है और न ही कोई विकास हुआ है।गांव के लोगों को पता ही नहीं है कि अपनी समस्याओं को पंचायत में कैसे रखना है। इनको कार्यक्रम के माध्यम से पंचायत में समस्याओं को रखने की प्ररेणा मिली है और वह अब अपनी बातों को पंचायत में रखेंगे
झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर से माया चौबे ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जलवायु परिवर्तन से होने वाले हानि से बचने के लिए सभी ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी होनी चाहिए और योजनाओं का लाभ लेने के लिए सामूहिक प्रयास करनी चाहिए । ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के माध्यम से पारदर्शी कार्यप्रणाली, गाँव-स्तर पर शिविरों का आयोजन, डिजिटल साक्षरता, सीएससी केंद्रों का उपयोग और स्थानीय भाषा में जागरूकता प्रसार सबसे प्रभावी उपाय हैं। ग्राम सभाओं में भागीदारी सुनिश्चित करना और स्थानीय नेताओं को शामिल करना भी जरुरी है।अपनी जिम्मेदारी समझें और गांव के विकास में अपनी अहम भूमिका निभाएं।
झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला के कसमार से प्रकाश कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ग्राम पंचायत विकास योजना या जीपीडीपी सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है।जिसके माध्यम से गांव के विकास की योजनाएं बनाई जाती है। कौन सी योजनाएं किस के जरुरत के हिसाब से होगी?उस पे ग्राम पंचायत निर्णय लेता है।18 साल से ऊपर के व्यस्क ग्राम सभा के सदस्य होते हैं। जब भी किसी पंचायत में जीपीडीपी योजना बनाए या ग्राम सभा हो,उसमें भाग लेना चाहिए।प्राकृतिक संसाधनों का सही इस्तेमाल कैसे हो सकता है? किन्हें सामाजिक सुरक्षा चाहिए ?कहां नल्ली , गल्ली अस्पताल स्कुल बनना चाहिए ?इन सभी की प्लानिंग हमारे पंचायत में ही होती है।इसलिए ग्राम पंचायत के कार्यक्रमों और ग्राम सभा की बैठकों में भाग लेकर अपने पंचायत और गांव के विकास में अपना भूमिका निभाना चाहिए
झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला से किशोर मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि जलवायु परिवर्तन से होने वाले हानि और चुनौतियों के बारे में सामूहिक चर्चा कर के समाधान निकाल सकते हैं।वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन की मार सभी को सहन करना पड़ रहा है।सभी ग्रामीणों को मिल कर इस मुसीबत का सामना करना होगा। इसके लिए पंचायत की बैठकों में विशेषकर ग्राम सभा की शामिल होना गाँव के विकास योजनाओं के उचित किणन्वयन के लिए स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए बहुत ही जरूरी है। यह सीधे तौर पर लोकतंत्र को मजबूत करता है। विकास कार्यों में पारदर्शिता लाता है। सरकारी बजट के सही उपयोग को सुनिश्चित करता है और निवासियों को अपने प्रतिनिधियों को सवाल पूछने पर अवसर देता है
मध्य प्रदेश राज्य के उमरिया जिला से शिव कुमार यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं के साथ अन्याय होता है ।महिलाओं को आरक्षण और अधिकार के बारे में जानकारी नहीं है ।जो बड़े अधिकारी हैं उनको ट्रेनिंग देना चाहिए ताकि महिलाओं को अधिकार से वंचित नहीं किया जाए ।
