झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर से माया चौबे ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जलवायु परिवर्तन से होने वाले हानि से बचने के लिए सभी ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी होनी चाहिए और योजनाओं का लाभ लेने के लिए सामूहिक प्रयास करनी चाहिए । ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के माध्यम से पारदर्शी कार्यप्रणाली, गाँव-स्तर पर शिविरों का आयोजन, डिजिटल साक्षरता, सीएससी केंद्रों का उपयोग और स्थानीय भाषा में जागरूकता प्रसार सबसे प्रभावी उपाय हैं। ग्राम सभाओं में भागीदारी सुनिश्चित करना और स्थानीय नेताओं को शामिल करना भी जरुरी है।अपनी जिम्मेदारी समझें और गांव के विकास में अपनी अहम भूमिका निभाएं।
झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर से आर्य राज शुक्ला ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि किसानों को खेती के आलावा आय के दूसरे विकल्पों पर भी ध्यान देना होगा। क्योंकि जलवायु परिवर्तन के कारण कभी सूखा और कभी बाढ़ से फसलों को बहुत नुकसान होता है। सरकार द्वारा कई योजनाएं किसानों को सहायता प्रदान कर रही हैं।जैसे - महिलाओं के लिए,झारखंड सरकार स्वयं सहायता समूहों को लाह उत्पादन से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष सहायता प्रदान कर रही है। झारखंड लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के माध्यम से लाह की खेती का प्रशिक्षण और वन विभाग के साथ समन्वय कर बगान विकसित किए जा रहे हैं। जीविका के माध्यम से महिलाओं को बैंकिंग लिंकेज के जरिए कम ब्याज दर पर आसानी से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।आधुनिक तरीके से लाह की खेती के लिए वनोपज मित्र और अन्य सामुदायिक कैडरों द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है। लाह की चोरी रोकने के लिए बगानों की घेराबंदी और सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।समूह की महिलाओं को केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि लाह से उत्पाद बनाने का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना और उन्हें स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करना है।
झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर से जमुना ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि मौसम में हो रहे बदलाव से आम जन - जीवन का बुरा हाल है। बहुत गर्मी बढ़ गया है। इससे रेजा,कुली,किसान को बाहर काम करने में बहुत दिक्कत होता है। हमेशा सुनने को मिलता है कि काम करते करते मजदूर और किसान का मौत हो जाता है।गरीब का कोई नही होता है। सरकार कहती है कि गरीब के लिए काम कर रही है। योजना बना रही है। लेकिन जब योजना लेने जाओ तो ये कागज लाओ,वो कागज लाओ,बोल कर नही दिया जाता है।गांव में किसान और शहर में गरीब मजदुर बदलते मौसम की मार झेल रहा है।
झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर से सोनी कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि आज जलवायु परिवर्तन से निपटने में हम सबको मदद करना चाहिए और हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम अधिक से अधिक जलस्रोत बनाएंगे और जल का संरक्षण करेंगे साथ साथ हमारी कोशिश रहेगी कि हम कम से कम जल का उपयोग करके अपना कार्य करें।
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झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर जिला से रामचन्द्रपाल , मोबाइल वाणी के माध्यम से बताना चाहते है कि चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर नहीं लग रहा है , जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
झारखण्ड राज्य के पश्चमी सिंघभूम से हमारे एक श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि उनके क्षेत्र के सड़कों में साफ़ सफाई नहीं होने से डेंगू होने की संभावना बढ़ गयी है।
झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर से शिव शंकर शाह ने बताया कि पोटका में युवाओं की एक ऐसी टोली है जो गांव गांव जाकर बुजुर्गों, युवाओं को वैक्सीन के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं साथ ही साथ वैक्सीनेशन का शेड्यूल की जानकारी देकर केंद्र तक पहुंचाने में मदद कर रहे हैं ताकि ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना का रफ्तार बढ़ता जा रहा है उसको रोका जा सके अधिक से अधिक ग्रामीण क्षेत्र के लोग वैक्सीनेट हो ताकि सभी लोग सुरक्षित होकर क्षेत्र को सुरक्षित रख सकें
झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर से शिव शंकर शाह ने बताया कि पोटका के सौदा पंचायत के बारेदा में दो जल मीनार वह भी बेकार पेयजल के लिए ग्रामीण महिलाएं सुबह के 4:00 बजे बर्तनों की लंबी लाइन लगाकर करती है पेयजल का इंतजार मगर नहीं मिलता पानी गांव के लोग तालाब या दो तीन किलोमीटर दूर जाकर लाते हैं पीने का पानी पेयजल को लेकर गांव के पुरुष महिलाओं ने जल मीनार के समक्ष किया जोरदार प्रदर्शन
