कई बार आवेदन करने के बाद भी राशन कार्ड नहीं बना ! मोबाइल वाणी के संवाददाता इससे सम्बंधित जानकारी बता रहे है..सुनने के लिए क्लिक करें ऑडियो पर..

झारखंड से सर्वेश तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान मरीजों को हो रही रेमेडीसिवीर इंजेक्शन की किल्लत को देखते हुए कालाबाजारी के मामलों की जांच अब सीआईडी करेगी। इस संबंध में राज्य के डीजीपी नीरज सिन्हा ने निर्णय लिया। बता दें कि इस संक्रमण काल में यह इंजेक्शन ₹3000 से ₹5000 में बेची जाने की शिकायतें मिली थी।

-वैश्विक महामारी के दौर में मजदूर विरोधी नीतियों को तेजी से आगे बढ़ाती सरकार -अदालत ने निर्माण श्रमिकों के लिए पेंशन, राहत राशि के भुगतान को समयसीमा निर्धारित की -अमेजॉन अमेरिका में अपने पांच लाख कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाएगी, अमेरिकी राष्ट्रपति डाला था दबाव

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दोस्तों, दिल्ली समेत देश के कई दूसरे राज्यों में लॉकडाउन की अवधि को बढ़ा दिया गया है. केन्द्र सरकार ने लॉकडाउन को आखिरी विकल्प के तौर पर रखा है पर राज्यों में कुछ छूट के साथ लॉकडाउन और कोरोना कर्फ्यू लगाया जा रहा है. जाहिर सी बात है कि इससे जनता की भलाई होगी पर समाज का एक वर्ग वो भी है जो रोजाना काम करता है और दैनिक मजदूरी से पेट भरता है. लॉकडाउन के कारण उनका जीवन ज्यादा प्रभावित हो रहा है. जब हम ये मसला लेकर लोगों के बीच गए तो लॉकडाउन को लेकर मिली जुली प्रतिक्रिया मिली, आइए सुनते हैं..

झारखण्ड राज्य से सर्वेश तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि झारखंड में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ता ही जा रहा है। राज्य के सभी जिले इसकी चपेट में हैं। इसके बावजूद कुछ लोग ऐसे हैं जो बिना मास्क के ही घरों से बाहर निकल पड़ते हैं। इसी क्रम में धनबाद के झरिया में बिना मास्क के घूम रहे लोगों को आज बनाया गया मुर्गा और उन्हें मेंढक चाल चलने की दी गई सजा।

झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर जिला से शिव शंकर शाह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पोटका के ग्रामीण क्षेत्रों में मास्क जांच करने पोटका अंचल अधिकारी एवं थाना प्रभारी पहुंचे और सभी दुकानों, चौक चौराहों, धार्मिक स्थलों आदि जगहों में घूम-घूम कर सभी लोगों को मास्क लगाने एवं शारीरिक दूरी बनाए रखने की अपील की। साथ सरकार द्वारा जो दिशा निर्देश जारी किए गए हैं उसको शत-प्रतिशत पालन करने को लेकर लोगों को जागरूक किया गया।

झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर जिला से शिव शंकर शाह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पोटका कोरोना नो एंट्री का बोर्ड लगा है गंगाडीह पंचायत के महुआसाई में ग्रामीण बाहर से आने पर आने वाले लोगों से 2 गज की दूरी बना कर बात करते हैं साथ ही साथ दूसरे राज्यों से जो मजदूर गांव लूटते हैं उनको 14 दिन का क्वॉरेंटाइन किया जाता है 14 दिन के बाद कोरोना टेस्ट कराया जाता है यदि रिपोर्ट नेगेटिव आता है तभी गांव में प्रवेश की अनुमति मिलती है.

साथियों, हम सभी बहुत मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं. कोरोना की दूसरी लहर अपना कहर बरपा रही है. दवाओं की किल्लत है, अस्पतालों में बिस्तरों की कमी है, लोग ऑक्सीजन मांग रहे हैं और इन सबके बीच मौके के आंकड़े हर रोज डरावने लगने लगे हैं. सरकार लोगों से गुजारिश कर रही है कि वे अपने घरों में रहें, ताकि लॉकडाउन लगाने की नौबत ना आए. इन विकट हालातों में आप सरकार से क्या अपेक्षा कर रहे हैं? लॉकडाउन लगने या ना लगने के संबंध में आपके क्या विचार हैं... उन्हें हम तक पहुंचाएं, अपने फोन में नंबर 3 दबाकर.

साथियों , पंचायत समिति विकास खंड स्तर पर त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी है जो ग्राम पंचायत और जिला पंचायत के बीच एक सम्वन्यक की भूमिका अदा करती है। तो आप हमें बताएं कि - क्या आप अपनी पंचायत समिति के बारे में जानते है? - क्या कभी किसी ग्रामसभा या पंचायत में जन सुनवाई के दौरान आपके पंचायत समिति के प्रमुख भाग लेते है और आप की बातों पर गौर कर पंचायत को निर्देश देते है? - आपके हिसाब से पंचायत समिति या प्रमुख की क्या भूमिका होनी चाहिए ? - और क्या आपकी बात वहां सुनी जाती है ? - और मुखिया या सरपंच पर योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पंचायत समिति किस प्रकार से दबाब बना सकती है .साथ ही प्रखंड के अधिकारी कैसे जिम्मेदारियों को सुनिश्चित कर सकते है इन सवालों के जबाब देने के लिए अभी दबाएं अपने फ़ोन में नंबर 3 का बटन।



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