बिहार राज्य के जिला मुंगेर से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि मुंगेर प्रखंड क्षेत्र हो या पूरे बिहार राज्य सभी जगहों पर पेय जल की समस्या बढ़ती ही जा रही है। इन दिनों सभी को जल संरक्षण की चर्चा सुनने को मिल रही है लेकिन अब तक सरकार की ओर से ऐसा कोई ठोस उपाय नजर नहीं आता दिख रहा है और यही वजह है कि जल की बर्बादी पर अति शीघ्र रोक नहीं लगाया जा सका है। वही इनका कहना है कि गांव हो या शहर लोगों को मानसिकता जल संरक्षण के प्रति सही मायने में काम नहीं कर पा रही है क्योकि हर जगह पानी की बर्बादी दिखाई ही दिखाई दे रही है। अगर जल दोहन इसी प्रकार से होता रहा तो नहाने की तो दूर पीने तक के लिए पानी नहीं मिल पाएगी।जल ही जीवन है,जल का एक बूंद अमृत के समान है इसलिए इसे संरक्षित करना अति आवश्यक है।
संग्रामपुर प्रखंड के ब्लॉक परिसर एवं सभी विद्यालय में सुबह योगा अभ्यास किया गया एवं सभी शिक्षकों के द्वारा एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा यह बताया गया कि स्वस्थ रहने के लिए योग करना जरूरी है। सुनिये क्यों जरुरी है प्रतिदिन योगाभ्यास करना।
योग को जन-जन तक पहुँचाने का श्रेय बिहार विद्यालय योगा को है। योग से असाध्य रोगों का भी ईलाज संभव है। सुनिये योग दिवस पर योग करने के फायदे।
अंतरराष्ट्रीय योग मित्र मंडल की स्थापना 1961 मे स्वामी सत्यानंन्द सरस्वती ने किया था। इसका उद्देश्य विश्व भर में योग का प्रचार-प्रसार करना था। जानिए योग दिवस पर ख़ास कैसे प्रचलित हुआ योग
स्वामी सत्यानंन्द सरस्वती ने विश्व पटल पर योग के फायदों को उजागर किया।इसके माध्यम से ही लोगों को आपसी भाईचारे में पिरोने का भी कार्य किया।सुनिए कैसे उन्होंने योग दिवस को बनाया महत्वपूर्ण और क्यों ?
वार्ड सदस्यों की बैठक मनरेगा भवन में प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रभात रंजन के नेतृत्व में की जाएगी। बैठक में वार्ड सदस्य के द्वारा आज विचार-विमर्श किया जाएगा।सुनिये क्या हुआ बैठक में।
21 जून शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विभिन्न संस्थाओं द्वारा योगाभ्यास कराया जाएगा। जिसकी तैयारी जोर शोर से पूरी कर ली गई है। इधर विश्व प्रसिद्ध आनंद मार्ग प्रचारक संघ मुंगेर के तत्वाधान में श्री श्री आनंदमूर्ति जी की जन्मस्थली केशवपुर में आचार्य हेमेंद्र ब्रह्मचारी के नेतृत्व में आज विभिन्न योगाभ्यास एवं आसन का प्रशिक्षण लोगों को नि:शुल्क सिखाया जाएगा। सुनिए इस दिन और कहाँ-कहाँ होगा आयोजन।
बकरी ने दो बच्चों को दिया जन्म जिसमें दोनों बच्चा बनमानुस निकला। यह सुनकर आसपास के गाँव के लोग देखने के लिए आने लगे। इसके बाद शंकर पंडित ने दोनों बच्चों को मिट्टी में दफना दिया।
बिहार राज्य के जिला मुंगेर से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि व्यर्थ के जल दोहन को रोकने के लिए सरकार तो निरंतर प्रयास करते ही हैं परंतु व्यर्थ जल दोहन की जटिल समस्या का समाधान होता नजर नहीं आता है। भूजल स्तर लगातार घटता ही जा रहा है लेकिन आज की युवा पीढ़ी शिक्षित होते हुए भी अपनी आदत में बदलाव नहीं कर पा रही है। जब तक आम आदमी की सोच शुद्ध नहीं होगी तब तक व्यर्थ का जल दोहन नहीं रुकेगा। जल ही जीवन है इस सत्य कथन को आज की पीढ़ी बिल्कुल ही समझना नहीं चाहती है। बिहार में ऐसे कई इलाके हैं जहां लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है, इसके लिए लोगों को संघर्ष करना पड़ता है और लोग अनेक बीमारियों से ग्रस्त होते चले जा रहे हैं। इसलिए हमें समय रहते व्यर्थ जल दोहन रोकने के लिए प्रयास करने होंगे तभी जल ही अमृत है और जल ही जीवन है का स्लोगन शब्दार्थ होगा।
बिहार राज्य के जिला मुंगेर से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि महिलाओं की एक बड़ी आबादी घर परिवार के काम में ही खपत हो जाती हैं। घरेलू महिलाएं घर परिवार से जुड़े अनेक ऐसे काम करती हैं जिनकी गिनती रोजगार एवं अधिकारी के कामकाज के रूप में नहीं किया जाता है। उनकी मेहनत आज भी पहचान और आय की मोहताज में बनी हुई है और उनके द्वारा किए जा रहे हैं काम को पहचानता कभी नहीं मिल पाती है। ज्यादातर घरेलू महिलाएं काम तो खूब कर रही हैं लेकिन विधिवत रोजगार से वंचित है,अधिकारिक कमाई से दूर है। इससे देश को भी नुकसान हो रहा है,इसलिए यह जानना भी जरूरी है कि ऐसा क्यों हो रहा है घरेलू महिलाओं के घर में रहने एवं घरेलू काम को प्राथमिकता दी जाती है यह पुरानी आदत है लेकिन यह परंपरा महिलाओं की स्थिति को कमजोर भी बनाती हैं। महिलाओं के काम बढ़ते हैं कमाई नहीं,घरेलू महिलाएं घरेलू कार्य में पुरुषों की भागीदारी करनी चाहिए ताकि जरूरतमंद योग्य और मेहनती महिलाओं को रोजगार के ज्यादा मौके मिले। वही वेतन काम के अनुसार ही मिले लेकिन लैंगिक आधार पर नहीं।
