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• कोविड-19 महामारी के दौरान राष्ट्रीय रक्त संचार परिषद द्वारा जारी किया गया दूसरा दिशानिर्देश • एड्स कण्ट्रोल सोसाइटीज एवं स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूज़न काउंसिल को दिशानिर्देश अनुपालन करने के निर्देश • स्वैच्छिक रक्तदान के दौरान संक्रमण से बचाव के लिए दी गयी जानकारी • रक्तदाताओं को संक्रमण को लेकर जागरूक करने के निर्देश राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार पटना, 08.07.2020 कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों ने कई आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित किया है। सरकार इस चुनौती का मुकाबला करते हुए धीरे-धीरे जरुरी स्वास्थ्य सेवाओं को बहाल करने की दिशा में सराहनीय कार्य कर रही है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय रक्त संचार परिषद, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ब्लड ट्रांसफ्यूज़न सेवाओं को लेकर दिशानिर्देश जारी किया गया है। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें विस्तार से। श्रोताओं 9278701369 पर मिस कॉल कर स्वास्थ्य, पोषण कोविड 19 और जिले की हर छोटी बड़ी खबर सुने और 3 नंबर का बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी साझा करे। यदि आप समार्टफोन उपयोगकर्ता है! तो मोबाईल वाणी एप्प् प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को एप्प् पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी रिकार्ड करे। धन्यवाद

हवेली खरगपुर के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं ने बताया कि कोरोना ऐसा महामारी को लेकर यह अफवाह फैलाया जा रहा है कि बेटा अपने मां को साड़ी खरीद कर देगा और गंगा स्नान करने के बाद पूजा पाठ करके गंगा मां को चढ़ाने के बाद उसे बनेगा इससे कोरोना बीमारी भाग जाएगा गंगा स्नान के लिए कई लोग सुल्तानगंज घोरघाट बरियारपुर जा कर पूजा पाठ कर रहे हैं लेकिन यह अफवाह है

लालू के अंदाज में भाजपा पर बरसे तेजस्वी । कोरोना जांच पर उठाया सवाल। गंगा रजक की रिपोर्ट। मुंगेर। ज्ञात हो कि लालू की रैली जब होती थी तो गरीब गुरबा रिक्शा ठेला चालक सहित आने लोग बड़े ही चाव से भाषण सुनने जाते थे। लालू के अंदाज में तेजस्वी केंद्र के भाजपा एवं राज्य के जदयू सरकार पर भड़के और कहा कि यह लोग वर्चुअल रैली रैली रैली कर रहे हैं आखिर इनको जल्दबाजी क्यों है। ऐसे भी भाजपा 4 साल से इधर से उधर कर रही है और स्थिति ठीक नहीं है। इस बहाने तेजस्वी अन्य राज्य के सरकार को भी भाजपा को आड़े हाथों लिया और उलझाता रहा सीमा पर। इस बीच तेजस्वी के बयान से राजनीति चरम पर पहुंच गया है। तथा जदयू और भाजपा चुनाव के लिए वर्चुअल रैली कर रही है। इस बीच तेजस्वी के हमले से सरकार फिर तिलमिला गई है और एक कड़ा आरोप यह भी है कि जनता कराह रही है कोरोना से लोग मर रहे हैं और इन नेताओं को चुनाव नजर आ रहा है। वही कोरोना टेस्टिंग को लेकर तेजस्वी के बड़ा हमला से सरकार तार-तार हो गई है। और यह भी आरोप है कि जहां 10000 रोज टेस्टिंग के बात स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे कर रहे थे । आज तक अमल में नहीं आ पाया है और सुशील मोदी का यह बयान 9000 टेस्टिंग किया जा रहा है। साथ स्वास्थ्य विभाग का यह बयान टेस्टिंग हो रहा है। इस घोर पेच में तेजस्वी का बड़ा आरोप सरकार पर यह है कि सरकार टेस्टिंग में भी राजनीति कर रही है। जो जांच का विषय है । वहीं सरकार आमदा है कि चुनाव अक्टूबर-नवंबर में हो वही वर्चुअल रैली भी कर रही है तेजस्वी का यह भी आरोप है कि कोरोना अब सरकार के दरबार तक पहुंच गया है। यहां तक की नेताओं सहित सचिवों का भी टेस्ट जारी है और गंभीर बात यह है कि सरकार के द्वार पर एनएमसीएच ने एक आइसोलेशन केंद्र खोल दिया है जहां 6 डॉक्टर सहित अन्य कर्मी को पोस्टिंग किया गया है। इधर मुंगेर राजद विधायक विजय कुमार ने तेजस्वी के करारा प्रहार को जायजा बताया है। और सरकार पर पैनी नजर रखे है।

• कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति ने पत्र लिखकर दी जानकारी • 27 जून से 10 जुलाई तक चलेगा दंपति संपर्क पखवाड़ा • "आपदा में भी परिवार नियोजन की तैयारी सक्षम राष्ट्र और परिवार की पूरी जिम्मेदारी" होगी थीम विगत 10 वर्षों से 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जा रहा है। यद्यपि देश कोरोना संक्रमण के बीच में हैं, लेकिन प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं का प्रावधान न सिर्फ़ अनचाहे गर्भधारण को रोकने के लिए बल्कि मातृ और शिशु स्वास्थ्य कल्याण में भी महत्व रखता है। इसलिए विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर इस प्रतिकूल परिदृश्य में पूरे माह जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा को प्रखंड स्तर तक जारी रखने को लेकर अपर सचिव एवं मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, ने 26 जून को पत्र के माध्यम से निर्देशित किया था। इसको लेकर कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, मनोज कुमार ने 3 जुलाई को सभी जिला पदाधिकारी, चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के निदेशक/ अधीकक्षक एवं सभी जिलों के सिविल सर्जन को इस संबंध में पत्र लिखकर जानकारी दी है। इस वर्ष के जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा का थीम "आपदा में भी परिवार नियोजन की तैयारी सक्षम राष्ट्र और परिवार की पूरी जिम्मेदारी" रखी गयी है। ऑडियो पर क्लिक कर सुने पूरी खबर श्रोताओं 8800984861पर मिस कॉल कर स्वास्थ्य, पोषण कोविड 19 और जिले की हर छोटी बड़ी खबर सुने और 3 नंबर का बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी साझा करे। यदि आप समार्टफोन उपयोगकर्ता है! तो मोबाईल वाणी एप्प् प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को एप्प् पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी रिकार्ड करे। धन्यवाद

1934 भूकंप के बाद फिर से भयावह स्थिति होने वाली है मुंगेर की। मुंगेर । सन् 1934 भूकंप के नाम लेते ही बुजुर्ग का देह सिहर जाता है और मातमी सन्नाटा एवं चीखने की आवाज कानों में गूंजने लगती है। आज वही स्थिति कोरोना काल का मुंगेर में चल रहा है। यदि जनता अब भी नहीं समझा तो भयावह स्थिति होगी। जिले में अब कोरोना ने भयावह रुप दिखाना आरंभ कर दिया है। और समय रहते संभलने की जरूरत है। अब स्थिति यह है कि कार्यालय कर्मी भी पॉजिटिव होने लगे हैं । मंगलवार को वहां एक साथ 30 कोरोना पॉजिटिव जिले में मिलने से हड़कंप मच गया है। आयुक्त कार्यालय मुंगेर में एक कर्मी मौत एवं दो कर्मी के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद कार्यालय को 8 जुलाई से लेकर 12 जुलाई तक सील कर दिया गया है एवं सभी कार्य पर रोक लगा दी गई है। इसके बावजूद शहर के लोग मानने को तैयार नहीं है और बिना मास्क के शहर में भ्रमण कर रहे हैं । इससे स्थिति भयावह हो सकती हैंं। बताते चलें कि एक प्रसिद्ध महिला चिकित्सक भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई तथा बीजेपी के 20 नेता कोरोना पॉजिटिव पाए जाने से पूरे भाजपा खेमा में हड़कंप मच गया है। यह मामला तब आया जब इसके पूर्व वर्चुअल बैठक की गई थी । इसके साथ ही इस चैन को तोड़ने में और जांच में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के पसीने छूटेंगे । आखिर वर्चुअल बैठक में क्या व्यवस्था थी। यह भी गंभीर मामला है।

किशोरों को विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी प्राप्त करने के लिए करें प्रोत्साहित कोरोना बच्चों एवं किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य को कर सकता है बाधित, सतर्कता जरुरी निमहांस ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जारी की विस्तृत मार्गदर्शिका परिवार के किसी सदस्य के क्वारंटाइन होने पर बच्चे एवं किशोर हो सकते हैं परेशान मुंगेर / 8 जुलाई: विगत 4 महीनों से लोगों के मन में कोरोना को लेकर असुरक्षा की भावना में अधिक बढ़ोतरी हुयी है. ऐसा नहीं है कि पहले कोई महामारी नहीं थी. प्लेग, हैजा,स्पेनिश फ्लू, एशियाई फ्लू, सार्स (SARS), मर्स (MERS) एवं इ-बोला (Ebola) जैसी महामारी ने पूर्व में भी वैश्विक स्तर पर लोगों को प्रभावित किया है. लेकिन कोविड-19 की महामारी बिल्कुल अलग पैमाने पर है. इसने पूरी दुनिया में दहशत पैदा कर दी है. वैश्विक स्तर पर निरंतर किये जा रहे प्रयासों के बाद भी कोविड-19 का सटीक उपचार उपलब्ध नहीं होने से लोगों के मन में निरंतर डर की भावना बढ़ रही है, जिससे उनका मानसिक स्वास्थ्य गंभीर रूप से बाधित हो रहा है. इसको लेकर मानसिक स्वास्थ्य पर कार्य करने वाली संस्था निमहांस( नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज, बैंगलोर) ने कोरोना संक्रमण काल में लोगों के बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने की दिशा में समुदाय के सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए मार्गदर्शिका जारी की है. ऑडियो पर क्लिक कर सुने पूरी खबर श्रोताओं 9278701369 पर मिस कॉल कर स्वास्थ्य, पोषण कोविड 19 और जिले की हर छोटी बड़ी खबर सुने और 3 नंबर का बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी साझा करे। यदि आप समार्टफोन उपयोगकर्ता है! तो मोबाईल वाणी एप्प् प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को एप्प् पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी रिकार्ड करे। धन्यवाद

सच का दम अभियान के तहत क्रोन टाइम सेंटर से स्वस्थ होकर लौटे मरीज से विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक कर पूरी खबर को सुनें और बने रहे मोबाइल वाणी के साथ आपका अपना सामुदायिक मीडिया चैनल सबसे आगे सबसे पहले हर पल पल की खबरें सुनें 092787 01369 पर मिस कॉल कर जिले का हर छोटी बड़ी खबर को सुनें और तीन नंबर का बटन दबाकर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया साझा करें यदि आप स्मार्टफोन उपयोग करता है तो मोबाइल वाणी ऐप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को ऐप पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबाकर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया रिकॉर्ड करें।

शहर में कोरोना महामारी तेजी से बढ़ रही है । जिस के लेपेट मे परिवार न्यायालय के कार्यालय कर्मचारी भी आ गये । जिसकी पुष्टि सोमवार को हुई । खबर मिलते ही दहशत की स्थिति बन गई और तत्काल ही परिवार न्यायालय की कार्यवाही को बंद कर दिया गया और लोग बाहर निकले । वहीं, छः सुरक्षा कर्मी परिवार न्यायालय में मुस्तैद थे जो सहमें हुए नजर आ रहें थे। आदेश के बाद वे लोग भी निकल गए। तत्काल ही परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश परशुराम सिहं यादव ने प्रभारी जिला जज को इसकी सूचना दी फिर इसकी सूचना पटना उच्च न्यायालय को दी गई। गौरतलब हो की शनिवार को सिविल कोर्ट में चर्चा थी की दो कोर्ट कर्मी कोरोना से ग्रसित हो गए हैं । अधिवक्ताओं भी दहशत में थे। कही वे तो उन कर्मी के सम्पर्क में नही आए हैं ।वहीं,मंगलवार से परिवार न्यायालय को बंद कर दिया गया है ।कोरोना ग्रसित परिवार न्यायालय के कर्मी सिविल कोर्ट एवं विधिज्ञ संघ में आते -जाते थे इस वजह से अघिवक्ता एवं कर्मचारियों दहशत में है।बताते चले की परिवार न्यायालय की सुरक्षा में बिहार महिला पुलिस के दो जवान तथा बीएमपी -9 के तीन महिला जवान सहित एक जमादार हैं । सुरक्षाकर्मी महिला काफी दहशत में थी।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

आयुक्त कार्यालय चार दिनों के लिए हुआ बंद।