1934 भूकंप के बाद फिर से भयावह स्थिति होने वाली है मुंगेर की। मुंगेर । सन् 1934 भूकंप के नाम लेते ही बुजुर्ग का देह सिहर जाता है और मातमी सन्नाटा एवं चीखने की आवाज कानों में गूंजने लगती है। आज वही स्थिति कोरोना काल का मुंगेर में चल रहा है। यदि जनता अब भी नहीं समझा तो भयावह स्थिति होगी। जिले में अब कोरोना ने भयावह रुप दिखाना आरंभ कर दिया है। और समय रहते संभलने की जरूरत है। अब स्थिति यह है कि कार्यालय कर्मी भी पॉजिटिव होने लगे हैं । मंगलवार को वहां एक साथ 30 कोरोना पॉजिटिव जिले में मिलने से हड़कंप मच गया है। आयुक्त कार्यालय मुंगेर में एक कर्मी मौत एवं दो कर्मी के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद कार्यालय को 8 जुलाई से लेकर 12 जुलाई तक सील कर दिया गया है एवं सभी कार्य पर रोक लगा दी गई है। इसके बावजूद शहर के लोग मानने को तैयार नहीं है और बिना मास्क के शहर में भ्रमण कर रहे हैं । इससे स्थिति भयावह हो सकती हैंं। बताते चलें कि एक प्रसिद्ध महिला चिकित्सक भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई तथा बीजेपी के 20 नेता कोरोना पॉजिटिव पाए जाने से पूरे भाजपा खेमा में हड़कंप मच गया है। यह मामला तब आया जब इसके पूर्व वर्चुअल बैठक की गई थी । इसके साथ ही इस चैन को तोड़ने में और जांच में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के पसीने छूटेंगे । आखिर वर्चुअल बैठक में क्या व्यवस्था थी। यह भी गंभीर मामला है।
