नरेश आनंन्द
सावन के पावन माह में राजन कुमार कर रहे हैं बाबा भोलेनाथ के गीत की शूटिंग मुंगेर फ़िल्म डायरेक्टरी के कवर लांचिंग के बाद से स्थानीय कलाकारों में बहुत ज्यादा जोश है। और यही वजह है कि आज श्रावण के पावन माह में बाबा मुकेशानंद जी के साथ, उनके सहयोग से भोले बाबा नाथ के गीत का फिल्माकंन मुंगेर में चल रहा है, भारत के जाने-माने एवं बिहार आइकन हीरो राजन कुमार का इस गाने में मुख्य किरदार है। इसमे साक्षात गुरु जी अपना कीमती समय निकाल कर आए। मुंगेर के सबसे मनोरम स्थान ऋषिकुंड में, जहां तीन लेयर्स के पहाड़ों का एक खूबसूरत संगम जैसा है, ऐसी बेहतरीन लोकेशन में कैमरामैन संजीत कुमार संगम इस गीत को भव्य ढंग से कैमरा में कैद कर रहे हैं। इसमें राजन कुमार सहित कई कलाकार काम कर रहे हैं। डायरेक्टर नीतीश कुमार गुंजन, मेकअप आर्टिस्ट पिंटू कुमार मंडल, साथ ही सदकर्माश्रम से आए हुए बाबा मुकेशानंद जी के शिष्य, अंकित कुमार, ऎक्ट्रेस मेघा राय क्वीन, पियूष कुमार (प्रोडक्शन), नन्दन कुमार इस गाने से जुड़े हुए हैं। इस गाने को तैयार करवाने में चन्दन यादव का काफी सहयोग है। आज की शूटिंग में राजन कुमार सहित तमाम स्थानीय कलाकारों ने बेहतरीन अभिनय का प्रदर्शन किया। इस गीत का नाम है "जटा में गंगा माथे पर चंदा जोगी भेष बनाया है"। इसके लिरिक्स राईटर और कम्पोज़र पुनीत पुकर हैं, सिंगर पुनीत पुकर हैं और संगीत अमित दुलारा का है। राजन कुमार ने बताया कि आप सभी को श्रावण माह की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। यह सावन का महीना है और हम सब भोले बाबा का गीत फिल्मा रहे हैं। आशा करता हूं कि इस गाने को ज्यादा से ज्यादा प्यार मिले, बाबा का आशीर्वाद मिले और आप सब पर बाबा की कृपा बना रहे। इस शूटिंग में सभी पुलिसकर्मियों, पत्रकारों का पूरा सहयोग रहा है। राजन कुमार के प्रति बेशुमार प्यार नजर आया।
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सौरव कुमार
बिहार राज्य के जिला मुंगेर से उदय कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि चार माह पहले ये मोबाइल वाणी के माध्यम से कोरोना का टीका ले लिए है
संजय कुमार ग्रामीण
गर्भस्थ शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए माँ से जुड़ी गर्भनाल की सुरक्षा जरूरी - गर्भनाल के संक्रमण से नवजात को हो सकता है नुकसान, रहें सतर्क | गर्भावस्था के दौरान गर्भस्थ शिशु के सम्पूर्ण विकास की जिम्मेदारी उसकी माँ के साथ जुड़ी गर्भनाल पर होती है। जिसके माध्यम से गर्भस्थ शिशु को प्रसव से पहले तक सम्पूर्ण आहार मिलता है। जन्म के बाद भी कुछ समय तक यह गर्भनाल शिशु से जुड़ा रहता है। इसलिए, यह लाजिमी है कि गर्भनाल के खुद से सूख कर गिरने तक इसे संक्रमित होने या टूटने से बचाया जाए। इसके साथ ही गर्भनाल की सफाई और बेहतर देखभाल का ध्यान रखा जाए, अन्यथा गर्भनाल में संक्रमण फैलने की संभावना काफी बढ़ जाती है, जो नवजात के लिए मृत्यु का भी कारण भी बन सकता है। - गर्भस्थ शिशु समुचित विकास के लिए गर्भनाल की देखभाल जरूरी: सदर अस्पताल मुंगेर स्थित प्रसव गृह में कार्यरत डॉ. मंजुला रानी मंडल ने बताया कि गर्भनाल की समुचित देखभाल बहुत ही जरूरी होती है। शिशु जन्म के बाद नाल के ऊपर से किसी भी प्रकार के तरल पदार्थ या क्रीम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। नाल को सूखा रखना जरूरी होता है। बाहरी चीजों के इस्तेमाल से संक्रमण की संभावना काफी बढ़ जाती है। सदर अस्पताल में नियुक्त सभी स्वास्थ्य कर्मी विशेष कर प्रसव कक्ष से जुड़ी जीएनएम, एएनएम नर्स एवं चिकित्सक इसके लिए पूरी तरह प्रशिक्षित हैं तथा वो प्रसवोपरांत माताओं को इन सब बातों की जानकारी बारीकी से देती हैं। - क्यों हैं गर्भनाल सुरक्षा प्रबंधन आवश्यक : केयर इंडिया मुंगेर की डीटीओएफ डॉ. नीलू ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार नवजात मृत्यु की संभावना जन्म के पहले माह की अपेक्षा आगे आने वाले महीनों में 15 गुना कम होती है। पांच साल से अंदर बच्चों की लगभग 82 लाख मौतों में 33 लाख मौतें जन्म के पहले महीने में ही होती है। जिसमें लगभग 30 लाख मृत्यु पहले सप्ताह एवं 2 लाख मृत्यु जन्म के ही दिन हो जाती है। जन्म के शुरुआती सात दिनों में होने वाली नवजात मृत्यु में गर्भनाल संक्रमण भी एक प्रमुख कारण होता है। - बेहतर गर्भनाल सुरक्षा प्रबंधन के लिए इन बातों का रखें ख्याल : प्रशिक्षित चिकित्सक द्वारा प्रसवोपरांत नाल को बच्चे और माँ के बीच दोनों तरफ से नाभि से 2 से 4 इंच की दूरी रखकर काटी जाती है। बच्चे के जन्म के बाद इस नाल को प्राकृतिक रूप से सूखने देना जरूरी है। जिसमें 5 से 10 दिन लग सकते हैं। शिशु को बचाने के लिए नाल को हमेशा सुरक्षित और साफ रखना आवश्यक है ताकि संभावित संक्रमण को रोका जा सके। - लक्षणों पर दें ध्यान तो बनी रहेगी शिशु की मुस्कान : उन्होंने बताया कि किसी कारणवश शिशु के गर्भनाल या उसके आस पास ऐसे लक्षण दिखें तो बिना देर किए तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या किसी अनुभवी शिशु विशेषज्ञ की परामर्श लेना आवश्यक है । - गर्भनाल के आसपास की त्वचा में सूजन या लाल हो जाना - नाल से दुर्गंध युक्त द्रव का बहाव होना - शिशु के शरीर का तापमान असामान्य होना - नाल के पास हाथ लगाने से शिशु का दर्द से रोना ।
उब्भी वनवर्षा गांव में एक सप्ताह पूर्व आई तेज आंधी बारिश के कारण विद्युत तार पर गिरे पेड़ के कारण सड़क पर पोल और ट्रांसफार्मर आ गिरा। इसके बाद स्थानीय ग्रामीण एवं उपभोक्ताओं ने ट्रांसफार्मर गिरने की सूचना विद्युत विभाग के कर्मियों को दी। लेकिन सड़क पर गिरे ट्रांसफार्मर को दुरुस्त करने की दिशा में विद्युत विभाग के कोई कर्मी या अधिकारी अब तक पहल तक नहीं किए हैं। आलम यह है कि सड़क पर ट्रांसफार्मर गिरे होने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। साथ ही उक्त ट्रांसफार्मर से मिलने वाले लगभग 60 घरों के विद्युत उपभोक्ताओं को 1 सप्ताह से विद्युत आपूर्ति ठप है। जिसे लेकर उपभोक्ताओं में विद्युत विभाग के प्रति आक्रोश है। उक्त ट्रांसफार्मर से पश्चिम टोला उब्भी बनबर्षा के सभी ग्रामीणों को विद्युत आपूर्ति की जाती थी। लेकिन सप्ताह भर से ट्रांसफार्मर से विद्युत आपूर्ति ठप है। जबकि ट्रांसफार्मर गिरने की सूचना ग्रामीणों के द्वारा विद्युत विभाग को उपलब्ध करा दी गई है। ग्रामीणों ने अविलंब गिरे ट्रांसफार्मर को दुरुस्त करने की मांग अधिकारियों से की है।
जिला मत्स्य कार्यालय, मुंगेर में सुरक्षित जमा निर्धारण समिति की बैठक उप मत्स्य निदेशक की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। बैठक में अस्थाई परता घोषित अन्य प्रस्तावित विषयों पर विस्तार से जानकारी देते हुए सदस्य सचिव जिला मत्स्य पदाधिकारी सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, मुंगेर ने बताया कि वर्ष 2020-21में अंचल के कुल 12 मत्स्य जलकरो का अस्थाई परता घोषित करने हेतु समिति के समक्ष प्रस्ताव रखा गया जिसके आलोक में अबंदोवस्त जलकरो का अल्पकालीन बंदोबस्ती हेतु सीमित/खुली डाक से सूचना और प्रचार-प्रसार किया जाय जिसके तहत मुंगेर अंचल स्थित दो जलकर जिसमें एक मुंगेर फोर्ट मोट दक्षिण भाग एवं फोर्ट मोट उत्तरी भाग सहित धरहरा अंचल के दो तालाब, संग्रामपुर अंचल के कुल 12 तालाबों का खुली डाक के माध्यम पुन: निविदा आमंत्रित कराया गया जिसमें एक भी व्यक्ति निविदा में भाग नहीं लिया गया ,जिसे लेकर क्षेत्रिय प्रभारी द्वारा जाँच कराई गई जाँच प्रतिवेदन आज की बैठक मे पटल पर रखा गया जिसमें कुछ अबंदोवस्त कुल 12 मत्स्य जलकरो के कारणों का उल्लेख किया गया जिसके आलोक में अस्थाई परता घोषित करने का निर्णय लिया गया ,बैठक में सरकार द्वारा मनोनीत मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिoके प्रतिनिधि सदस्य मंटू शर्मा एवं प्रगतिशील मत्स्य पालक प्रतिनिधि सदस्य बटेश्वर प्रसाद सिंह मुख्य रूप से उपस्थित थे।
*लाइन काटने और जेल भेजने की धमकी देकर चाइनीज प्रीपेड मीटर लगाना बर्दाश्त नहीं - केशरी* बिजली विभाग और एजेंसी के लोगों द्वारा लाइन काटने, जेल भेजने, केस करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने की धमकी देकर दहशत पैदा कर जबरदस्ती चाइनीज स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के खिलाफ एनसीपी श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी के नेतृत्व में शहीद स्मारक से एक मौन जुलूस निकालकर जिला पदाधिकारी कार्यालय का घेराव किया गया। डीएम कार्यालय का घेराव करते हुए एनसीपी श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी ने आक्रोशित शब्दों में कहा कि बिजली विभाग दहशत फैलाकर चाइनीज प्रीपेड मीटर लगाने से बाज आए नहीं तो जनाक्रोश को संभालना मुश्किल हो जाएगा। युवा कांग्रेसी नेता चन्दन कुमार सिंह ने कहा कि चाइनीज स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाकर दुश्मन देश चीन को आर्थिक लाभ पहुंचाने वालों पर देशद्रोह का मुकदमा होना चाहिए। मो० शाहनवाज़ ने कहा कि कोरोना से तबाह गरीब-गुरुवा को छह महीने तक मुफ्त बिजली देने की बजाय नीतीश सरकार खून चूसने में लगी हुई है। अधिवक्ता यशवंत सिंह एवं सखीचंद यादव ने कहा कि चाइनीज स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने से बिजली उपभोक्ताओं को लगभग एक हजार रुपए प्रति माह का खर्च नाजायज तरीके से बढ़ जाएगा जो कि बर्दाश्त से बाहर है। महिला नेत्री सोनी सिन्हा, बीना देवी, किरण देवी एवं बेबी देवी ने कहा कि चीन के कोरोना के कारण तो घर चलाना मुश्किल हो गया है अब चाइनीज प्रीपेड मीटर कैसे लगायेंगे। डीएम कार्यालय के घेराव के पश्चात एनसीपी नेता संजय केशरी के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल जिला पदाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा तथा कहा कि डीएम के नेतृत्व में विद्युत अधीक्षण अभियंता एवं सभी राजनीतिक, व्यवसायिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक कर विवाद के बिन्दुओं का समाधान करने के बाद ही मीटर लगाने का काम शुरू किया जाय। जुलूस सह घेराव कार्यक्रम में वरीय नेता अजय प्रसाद सिंह, सत्यनारायण साह, शंकर यादव, बबलु गुप्ता, मनीष साह, राजेंद्र साह, रतन सिन्हा, निरंजन गुप्ता, चन्दन गुप्ता, शोभा देवी, रुक्मिणी देवी, श्याम कुमार साह, मो० सलाम, मो० तनवीर अख्तर, दिनेश तांती एवं अजय सिन्हा सहित अनेकों कार्यकर्ता शामिल थे।
