गुरुवार को जिला परिषद अध्यक्ष रामचरित्र मंडल की अध्यक्षता में जिला परिषद सभागार में सरकार के निर्देशानुसार परामर्श समिति की बैठक आयोजित की गई जिसमें जिला परिषद सदस्य ने भाग लिए और बैठक को सफल बनाएं उपस्थित जिला परिषद सदस्य दुर्गेश सिंह, संजय सिंह, पिंकी देवी, के साथ अन्य सदस्य उपस्थित थे
प्रखंड के फिलिप उच्च विद्यालय व विभिन्न टीकाकरण केंद्रो पर आज एक हजार सात सौ पचास लोगों का टीकाकरण किया गया। इस आशय की जानकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरियारपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विजय कुमार ने बताया कि गुरुवार को 18 प्लस व 45 प्लस दोनों समूह के लोगों को फिलीप उच्च विद्यालय बरियारपुर, रामजानकी ठाकुरवाड़ी रतनपुर, बरियारपुर नवयुवक पुस्तकालय,अतिरिक्त स्वास्थ्य उपकेंद्र कल्याणपुर करहरिया, पंचायत भवन करहरिया पूर्वी,अतिरिक्त स्वास्थ्य उपकेंद्र खड़िया व आदि जगहों पर शिविर लगाकर एक हजार सात सौ पचास लोगों का टीकाकरण हुआ।टीकाकरण में जनसैलाब उमड़ पड़ा लोगों की भीड़ के सामने सरकारी व्यवस्था अपर्याप्त दिखी।
"सर्वहारा के महान नेता युवा संगठन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन के संस्थापक, शिक्षक, पथ प्रदर्शक इस युग के अग्रणी मार्क्सवादी चिंतन कार के स्मृति दिवस के अवसर पर "शिवदास घोष" के 45वें स्मृति दिवस पर गुरुवार को मुंगेर नौवागढ़ी स्थित पार्टी के जिला कमेटी सदस्य रविंद्र मंडल के घर पर आयोजित किया गया। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन के राज्य सदस्य विकास कुमार ने कहा कि शिवदास घोष कम उम्र में क्रांतिकारी आंदोलन में शामिल होकर उन्होंने पूंजीवादी व्यवस्था का विरोध किया।उनका मानना था कि देश में गरीबी बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महिलाओं पर अपराध रोकना साम्यवादी व्यवस्था से ही संभव है। मौके पर जिला कमेटी सदस्य रविंद्र मंडल ने कहा आज पूरा देश के युवा नौजवान बेरोजगारी के दलदल में आकंठ डूब चुके हैं इसके खिलाफ जबरदस्त जन आंदोलन विकसित करने की जरूरत है जिसके लिए 9 अगस्त को पूरे देश के विभिन्न राज्यों एवं जिलों में बेरोजगारी के खिलाफ रोजगार की मांग, "देश भर में सभी रिक्त पदों पर अभिलंब बहाली करो नहीं तो केंद्र सरकार गद्दी छोड़ो" आदि कई नारे लगाए, AIDYO के साथी देवानंद मंडल ने भी अपने विचार रखे। संचालन व संयोजन जिला कमेटी सदस्य पंकज प्रीतम ने किया शिवदास घोष के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए एवं बेरोजगारी के खिलाफ संघर्ष का जयघोष कीl कार्यक्रम में मौजूद धर्मेंद्र कुमार, सुभाष कुमार, दीपांकर गौतम, सूरज कुमार, अरविंद कुमार, विनोद कुमार, गुड्डू , दिनेश पटेल, राजेंद्र गुप्ता, पिंटू कुमार, गौरी कुमारी, विभा कुमारी, विजय कुमार, आदि दर्जनों साथी मौजूद रहेl
धरहरा (संवाददाता):-जल जीवन हरियाली के सफल क्रियान्वयन को लेकर प्रखंड स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित की गई । गुरुवार को आयोजित प्रखंड स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता धरहरा बीडीओ मृत्युंजय कुमार ने किया । मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी रामानुज कुमार ने कहा कि प्राकृतिक धरोहर को बचाने के लिए मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट योजना "जल जीवन हरियाली" के सफल क्रियान्वयन से तालाब ,आहर , चैकडैम्प का निर्माण तीव्र गति से किया जाना है तभी प्राकृतिक धरोहर सुरक्षित रहेगी जिसको लेकर उन्होने परामर्शदात्री समिति से अपने- अपने पंचायत मे सर्वे कर सूचि उपलब्ध कराने को कहा ताकि एक एकड़ से बडा़ तालाब,आहर , पैन ,चैकडैम्प का निर्माण एवं जीणोद्धार लघु सिंचाई विभाग द्वारा अतिशीघ्र प्रारंभ हो सके एवं "जल जीवन हरियाली" योजनाओ से प्राकृतिक जल स्त्रोत को संरक्षित के साथ ही पर्यावरण सुरक्षित रखने की सरकार के लक्ष्य को रेखांकित किया । बीडीओ मृत्युंजय कुमार ने जनप्रतिनिधियो को सरकार के द्वारा चलाई जा रही "जल जीवन हरियाली" योजना के सफल क्रियान्वयन मे सहयोग प्रदान करने की अपील किया ।बैठक मे लघु सिचाई विभाग मुँगेर के सहायक अभियंता पंकज कुमार , कनीय अभियंता अलख कुमार सहित योजना से जुडे़ पदाधिकारी एवं परामर्शदात्री समिति के जनप्रतिनिधि मौजूद थे ।
विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लिए बिना नवजात शिशु को ऑक्सीटोसिन की दवा देना हो सकता है नुकसानदेह - स्वास्थ्य विभाग मुंगेर के द्वारा लोगों को लगातार दी जा रही सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराने की सलाह - गांवों में भी प्रसव कराने के लिए दाई या स्थानीय ग्रामीण चिकित्सकों पर नहीं रहें निर्भर मुंगेर, 05 अगस्त| प्रसव एक प्राकृतिक प्रक्रिया होती है । चिकित्सकीय परामर्श इस प्रक्रिया को सरल बनाने में सहयोग प्रदान करता है लेकिन यदि प्रसव को समय से पहले प्रेरित करने के लिए ऑक्सीटोसिन जैसे इंजेक्शन का प्रयोग किया जाए तो यह जन्म लेने वाले शिशु के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कि गांवों में प्रसव कराने वाली दाई एवं स्थानीय ग्रामीण चिकित्सकों की सलाह पर प्रसूति को ऑक्सीटोसिन का इंजेक्शन दिए जाने से जन्म लेने वाले शिशु को दम घुटने की गंभीर समस्या हो सकती है| जिसे चिकित्सकीय भाषा में एस्फिक्सिया के नाम से जाना जाता है। एस्फिक्सिया के कारण बच्चे को गंभीर रूप से सांस लेने में तकलीफ़ होती है। इससे नवजात की मृत्यु तक हो सकती है। एस्फिक्सिया नवजात मृत्यु दर का प्रमुख कारण : केयर इंडिया मुंगेर की डीटीओएफ डॉ. नीलू ने बताया कि एस्फिक्सिया नवजातों में मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। राज्य में लगभग 44% नवजातों की मृत्यु एस्फिक्सिया के कारण होती है। ऑक्सीटोसिन का गलत तरीके से इस्तेमाल करने के कारण एस्फिक्सिया होने की संभावना बढ़ जाती है। ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल यूटरस के संकुचन के लिए किया जाता है। खासकर प्रसव के बाद अत्याधिक रक्तस्राव रोकने के लिए ही ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। लेकिन समुदाय स्तर पर दाई या कुछ स्थानीय ग्रामीण चिकित्सकों द्वारा प्रसूति को प्रसव दर्द से छुटकारा दिलाने एवं शीघ्र प्रसव कराने के उद्देश्य से इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके कारण एस्फिक्सिया के मामलों में निरंतर वृद्धि देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का प्रयोग प्रसव के दौरान करने से पहले विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह जरूरी है। ऑक्सीटोसिन के दुरुपयोग रोकने से एस्फिक्सिया के मामलों में जरूर कमी आएगी। इसके साथ ही इससे नवजात मृत्यु दर को भी रोकने में सहयोग मिलेगा। क्या नहीं करें : - घर पर प्रसव कभी नहीं करायें - प्रसव के विषय में दाई या स्थानीय ग्रामीण चिकित्सकों से कोई सलाह नहीं लें - बिना चिकित्सकीय परामर्श के ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल नहीं करें - प्रसव में शीघ्रता के लिए चिकित्सक पर दबाब नहीं बनाए क्या करें: - संस्थागत प्रसव ही करायें - नियमित रूप से 4 प्रसव पूर्व जाँच जरूर करायें - क्षेत्रीय कार्यकर्ता, दाई या स्थानीय ग्रामीण चिकित्सक यदि ऑक्सीटोसिन इस्तेमाल के लिए कहे तब तुरंत चिकित्सक की सलाह लें इसलिए जरूरी है एस्फिक्सिया से नवजात का बचाव: उन्होंने बताया कि विगत कुछ वर्षों में राज्य में शिशु मृत्यु दर एवं 5 साल तक के बच्चों के मृत्यु दर में कमी आयी है। लेकिन अभी भी राज्य में 28 दिनों तक के नवजात का मृत्यु दर( नवजात मृत्यु दर) पिछले कुछ सालों से स्थिर है। इसमें महत्वपूर्ण कमी नहीं आई है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे के अनुसार बिहार में वर्ष 2010 में नवजात मृत्यु दर 31(प्रति 1000 जीवित जन्म) थी, जो वर्ष 2017 में घटकर केवल 28 ही हुयी। आंकड़ों से ज्ञात होता है कि विगत 7 वर्षों में नवजात मृत्यु दर में बेहद कम कमी आयी है। यदि एस्फिक्सिया से होने वाली मौतों में कमी आएगी तब नवजात मृत्यु में भी कमी आएगी। इसके लिए ऑक्सीटोसिन इस्तेमाल के प्रति आम जनों की जागरूकता भी जरूरी है।
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बिहार राज्य के मुंगेर जिले से नीतू सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से यह कहती हैं कि वह मजदूरी का काम करती हैं। उन्होंने बताया कि राशन कार्ड के लिए उन्होंने फॉर्म को भरा था। लेकिन अधिकारीयों द्वारा जनगणना करने की बात को कहकर राशन कार्ड नहीं बनाया है।
जिला राष्ट्रीय जनता दल,मुंगेर मुंगेर प्रमंडलीय मुख्यालय में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए वर्षों से आंदोलन व संघर्ष करते आ रहे हैं।बिहार के सभी प्रमंडलीय मुख्यालय में सरकार मेडिकल कॉलेज अस्पताल खोल चुकी है तथा खोलने का अनुशंषा कर चुकी है पर मुंगेर में एक सोची समझी साजिश के तहत मेडिकल कॉलेज अस्पताल खोलने के लिए बिहार की डबल इंजन सरकार लगातार जमीन अधिग्रहण का बहाना बनाकर मुंगेर के साथ सौतेला व्यवहार करते आ रही है। ज्ञात हो कि 2 वर्ष पूर्व बिहार के मुख्यमंत्री ने पोलो मैदान से घोषणा किये थे कि जिला प्रशासन एवँ मुंगेर के सांसद ,विधायक अगर जमीन उपलब्ध करा दे तो मुंगेर में भी सरकार मेडिकल कॉलेज अस्पताल खोल देगी। मुख्यमंत्री का यह बयान खुद में मुंगेर के लोगों के साथ झूठ का पुलिंदा अथवा यहाँ के लोगों को बरगलाने वाला बयान था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी एवँ यहाँ के स्थानीय सांसद खुद बिहार एवँ केंद्र की सत्ता पे काबिज हैं।जिला प्रशासन उनके एक इशारे पर मिनटों में जमीन उपलब्ध करा देगा।बशर्ते सरकार एवँ यहाँ के स्थानीय सांसद की मंशा सही हो। इसी सब मामले को लेकर राजद के जिला अध्यक्ष डॉ देवक़ीननदन सिंह,जिला उपाध्यक्ष संजय पासवान,वरीय नेता नरेश सिंह यादव,प्रवक्ता मंटू शर्मा एवँ जिला महासचिव सह मीडिया प्रभारी गजेंद्र कु हिमांशु उर्फ अरविंद ने जिला अधिकारी मुंगेर से मिलकर मुंगेर में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जमीन अधिग्रहण के जमीनी हकीकत की लेकर साथ हीं मुंगेर के विकास से सम्बंधित तथा जनसरोकार के मुद्दे पर 16 सूत्री माँगो का ज्ञापन दिया तथा इस विषय पर विस्तार पूर्वक चर्चा कियें। जिला अधिकारी मुंगेर से जो मेडिकल कॉलेज अस्पताल एवँ विश्वविद्यालय के लिए जमीन अधिग्रहण सम्बंधित जानकारी साझा किया उससे जिला राजद के नेताओं ने असहमति जताई तथा नेताओं ने कहा कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल एवँ विश्वविद्यालय के लिए जो भी जमीन को चिन्हित किया जाय व हर हीं हाल में मुंगेर मुख्यालय से 10 किलोमीटर के रेंज में होना चाहिए। साथ हीं सौपें गए ज्ञापन में जो अन्य विषयों का सवाल है उसको लेकर भी जिला अधिकारी मुंगेर से अपने स्तर से बिहार एवँ केंद्र सरकार तक जो भी दिक्कत है उसे जल्द से जल्द दूर करने का आग्रह किया है जिला अधिकारी नवीन सिंह से शिष्मण्डल को सभी विषयों पर बिंदुवार समाधान का अस्वासन दिया।
गुरुवार को मुंगेर जिले में एक भी संक्रमित मरीज नहीं मिले इसकी जानकारी सिविल सर्जन डॉक्टर हरेंद्र कुमार आलोक ने दिए उन्होंने बताया कि एक भी संकरित मरीजों की संख्या गुरुवार को नहीं पाया गया
गुरुवार को सदर प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में कोविड-19 का टीका टीकाकरण सेंटर पर पहुंचा लोगों में काफी खुशी की लहर दिखी लोगों कीभीर उमर पड़ी लोग समय से पहले टीकाकरण सेंटर पर जाकर खड़े हो गए स्वास्थ्य कर्मी के पहुंचते ही लोग टीका लेने हेतु उत्सुक हो गए वही स्वास्थ्य कर्मी द्वारा पहले आधार वेरीफाई किया गया तत्पश्चात लोगों को टीका लगाया गया आधार वेरीफाई होने में थोड़ी परेशानी आ रही थी इससे लोगों को लग रहा था कि मेरा कार्य देर से किया जा रहा है और लोग शोरगुल भी करने लगे इसको देखते हुए स्वास्थ्य कर्मी द्वारा स्थानीय थाना को सूचना दिया गया और शांतिपूर्ण कार्य हेतु पुलिस बल को बुलाई गई ताकि किसी प्रकार की कोई कठिनाई ना हो और टीकाकरण कार्य शांतिपूर्ण हो
