कोरोना महामारी और उसके बाद सम्पूर्ण भारत में ताला बंदी संगठित व असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए कहर बरपा रही है, प्रवासी श्रमिक जो देश के नागरिक भी हैं अपने आँखों में उम्मीद लिए अपनों से मिलने की आस में थके हारे घर पहुँच तो गए लेकिन पहुँचने के बाद भी परेशानी पीछा नहीं छोडती नज़र आई। आप में से बहुत से शर्मिक ऐसे होंगे जिन्हें अपने घर पर ही 14 दिनों के लिए कोरनटाईन में रहने का सलाह दिया होगा और आपके लिए भी राशन कार्ड और खाद्यान्न मिलना सुनिश्चित होना चाहिए, लेकिन क्या सच में आप को इन सभी सुविधाओं का लाभ मिला? क्या अब तक आपको मनरेगा में काम मिला और राशन उपलब्ध कराया गया या राशन की दुकान से आपने राशन प्राप्त किया? काम और राशन न मिलने की मुख्य वजह क्या रही हैं? हम यह भी जानते हैं की आपको इनके इसके अलावा और भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रह रहा होगा तो इन परेशानियों को अपने आप तक न रखें , मोबाइल वाणी पर साझा करें, 3 नम्बर दबाकर रिकॉर्ड करें
डीएम इनायत खान निर्देशो के आलोक में आत्म निर्भर भारत के तहत जिले में आने वाले सभी प्रवासी श्रमिको को मुफ्त में खाद्यान्न दिया जायेगा। कोविड 19 से उत्पन्न वैश्विक महामारी के कारण दुसरे राज्यों से वापस आने वाले सभी प्रवासी श्रमिको को आत्म निर्भर भारत के तहत दो माह मई और जून में प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 कि0 ग्रा0 निःशुल्क खाद्यान्न (चावल) उपलब्ध कराने के लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी, शेखपुरा को निदेशित किया गया है। इसके लिए सरकार के द्वारा जिला में खाद्यन्न उपावंटित किया गया है।कोविड 19 के व्याप्त महामारी के कारण प्रवासी श्रमिको के सामने रोजी-राटी की समस्या उत्पन्न न हो और प्रवासी श्रमिको के बीच असुरक्षा की भावना को दुर करने के लिए इस योजना के तहत अविलम्ब खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। जिस प्रवासी नागरिक को राशन कार्ड नहीं है। उन्हे इस योजना से दो माह तक अनाज दिया जायेगा। अभी तक जिला में 8658 प्रवासी नागरिका जिले में पहूॅंच चुके है। सभी प्रवासी नागरिको का पूर्ण निबंधन कराकर एक्सेल सीट में तैयार किया गया है। डीएम ने कहा है कि आत्म निर्भर भारत के तहत प्रवासी श्रमिको की पहचान, खाद्यन्न का उपावंटन एवं वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही एवं शिथिलता नहीं करने का सक्त निर्देश है। इसके बावजुद यदि किसी स्तर के अधिकारियों एवं डिलरो के द्वारा लापरवाही एवं शिथिलता की जायेगी तो विधि सम्मत कठोर कार्रवाई की जायेगी।
बृहस्पतिवार को प्रखंड के मध्य विद्यालय हुसैनाबाद क्वारंटाइन केंद्र में रह रहे प्रवासी कामगारों ने सेंटर में कुव्यवस्था को लेकर घँटों रोड जाम किया।जिससे शेखपुरा -महुली मुख्य मार्ग पर घण्टों रोड जाम होने के कारण कुछ समय के लिए आवागवन रुक गया । रोड जाम कर रहें प्रवासी मजदूरों ने बताया कि हमलोगों को खाना,नाश्ता, पानी का बहुत दिक्कत हो रहा है । इस सम्बन्ध में कई वार कहा गया लेकिन कोई नहीं सुना । इस लिए हमलोगों को रोड पर आना पड़ा । इस क्वारंटाइन केंद्र पर प्रखंड के ही विभन्न गाँवों के प्रवासी मजदुर रह रहें हैं ।इस बाबत सीओ प्रभात रंजन ने बताया कि बिजली की समस्या की वजह से थोड़ा दिक्कत हुई । उन्होंने बताया कि जबकि सुबह आठ बजे सूखा नास्ता लोग करने से इंकार कर दिया । प्रवासी मजदूरों के द्वारा प्रतिदिन मेडिकल जांच की भी सीओ से माँग की । सीओ ने सभी प्रवासियों को समझा बुझा कर रोड जाम हटाया ।
समाजसेवी विजय यादव ने प्रवासियों को भोजन के लिए किया है व्यवस्था ।
प्रवासियों को दिया जाएगा रोजगार ।
कोविड-19 के संक्रमण के परिपेक्ष में लागू लॉक डाउन के दौरान दूसरे राज्यों से वापस आने वाले प्रवासी मजदूरों विद्यार्थियों एवं अन्य लोगों के लिए प्रखंड स्तरीय क्वॉरेंटाइन कैंप का संचालन करने के लिए इनायत खान जिलाधिकारी शेखपुरा एवं दयाशंकर पुलिस अधीक्षक शेखपुरा के द्वारा संयुक्त आदेश जारी किया गया है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। यह सभी प्रखंडों में उपयुक्त जगह पर स्थापित किया गया है. प्रखंड स्तरीय क्वॉरेंटाइन कैंप की निगरानी एवं अनुश्रवण करने के लिए पुलिस बल एवं मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की गई हैl सभी अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष अपने क्षेत्र कैंप के लिए नोडल पदाधिकारी नामित किए गए हैं lकैंप की निगरानी एवं अनुश्रवण के लिए दोनों अधिकारी जिम्मेवार होंगे l क्वॉरेंटाइन कैप में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को अवधि पूर्ण होने के पहले कैंप से बाहर नहीं दिया जाएगा . जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सत्येन्द्र प्रसाद शेखपुरा ने बताया कि चिकित्सा सुविधा के लिए प्रखंड स्तरीय पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं. प्रत्येक प्रखंड स्तरीय कैंप की निगरानी एवं विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए 24 घंटे, तीन पालियों में दंडाधिकारी एवं पुलिस अधिकारी के साथ साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति की गई है. चेवाड़ा प्रखंड में मॉडल उच्च विद्यालय में बनाया गया है।
पटना के समाज सेवी बबलू जी एक महीने से सामुदायिक मेस चला कर किसान मजदूर को भरण पोषण पुलिस के माध्यम से करा रही है आखिर सवाल उठता है जो रोज कमा कर अपने परिवार को चलाने का काम करते होंगे उनके परिवार के सूरते हाल क्या होगा,पटना में ऐसे बहुत मजदूर भाई है वही दूसरी तरफ किसान की बात करे तो जो किसान अभी गेहूं का कटनी कर लिए उनके गेहूं की खरीदने वाला कोई नही है जब कि हमारे देश मे 70% किसान है ऐसी स्तिथि में एक चिंता जनक सवाल खड़ा हो रहा है सुनते है पूरी डिटेल्स के साथ,,,,
बिहार के नालन्दा जिला के रहने वालों की दास्तान सुने कोरोना महामारी को लेकर जिले वासी किस हालत पर है आये जानते है जयंत आनन्द से इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
जिले के 37 क्वारंटाइन होम में ठहरे लोगों को एमडीएम के रसोइया परोस रहे भोजन। शेखपुरा जिले के 37 क्युरोटाइन कैंप बने हुए हैं जहां पर बाहर से आने वाले व्यक्तियों को 14 दिनों के लिए रखा गया है। बरबीघा प्रखंड के अंतर्गत मालदा पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय इस्माइलपुर में सात तेउस पंचायत के प्राथमिक कन्या विद्यालय में 8 व्यक्ति जो कि सभी कोलकाता से आए हुए हैं । सामस बुजुर्ग पंचायत के प्राथमिक विद्यालय अकबर बीघा 13 जो सभी दिल्ली से आए हुए हैं । सर्वा पंचायत के प्राथमिक विद्यालय जमालपुर में एक व्यक्ति मध्य विद्यालय जगदीशपुर में दो, मध्य विद्यालय केवटी में 11 मध्य विद्यालय पांक पर 3 , मध्य विद्यालय वावनबिघा में 17 मध्य विद्यालय भदर्थी ०५ प्राथमिक कन्या विद्यालय 8 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर फैजल ने बताया कि सभी क्वॉरेंटाइनकैंप का प्रतिदिन निरीक्षण किया जाता है और वहां रहने वाले व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है । आशा के द्वारा होम quarantine में रहने वाले व्यक्तियों का स्वास्थ्य चेकअप कराया गया। अरियरी प्रखंड में हजरत पुर मांडरो पंचायत के प्राथमिक विद्यालय वृंदावन में 26 व्यक्ति एफनी पंचायत के मध्य विद्यालय धनकौल में 11 व्यक्ति डीहा पंचायत के उच्च विद्यालय डीहा में 14 व्यक्ति को रूटीन कैंप में रखा गया है । आज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अरियरी के डॉक्टर महेंद्र कुमार ने बताया कि सभी कैंप में जाकर व्यक्तियों का स्वास्थ्य चेकअप किया गया और आशा के द्वारा होम quarantine में रहने वाले व्यक्तियों का लगातार स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है । चेवाड़ा प्रखंड के लहना पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय घाड़ी में 14 व्यक्ति, सियानी पंचायत के मध्य विद्यालय शियानी में उच्च विद्यालय१२ चेवाड़ा पंचायत के सांस्कृतिक भवन ०५ सदस्यों को में रखा गया है सभी कैंपों में लगातार स्वास्थ्य की जांच की जाती है और उनके रहने सहने की उत्तम व्यवस्था की गई है एमडीएम के रसोइए के द्वारा खाना परोसा जाता है। जिला जनसंपर्क अधिकारी शेखपुरा तो श्रोता 92666 73888 पर मिस कॉल कर जिले हर छोटी बड़ी खबर सुने और 3 नंबर का बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी साझा करे। यदि आप समार्टफोन उपयोगकर्ता है तो मोबाईल वाणी एप्प् डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को एप्प् पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी रिकार्ड करे।
स्कूलों में ठहरे संदिग्धों का अधिकारियों ने लिया जायजा प्रखंड क्षेत्र की पंचायतों में दूसरे प्रदेशों से अपने घर लौटकर स्कूलों के अस्थाई आवास में ठहरे लोगों का शुक्रवार को अधिकारियों ने जायजा लिया। सीओ रमेश प्रसाद सिंह एवं रेवेन्यू आफिसर सौम्या शामिल थी। मध्य विद्यालय गगौर, बेलौनी आदि विद्यालय पहुंचकर उन्होंनें स्कूल में स्वच्छ पानी, शौचालय, साफ - सफाई सहित अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। क्वारंटाइन में रह रहे लोगों को एक-दूसरे के बीच दूरी बनाकर रहने, अपने को एक - दूसरे के स्पर्श से बचने, खांसी, जुकाम, बुखार और गले का दर्द की शिकायत होने पर जांच करने वाली आशा कार्यकर्ता, एएनएम या पीएचसी को तुरंत सूचित करने, हाथों को बार - बार साबुन से साफ करने आदि की सलाह दी। वहीं पंचायत के मुखिया व जनप्रतिनिधियों से गांव में आ रहे बाहर से लोगों को चिह्नित कर पंचायत के स्कूल में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में रखने, उसका मेडिकल जांच कराने एवं सतत अनुश्रवण करने की अपील की। सीओ ने बताया कि 31 मार्च तक अन्य राज्यों से आए 111 लोगों को चिह्नित कर होम क्वारंटाइन पर रखा गया है। इनमें 5 लोगों ने 14 दिनों तक की क्वारंटाइन की अवधि पूरी कर ली है। इनमें कोरोना के संक्रमण के लक्षण नहीं पाए गए हैं। प्रखंड क्षेत्र में एक भी विदेश से आए लोगों की सूचना नहीं है। विभिन्न गांवों के स्कूलों में 42 संदिग्धों को ठहराया गया है। गगौर मध्य विद्यालय क्वारंटाइन में रह रहे संदिग्धों के बीच 25 साबुन का वितरण किया गया है। सीओ ने बताया कि आज से स्कूल में रह रहे लोगों के बीच भोजन व अवासन की व्यवस्था भी कराया जा रहा है। इसके पहले सभी लोग अपने घर से मंगाकर खाना खाते थे।
