साथियों , कोरोना काल में बहुत से ऐसे परिवार हैं जिन्हें सरकार की उज्जवला योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. कई लोगों की शिकायत है कि उनके खाते में उज्जवला योजना की राशि नहीं आई, कुछ बतातें हैं कि उन्हें डीलर से सिलेंडर नहीं मिल रहा है. कई गरीब परिवार तो ऐसे हैं जो योजना के पंजीयन के लिए परेशान हैं.आखिर इस योजना का लाभ मिलेगा कैसे ? जानने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें

बिहार राज्य के शेखपुरा ज़िला के दुल्लहपुर ग्राम से अमिताभ कुमार ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि जो सरकार द्वारा कहा गया था कि दिव्यांगों व बुजुर्गों को 1000 रूपए की सहायता राशि मिलेगी ,वो अभी तक दुल्लहपुर गांव के किसी दिव्यांगजन को नहीं मिला है

बिहार राज्य के ग्राम दुल्हपुर से हमारे एक श्रोता ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि एक दृष्टिबाधित महिला को अब तक लॉक डाउन के दौरान मिलने वाला 1000 रूपए की पेंशन राशि नहीं मिली है।

कोरोना महामारी के कारण बहुत से लोगो को अपनी नौकरी को छोड़ कर अपने राज्य वापस आना पड़ा. कई लोगो को उम्मीद थी कि उनके राज्य की सरकारें उनके लिए राहत सामग्री या वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएंगी और कई राज्यों कराया भी . फिर भी बहुत से लोगो को मदद नहीं मिल पाईं . आखिर बिहार सरकार द्वारा 1000 रु. किसे दिया जाएगा ? जानने के लिए क्लिक करें

प्रखंड के कुसुम्भा पंचायत के बरैया बिगहा कोरान्टाइन कैम्प में आए हुए प्रवासी मजदूरों को मनरेगा में रोजगार हेतु 44 मजदूरों को पंचायत के मुखिया कौशलेन्द्र कुमार द्वारा जॉब कार्ड प्रदान किया गया । साथ में प्रखण्ड कार्यकम पदाधिकारी, पंचायत रोजगार सेवक मौजूद थे । मालूम हो की सरकार वैसे लोगों को जॉब कार्ड देने का निर्देश दिया है जो मनरेगा के तह्त काम करने की इच्छा रखते हैं।

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डीएम इनायत खान निर्देशो के आलोक में आत्म निर्भर भारत के तहत जिले में आने वाले सभी प्रवासी श्रमिको को मुफ्त में खाद्यान्न दिया जायेगा। कोविड 19 से उत्पन्न वैश्विक महामारी के कारण दुसरे राज्यों से वापस आने वाले सभी प्रवासी श्रमिको को आत्म निर्भर भारत के तहत दो माह मई और जून में प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 कि0 ग्रा0 निःशुल्क खाद्यान्न (चावल) उपलब्ध कराने के लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी, शेखपुरा को निदेशित किया गया है। इसके लिए सरकार के द्वारा जिला में खाद्यन्न उपावंटित किया गया है।कोविड 19 के व्याप्त महामारी के कारण प्रवासी श्रमिको के सामने रोजी-राटी की समस्या उत्पन्न न हो और प्रवासी श्रमिको के बीच असुरक्षा की भावना को दुर करने के लिए इस योजना के तहत अविलम्ब खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। जिस प्रवासी नागरिक को राशन कार्ड नहीं है। उन्हे इस योजना से दो माह तक अनाज दिया जायेगा। अभी तक जिला में 8658 प्रवासी नागरिका जिले में पहूॅंच चुके है। सभी प्रवासी नागरिको का पूर्ण निबंधन कराकर एक्सेल सीट में तैयार किया गया है। डीएम ने कहा है कि आत्म निर्भर भारत के तहत प्रवासी श्रमिको की पहचान, खाद्यन्न का उपावंटन एवं वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही एवं शिथिलता नहीं करने का सक्त निर्देश है। इसके बावजुद यदि किसी स्तर के अधिकारियों एवं डिलरो के द्वारा लापरवाही एवं शिथिलता की जायेगी तो विधि सम्मत कठोर कार्रवाई की जायेगी।

HNS MRP आशीष कुमार ने दिया है बयान ।

समाजसेवी विजय यादव ने प्रवासियों को भोजन के लिए किया है व्यवस्था ।

मंगलवार के दिन डीआरडीए निदेशक सह अरियरी के प्रभारी पदाधिकारी सत्येंद्र त्रिपाठी ने प्रखण्ड के मध्य विद्यालय भोजडीह , प्राथमिक विद्यालय बिसहिया सहित कई पंचायत स्तरीय क्वारंटाइन सेंटर का औचक निरीक्षण किया। भोजडीह मध्य विद्यालय में ठहरे प्रवासियों ने बताया कि वे सब यहां गत 17 मई से ठहरे हुए है। परंतु घर से खाना और बिछावन मंगाकर रहना पड़ रहा है। जबकि स्कूल भवन का सेनेटराइज भी नही करवाया गया। इस पर निदेशक डीआरडीए ने सम्बंधित पंचायत के मुखिया से अविलंब इस सेंटर में रह रहे प्रवासियों को भोजन करवाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। उनके निर्देशों के आलोक में मंगलवार की रात्रि से प्रवासियों को भोजन करवाने की व्यवस्था की गई।विस्तार पूर्वक खबरों को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।