जिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद भी अधिकांश जगह इसका वितरण नहीं किया गया।
कोरोना संकटकाल में बाहर से आए सभी लोगों को 30 जून तक हर हाल में चावल और चना उपलब्ध करा देने का निर्देश दिया गया है। सरकार से प्राप्त निर्देशों के आलोक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने पत्र लिखकर सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को जन वितरण प्रणाली के विक्रेता द्वारा यह कार्य पूरा कर लेने का निर्देश दिया है। इस संबंध में प्राप्त जानकारी में बताया गया है कि सरकार द्वारा बाहर से घर आने वाले लोगों को आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत प्रत्येक को पांच-पांच किलो चावल और एक एक किलो चना देने का निर्णय लिया था। इसके तहत इन सभी को मई और जून माह के आवंटित खाद्यान्न का वितरण के लिए खाद्यान्न भी जारी किए गए थे।
डीएम इनायत खान निर्देशो के आलोक में आत्म निर्भर भारत के तहत जिले में आने वाले सभी प्रवासी श्रमिको को मुफ्त में खाद्यान्न दिया जायेगा। कोविड 19 से उत्पन्न वैश्विक महामारी के कारण दुसरे राज्यों से वापस आने वाले सभी प्रवासी श्रमिको को आत्म निर्भर भारत के तहत दो माह मई और जून में प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 कि0 ग्रा0 निःशुल्क खाद्यान्न (चावल) उपलब्ध कराने के लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी, शेखपुरा को निदेशित किया गया है। इसके लिए सरकार के द्वारा जिला में खाद्यन्न उपावंटित किया गया है।कोविड 19 के व्याप्त महामारी के कारण प्रवासी श्रमिको के सामने रोजी-राटी की समस्या उत्पन्न न हो और प्रवासी श्रमिको के बीच असुरक्षा की भावना को दुर करने के लिए इस योजना के तहत अविलम्ब खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। जिस प्रवासी नागरिक को राशन कार्ड नहीं है। उन्हे इस योजना से दो माह तक अनाज दिया जायेगा। अभी तक जिला में 8658 प्रवासी नागरिका जिले में पहूॅंच चुके है। सभी प्रवासी नागरिको का पूर्ण निबंधन कराकर एक्सेल सीट में तैयार किया गया है। डीएम ने कहा है कि आत्म निर्भर भारत के तहत प्रवासी श्रमिको की पहचान, खाद्यन्न का उपावंटन एवं वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही एवं शिथिलता नहीं करने का सक्त निर्देश है। इसके बावजुद यदि किसी स्तर के अधिकारियों एवं डिलरो के द्वारा लापरवाही एवं शिथिलता की जायेगी तो विधि सम्मत कठोर कार्रवाई की जायेगी।
बृहस्पतिवार को नगर के महादलित टोला वार्ड नं13 में जरूरतमंद और गरीबों के बीच राशन समाग्री का वितरण किया गया। शहर की समाजसेवी दीपु भारती की माँ एवम समाजसेविका गिरजा देवी के द्वारा गरीबों के बीच अभियान चलाकर राशन सामग्री बांटा गया। उन्होंने लोंगो को लॉक डाउन का अनुपालन करने तथा साफ सफाई पर विशेष ध्यान रखने की सलाह दी।
समाजसेवी विजय यादव ने प्रवासियों को भोजन के लिए किया है व्यवस्था ।
भारतीयों की रक्षा करते केंद्रीय अर्धसैनिक बल ( सीआरपीएफ ) के एक उत्साही कांस्टेबल सुरेश केवट ने डयूटी पर रहते हुए लॉक डाउन के दौरान भूख से बिलख रहे अपने गांव चेवाड़ा बेलदारी के 30 जरूरतमंद लाचार गरीब परिवारों के बीच राशन सामग्री का वितरण करवाया। गरीबी का दर्द समेटे एक देशभक्त जवान ने वेतन का रुपया गांव के कुछ युवा सामाजिक कार्यकर्ताओं के यहां भेजकर आटा , आलू , नमक , सरसों तेल आदि की खरीददारी करवाकर उसे गरीबों के बीच बंटवाया।फिलहाल सुरेश केवट पश्चिम बंगाल के मेदनीपुर में कार्यरत है। उनके द्वारा भेजी गई राशि से सभी जरूरतमंद परिवारों को 6 -6 किलो आटा , 3 -3 किलो आलू , नमक , आधा आधा किलो सरसों तेल वितरित करवाया। इससे पहले भी उन्होंने दूसरे कार्यकर्ताओ को वेतन राशि भेजकर जरूरतमंद बेबस गरीब लोंगो के बीच खाद्यान्न का वितरण करवाया था। उन्होंने कहा कि गरीबों और भूखे लोंगो को भोजन कराने से बड़ा कोई पुण्य नही है। उनके इस कार्य मे गांव के सामाजिक कार्यकर्ता विपिन केवट, शिवबालक केवट, बलि केवट और विकास केवट ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
कोरोना वायरस में LOCKED-DOWN को लेकर हुए भुखमरी में निर्धनों के बीच जीविका दीदियों ने लगातार कर रहें हैं खाद्य सामग्री का वितरण ।
चेवाडा़ ग्रामवासी प्रकाश कुमार जो कि बाहर में रह कर के अपने परिवारों करते थे।
चेवाडा़ ग्रामवासी अशोक कुमार
सदर प्रखंड के कारे गांव में गरीब- असहाय लोगों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया गया। इस राहत सामग्री का वितरण विभा राज कंपनी के द्वारा किया गया। कंपनी के प्रबंधक सिंधु ने कारे गांव के 350 लोगों के बीच राहत सामग्री का पैकेट वितरित किया। जिसमें राशन ,साबुन एवं मास्क आदि शामिल था।
