वाहन चेंकिंग के समय पुलिस से भिड़ा युवक, दर्ज हुआ प्रथमिकी। गोह औरंगाबाद,– गोह पुलिस के साथ अजीबोगरीब घटना घटी है वाहन चेकिंग के दौरान एक युवक ने फाइन भरने के बजाय पुलिसकर्मि से ही भीड़ गया व बदसलूकी की हुआ कुछ ऐसा की लॉक डाउन में मंगलवार को गोह पुलिस ने जगतपति चौक पर वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इस दौरान हेलमेट,मास्क की जांच की जा रही थी। इसी वक्त बंदेया थानाक्षेत्र के मलहद गांव निवासी नगेन्द्र राम के पुत्र मिथलेश कुमार ने अपनी बाइक से गुजर रहा था। इस दौरान जांच किया गया तो हेलमेट नही लगाया था।मौजूद पुलिस ने हेलमेट की फाइन काटने की बात कही। इसी बात पर कहासुनी हो गई जिसमें दोनों तरफ से हाथापाई की नौबत आ गई। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष मनोज कुमार के पहुँचने पर भी उसने बदतमीजी की जिसके बाद थानाध्यक्ष के द्वारा कारवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई। थानाध्यक्ष ने बताया कि बदतमीजी करने वाले अब जाएंगे सीधा जेल।
गोह पीएचसी में दूसरे दिन भी मिले चार कोरोना मरीज। गोह औरंगाबाद–/ गोह में मंगलवार को दूसरे दिन भी कोरोना का जांच हुआ। औऱ 30 लोगो की जांच एनपीजेंन कीट के माध्यम से किया गया। जिसमें एक चिकित्सक, एक ग्रामीण,व एक निजी कम्पाउंडर के बेटी व पत्नी को लिए गए सेंपल में वही चार का रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। दो दिनों में गोह में 11 लोग कोरोना पॉजिटिव मिलने से लोगो मे दहशत का माहौल है।
मारपीट के अभियुक्त गया जेल रफीगंज प्रखंड बौर पंचायत के फदरपुरा गाँव में सोमवार को आपसी विवाद में तीन लोग घायल हो गए थे।जिसमें उषा देवी, अनिल कुमार और टिंकू कुमार का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रफीगंज में किया गया था । घायल अनिल कुमार ने बताया कि हमारा ही भाई अपने परिवार के साथ हमलोगों पर लाठी डंडे एवं टांगी से वार किया जिसमें हमलोग घायल हो गए।वही जयनन्दन शर्मा, सतीश मिस्त्री, नीतीश कुमार, कलावती देवी, सिमा देवी को नामजाद आरोपी बनाते हुए रफीगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया था ।थानाध्यक्ष राजीव रंजन ने बताया कि नामजद आरोपि जयनंद शर्मा के पुत्र सतीश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है
प्राकृतिक संरक्षण दिवस के अवसर पर लगाया गया सैकड़ों पौधा रफीगंज प्रखंड के भदुकी कला पंचायत के खैरा मझौली गांव में विश्व प्राकृतिक संरक्षण दिवस के अवसर पर वार्ड सदस्य पिंटू पासवान के नेतृत्व में प्राकृतिक को संतुलित रखने के लिए लगभग 800 वृक्षारोपण किया गया। उज्जवल ने बताया की वृक्ष लगाने से पर्यावरण शुद्ध रहेंगे और जीव जंतु खुशहाल रहेंगे । ववार्ड सदस्य पिंटू पासवान ने कहा कि पेड़ों का संरक्षण हमारे भविष्य का संरक्षण है। इसलिए पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए अपने जीवन काल में एक वृक्ष अवश्य लगाएं। इस अवसर पर वार्ड सदस्य पिंटू पासवान, उज्जवल बाबा विक्रम पासवान, छात्र नेता आरजु मिश्रा , सियाराम पासवान, शशिकन राम, मंटु सर्मा ,अमित सिंह चंद्रवंशी, विजय पासवान, सुनिल कुमार, रामजित पासवान, सतीश पासवान, राकेश कुमार, अभिषेक के साथा गांव अन्य लोग उपस्थित रहे।
चितरंजन कुमार:- एक गांव जहां केवल बांस के पेड़ हुआ करते थे,लेकिन एक वृद्ध व्यक्ति के संकल्प से आज वह गांव में हरीयाली ही हरियाली है।उस वृद्ध व्यक्ति को तत्कालीन जिलाधिकारी राहुल रंजन महिवाल ने किया था समानित. अक्सर हमलोगों को अपने जीवन काल में नाना-नानी या दादा-दादी के द्वारा कोई कहानी सुनने को मिलता है, लेकिन आज आपलोगों को एक वृद्ध व्यक्ति के कर्मों की एक छोटी-सी कहानी बताने जा रहा हूँ. यह कहानी औरंगाबाद जिले के भगवान भास्कर की नगरी देव से सटे एक छोटे से गाँव भटबिगहा के रहने वाले श्री रामबुझावन यादव से जुड़ी है। जिन्हें सरकार भले ही अपने कोलफिल्ड्स के कामों से 1990 ई. में सेवानिवृत्त कर दिया हो,लेकिन अपने जीवन के सफर को लगभग 100 साल पार कर चुके हैं इन्होंने कभी अपने मेहनत से समझौता नहीं किया. कोलफील्ड्स से सेवानिवृत्त होने के बाद इन्होंने किसी बड़े शहरों में रहने के बजाय अपने गाँव भटबिगहा में ही जीवन यापन किया।जिस गाँव में कभी सिर्फ एक बाँस का पेड़ हुआ करता था वहाँ अकेले इन्होंने हजारों पेड़ लगाकर पूरे गाँव को हरियाली से पाट दिया. जमीन चाहे किसी का भी हो इनका मकसद सिर्फ खेत के किनारे पर पेड़ लगाना है. आज भी पेडों से लगाव के साथ-साथ इनकी नजरें इतना तेज है कि किसी भी छोटे-से-छोटे पौधे को देख कर उसका नाम बता देते हैं. इनके द्वारा किये गए परोपकारी कार्यो को देखते हुए औरंगाबाद जिले के तत्कालीन जिलाधिकारी (DM) राहुल रंजन महिवाल के द्वारा इनको सम्मानित भी किया जा चुका है.अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस के अवसर पर 2018 में भी जवाबदेही परिवार के तौर पर देव सूर्य मंदिर का प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया जा चुका है. इनके मेहनत और परोपकारी कर्मों के मिले फल से आज इनके पुत्र और पोतें को Doctors तो कोई Engineer तथा राज्य सरकार से लेकर केन्द्र सरकार में उच्च अधिकारी के पदों पर पदस्थापित हैं. अपने परिवार के लाख आग्रह करने के बाद भी ये अपने गाँव छोड़कर कहीं और रहने को तैयार नहीं हुए और आज इतनी उम्र में भी पेड़-पौधों के सेवा में ही लगे रहना इनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है. प्रेरणा - आज विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर हम सभी युवाओं को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए कि अपने जिंदगी में कम से कम एक पेड़ जरूर लगाएं, ताकि आने वाला पीढ़ी शुद्ध हवा के साथ-साथ हरे-भरे माहौल में जीवन का आनंद ले सके.
चितरंजन कुमार:- आजादी के 72 वर्ष बीत जाने के बाद भी देव प्रखण्ड का छुछिया एक ऐसा गांव जहां आज भी गरीबी चरम सीमा पर है।जहां एक ओर सरकार डिजिटल वर्चुअल जैसे बड़े बड़े खेल आधुनिक युग बाता कर खेल रही है।उसके विपरीत या यूं कहें तो ऐसी सरकार और नेताओं को जवाब देने के लिए यह गांव उदाहरण स्वरूप है।बच्चों के बदन पर कपड़े नहीं है पेअर में चप्पल नही है और अधिकांश लोग के घर नही है खाने के लिए दाने नही इलाज के लिए पैसे नही उनके सरकार कल्याणकारी योजना से यह गांव पूरी तरह वंचित है,एक भी घर में गैस चूल्हा नही है।लॉकडाउन में तो समस्या विकट आ चुकी है।लेकिन वह कितने दिन तक चलने वाली है। लॉकडाउन में हर प्रकार के काम बाधित होने से इस गांव के लोगों में भुखमरी की समस्या तो है ही पहनने के लिए कपड़ा भी नहीं बचा है।अब दुलारे पंचायत के पैक्स अध्यक्ष सह जाप नेता विजेंद्र कुमार यादव ने चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि आज कहे तो यह गांव कुपोषण का शिकार है।इस गांव के लोग वक्त के भोजन के लिए लोग दर-दर को भटकने को मजबूर हैं।स्थानीय जनप्रतिनिधि केवल इनके वोट से जीत तो जाते हैं लेकिन जीतने के बाद किए गए वादे तो दूर उन्हें देखने तक नहीं आते। बिहार में 15 वर्ष लालू यादव की सरकार रही 15 वर्ष से नीतीश कुमार और सुशील मोदी ने सरकार चला रहें हैं।लेकिन गरीबी की गरीबी दूर करने के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई जिससे गरीबी दूर हो सके।
सशत्र सीमा बल 29वीं वाहिनी गया के कमाण्डेन्ट राजेश कुमार सिंह के निर्देशानुसार औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड के कालापहाड़ क्षेत्र में स्थित एसएसबी के उप कमाण्डेन्ट रामकुमार के नेतृत्व में मंगलवार को अतिनक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वृक्षारोपण कर धरती को बचाने का संकल्प लेते हुए ग्रामीणों को जागरूक किया।इस दौरान हरिहर उरदाना पंचायत के उगनाठी,कोलोनीपर, जोगिया पहाड़ आदि गांवों में वृक्षारोपण किया गया।वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत शीशम,गमहार,छतवन,नीम, जामुन,आंवला आदि के सैकड़ों पौधे लगाए गए।साथ ही ग्रामीणों के बीच गमछा,छाता और महिलाओं के लिए उपयोगी सामग्री का वितरण किया गया।इस दौरान उप कमाण्डेन्ट रामकुमार ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि,वृक्ष मानव जीवन का अभिन्न अंग है।जो सम्पूर्ण मानव जीवन को स्वस्थ,सुखी एवं समृद्ध बनाये रखता है।उन्होंने बताया कि,पेड़-पौधों की अत्यधिक कटाई की वजह से पर्यावरण प्रदूषित एवं असंतुलित हो चुका है।जिससे मानव जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और अनेक प्रकार के बीमारी उत्पन्न होने का खतरा बना रहता है।इस लिए इस पृथ्वी को बचाने के लिए मानव को अधिक से अधिक पेड़ लगाना चाहिए।इस दौरान कंपनी कमांडर सह सहायक कमाण्डेन्ट सुमन सौरभ,निरीक्षक विकास चंद घोष,टंडवा थाना के सहायक उप निरीक्षक अशोक कुमार महतो, शिक्षक भूपेश सिंह,वार्ड सदस्य मधुसूदन भुइयाँ,कामता राम,रामदेव भुइयाँ आदि लोग मौजूद रहे।
औरंगाबाद । जिस तरह से पूरे देश मे कोरोना संक्रमण अपना पावँ फैलता जा रहा है उससे यह अंदेशा लगाया जा सकता है कि इस बार भाई बहन के पवित्र रिश्तों के बीच दूरियां बढ़ाने में कोरोना अपना असर दिखा सकता है ।बता दें कि 3 अगस्त को रक्षाबंधन है और इस दिन आदि काल से बहने अपने भाइयों के कलाई पर राखी बांध कर उसकी लम्बी उम्र की कामना करती हैं। भाई भी अपने बहनों को सदैव साथ निभाने तथा उसकी रक्षा करने का वचन देता है ।लेकिन इस बार वैश्विक महामारी में सबकुछ बदल गया है । वहीं रखी व्यवसायियों में भी निराशा साफ झलक रही है ।व्यवसायियों का कहना है इस राखी की पूंजी निकालना भी मुश्किल हो गया है । कारण है कि कोरोना को लेकर हुए लॉक डाउन में लोग अपने रिस्तेदारों के घर जाना तो दूर घर से भी बहुत कम निकल रहे हैं । वहीं कई बहनों ने भी बताया की शादी होने के बाद भी हर बार भाई के घर जाकर राखी बांधती थी परन्तु इस बार कोरोना की वजह से जाना सम्भव नही होगा । इस बार वैसे भाइयों जो घर से दूर रहते हैं उनकी की कलाई पर राखी बांधना मुस्किल होगा । इस बार राखी बंधन में सोशल मीडिया का दौर ज्यादा रहेगा यानी बहने अपने भाई के व्हाट्सएप पर ही राखी भेजकर संतुष्ट होगीं ।और मोबाइल पर ही उन्हें दुआएं देंगी ।
कोरोना का संकमण फैले नही बच्चो के बीच चावल वितरण किया गया
डीलर के खिलाफ ग्रामीणों ने एम ओ के पास लिखित आवेदन दिया है
