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गांवों में सुलभ व सस्ता न्याय की आस अब भी बेकार बिहारशरीफ 3 मार्च (हि.स.)|कोर्ट कचहरी कोई न जाय। गांव का झगड़ा गांव में ही निपटाया जाय। यह सिर्फ लोक्ति बनकर रह गया है। जिले में ग्राम कचहरी के बारे में बहुत कम लोगों को पूर्ण जानकारी दी जाती है। हालांकि सरपंच व पंच को सभी लोग जानते हैं। फिर गांव में मामलों का निपटारा न होकर थाना तक पहुंच रहा है। पंचायतों में आंफिस तक नहीं बन पाया है जहां लोग शिकायत कर सकें। लोगों का कहना है वर्षो पहले पंचायतों में ग्राम कचहरी कुछ पंचायतों में हुआ करता था वह अब जमीनदोज हो चुका है। जिले में 231 ग्राम कचहरी नियमत होनी चाहिए। हालांकि 92 पंचायतों में सरकार भवन है। इसमें सरपंच के लिए चैंबर होने की बात अधिकारी बताते है। इसकी भी जानकारी सरपंचों को नहीं दी गयी है। और तो पंचायत सरकार भवनों पर अमुमन मुखिया का एकाधिकार है। हालांकि पंचायत राज पदाधिकारी नवीन कुमार पांडेय का कहना है पंचायत सरकार भवन में ही ग्राम कचहरी काभी कार्यालय है। यहां सरपंच के बैठने व सुनवाई के लिए चैंबर की व्यवस्था की गयी है। सुनवाई भी लोग कर रहें है।ग्राम वासियों का सुलभ एवं सस्ता न्याय प्रदान करने के लिए ग्राम कचहरी की स्थापना का प्रावधान किया गया है| भारतीय संविधान द्वारा पंचायत को स्वायत्ता इकाई के रूप में कार्य करने हेतु शक्ति एवं अधिकार दिया गया है।ग्राम कचहरी को एक हजार रूपये तक जुर्माना करने की शक्ति दी गई है। सरपंच, उप सरपंच व पंच को 10 हजार रुपए तक के मामलों की सुनवाई व एक हजार रुपए तक जुर्माना का अधिकार है। ग्रामीणों का झगड़ा सुलझाने का भी हक है। ग्राम कचहरी निंकुश न हो जाये इसकें लिए यह प्रावधान किया गया है कि ग्राम कचहरी को करावास की सजा देने का कोई अधिकार नहीं है। ग्राम कचहरी की न्यायपीठ के किसी आदेश या निर्णय के विरूद्ध अपील आदेश पारित होने के 30 दिनों के भीतर ग्राम कचहरी में पूर्ण न्यायपीठ के समक्ष दायर की जायेगी, जिसमें 7 पंचों से गणापूर्ति होगी। ग्राम कचहरी के पूर्ण पीठ के न्याय निर्णय के विरूद्ध आदेश पारित होने के 30 दिनों के अन्दर सिविल मामले में अवर न्यायाधीश के समक्ष एवं आपराधिक मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष दायर करने का प्रावधान भी है।

युक्रेन बाॅर्डर पर नालंदा के 28 छात्र फंसे बिहारशरीफ 3 मार्च (हि.स.)|नालंदा के 28 छात्र अब भी यूक्रेन बॉर्डर के पास फंसे हुए हैं। हालांकि, गुरुवार की सुबह वहां के स्थानीय अधिकारियों ने रह रहे छात्रों व अन्य भारतीयों का निबंधन किया है। इससे वहां के छात्रों को जल्द अपने वतन लौटने की उम्मीदें जगी हैं। परिजन भी वहां फंसे छात्रों के साथ लगातार संपर्क में हैं। यूक्रेन बोर्डर के पास रोमानिया के सिरेप बॉर्डर में रह रहे चंद्रमणि ने बताया कि बिहार व केंद्र सरकारों की मदद से कैंप में लगातार स्थानीय अधिकारी लोगों की खोज खबर ले रहे हैं। भोजन व पानी का भी प्रबंध बेहतर है। हालांकि, यहां साउथ इंडियन डिश दी जा रही है। अन्य व्यवस्था भी दुरुस्त है। तीसरे दिन लौटने की उम्मीदें हैं। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय अधिकारियों ने भारत सरकार द्वारा हवाई जहाज बढ़ाए जाने की बात कही है। इस कारण दो दिनों में भी बिहारी छात्र अपने वतन लौट सकते हैं। हिन्दुस्थान समाचार /प्रमोद

sachin raj

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रोहतास जिले के खिलाड़ियों व युवाओं को मल्टी जिम की सौगात मिलने वाली है. अब न जिम की टाइमिंग का झंझट होगा और न इसके लिए पैसे खर्च करने पड़ेंगे. कला संस्कृति एवं युवा विभाग रोहतास के तीनों अनुमंडल मुख्यालय में मल्टी जिम लगाएगा. इसके लिए कला, संस्कृति एवं युवा विभाग ने राशि स्वीकृत कर दी है.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

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