झारखण्ड राज्य के रांची जिला बीआईटी से संजना कुमारी अब मेरी बारी कार्यक्रम के माध्यम से बताती हैं कि उन्हें अब मेरी बारी कार्यक्रम बहुत अच्छा लगता है और किशोर -किशोरियों को बहुत फायदा पहुंच रहा है। वे बतातीं हैं कि वे पहले आयरन की गोली नहीं खाती थी क्योंकि उन्हें लगता था कि आयरन की गोली सिर्फ बड़े लोग ही खाते हैं और इससे किशोर -किशोरियों का कोई लेना देना नहीं होता है। माँ के कहने पर भी वे हरी साग सब्ज़ियाँ नहीं खाती थी लेकिन जब उन्होंने अब मेरी बारी कार्यक्रम सुना और उन्हें आयरन की गोली के महत्व की विस्तार से जानकारी दी गयी तब उन्हें पता चला कि आयरन की गोली शरीर में खून की कमी नहीं होने देता है और किशोर -किशोरियों के बढ़ते शरीर के लिए आयरन की गोली बहुत जरुरी होता है।इन सब जानकारियों के लिए वे अब मेरी बारी कार्यकर्म को धन्यवाद दे रही हैं।

झारखण्ड के धनबाद जिला से बीरबल महतो मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इन दिनों ठण्ड बढ़ गया है।ठण्ड के कारण मरने वालों की संख्या भी बढ़ रही है।वे बताते है कि उनके क्षेत्र बाघमारा में असहाय और वृद्ध जनों को सरकार की ओर से दी जाने वाली कम्बल अब तक नहीं दिया गया है। साथ ही क्षेत्र में सरकार के द्वारा अलाव का भी व्यवस्थ उपलब्ध नहीं कराया गया है।जिस कारण लोग सरकार एवम प्रशसान को कोस रहे है। कुछ जगहों पर सामजिक कार्यकर्त्ता के द्वारा गरीबों की सहायता हेतु अलाव की व्यवस्था करते है। ग्रामीण क्षेत्र में पला गिरने के कारण फसल नष्ट हो जाती है।ठण्ड बढ़ने से लोगों का जीवन अस्त व्यस्त हो गया है और इससे लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

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झारखण्ड राज्य के गढ़वा जिला से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से मनोज प्रसाद ने बताया कि भारत कृषि प्रधान देश है।देश की बहुत बड़ी आबादी की रोजी रोटी खेती के सहारे है।एक मान्यता जो सच्चाई पर आधारित है कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।हमारा राज्य झारखण्ड जहाँ पर धान की खेती बहुत ही अधिक पैमाने पर किया जाता है ।परन्तु वर्तमान में किसानों द्वारा अपने खेतों में रासायनिक खाद एवं कीटनाशक दवाओं का प्रयोग अधिक मात्रा में किया जाता है ,जो खेतों की ऊर्वरा शक्ति को कम देता है और धान की खेती को जो पोषण मिलना चाहिए, वो नहीं मिल पा रहा है।किसान भाइ इस बात का ध्यान देना दें और अपने से या पंचायत स्तर पर बीज का रिसर्च करें और ज्यादा रसायनों का उपयोग न करें। खेतों की ऊर्वरा शक्ति को बढ़ाने के लिए जीवांश खाद, जैसे गोबर की खाद, कम्पोस्ट या केंचुआ खाद आदि का प्रयोग करें।यह खेतों के लिए लाभदायक होता है और इससे धान की पैदावार भी बढ़ेगी । ये जैविक खाद किसान अपने स्तर पर भी तैयार कर सकते हैं,जिससे धान का पैदावार अधिक बढ़ेगा।

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