ऑडियो पर ज़ल्दी से क्लिक कर सुनें अब मेरी अभियान के पिछली कड़ी में पूछें गए सवाल के सही ज़वाब देने वाले श्रोताओं के नाम....

अब मेरी बारी अभियान की इस तेरहवीं कड़ी में बात की जा रही उन पलों के बारें में जिसमें किशोर-किशोरियों ने खुल कर स्वास्थ,शिक्षा,पोषण व बाल विवाह जैसे मुद्दों पर बात की एवं इन मुद्दों को समझ कर इनसे निबटने के प्रयास भी शुरू कर दिए हैं ....अब मेरी बारी अभियान के खुशनुमा पलों को सुनने के लिए क्लिक करें ऑडियो पर....

अब मेरी बारी अभियान के तेरहवीं कड़ी में साझा किया जाएगा बीतें लम्हों के बारें में जिसमें किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य,शिक्षा ,पोषण,बाल विवाह जैसे विषयों एवं अधिकारों के प्रति जारूकता की बातें बताई गई हैं।

टिपि-टिप दीदी बता रही हैं कि बाल विवाह होने से सेहत पर बुरा असर पड़ता हैं ...कम उम्र में शादी करने से क्या नुकसान होता हैं इसकी जानकारी सुनने के लिए क्लिक करें ऑडियो पर...

टिपि-टिप दीदी बता रही हैं कि बाल विवाह जैसी समस्याओं की शिकायत दर्ज़ होने के बाद आखिर होता क्या हैं .... सुनने के लिए क्लिक करें ऑडियो पर...

टिपि-टिप दीदी बता रही हैं कि अगर किसी कारणवश बाल विवाह हो जाता है तो कमिटी या नियुक्त अधिकारी द्वारा नाबालिक लड़की से पूछताछ की जाती हैं .... टिपि-टिप दीदी की पूरी बात सुनने के लिए क्लिक करें ऑडियो पर...

टिपि-टिप दीदी बता रही हैं कि बाल विवाह में लड़की गर्भवती हो जाती हैं तो बच्चे के भरण पोषण की पूरी ज़िम्मेदारी पिता की होती हैं। अगर पिता खुद नाबालिक होता है तो बच्चे की जिम्मेदारी किसे और किस प्रकार उठानी होगी ,ये सुनने के लिए क्लिक करें ऑडियो पर...

झारखण्ड राज्य राँची जिला ओरमांझी से पलक प्रिया अब मेरी बारी कार्यक्रम के माध्यम से बतातीं हैं कि पहले उन्हें माहवारी के समय साफ़ सफ़ाई की सही जानकारी नहीं थी। माहवारी के समय वे कपड़ा धो कर इस्तेमाल करती थी और ऐसा करना उन्हें सही लगता था। लेकिन जब से उन्होंने अब मेरी बारी कार्यक्रम में जब माहवारी के समय दी जाने वाली विस्तृत जानकारी सुनी कि कैसे इस दौरान साफ़-सफ़ाई नहीं रखने से या फिर कपड़े का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं करने से शरीर में संक्रमित बीमारी हो सकती थी। अब मेरी बारी कार्यक्रम को सुनने के बाद पलक प्रिया ने यह ठाना कि माहवारी होने पर कपड़े का इस्तेमाल नहीं करेंगी और ऐसे समय में खुद पर साफ-सफ़ाई की ज्यादा ध्यान देंगी। किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए अब मेरी बारी कार्यक्रम को धन्यवाद दे रही है।

झारखण्ड राज्य के रांची जिला बीआईटी से संजना कुमारी अब मेरी बारी कार्यक्रम के माध्यम से बताती हैं कि उन्हें अब मेरी बारी कार्यक्रम बहुत अच्छा लगता है और किशोर -किशोरियों को बहुत फायदा पहुंच रहा है। वे बतातीं हैं कि वे पहले आयरन की गोली नहीं खाती थी क्योंकि उन्हें लगता था कि आयरन की गोली सिर्फ बड़े लोग ही खाते हैं और इससे किशोर -किशोरियों का कोई लेना देना नहीं होता है। माँ के कहने पर भी वे हरी साग सब्ज़ियाँ नहीं खाती थी लेकिन जब उन्होंने अब मेरी बारी कार्यक्रम सुना और उन्हें आयरन की गोली के महत्व की विस्तार से जानकारी दी गयी तब उन्हें पता चला कि आयरन की गोली शरीर में खून की कमी नहीं होने देता है और किशोर -किशोरियों के बढ़ते शरीर के लिए आयरन की गोली बहुत जरुरी होता है।इन सब जानकारियों के लिए वे अब मेरी बारी कार्यकर्म को धन्यवाद दे रही हैं।

अब मेरी बारी अभियान के बारहवीं कड़ी में आप सुनेंगे की अगर बच्चों को उनके पढ़ने खेलने के उम्र में शादी के बंधन में बांध दिया जाए तो किस तरह उनका जीवन ख़राब हो सकता हैं।क़ानून के अनुसार लड़की की अठारह वर्ष और लड़के की इक्कीस वर्ष की उम्र से पहले शादी नहीं की जा सकती क्योंकि कम उम्र में लड़के-लकड़ियाँ मानसिक व शारारिक रूप से तैयार नहीं रहते हैं। कम उम्र में शादी के दुष्प्रभावों की पूरी जानकारी सुनने के लिए क्लिक करें ऑडियो पर... ....