जिला बोकारो के चंद्रपुरा प्रखंड से नरेश महतो मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि चंद्रपुरा प्रखंड क्षेत्र के सात एटीएम का परिचालन सात दिनों से बंद है।चंद्रपुरा प्रखंड अंतर्गत सात एटीएम मौजूद है तथा इस क्षेत्र की आबादी तथा ग्राहकों की सुविधा के लिए केंद्र खोले गए है ताकि ग्राहकों को लेन-देन की सुविधा मुहैया हो सके लेकिन एटीएम का परिचालन सात दिनों से बंद होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।वही एटीएम का सटर बंद कर गार्ड मौजूद रहते है तथा वहाँ के लोगों द्वारा पूछे जाने पर कहा जाता है कि एटीएम में पैसे नहीं है.ऐसी स्थिति में लोगो को दैनिक उपयोग की वस्तुएं खरीदने में काफी परेशानी हो रही है।
राज्य झारखण्ड के जिला बोकारो के प्रखंड चंद्रपुरा से नरेश महतो जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि चंद्रपुरा प्रखंड के सभी पंचायत प्रतिनिधियो का 11 सूत्री मांगो को लेकर मुखियाओं का एक दिवसीय धरना चंद्रपुरा प्रखंड के कार्यालय के मुख्य द्वार पर किया गया। जिसमे प्रखंड के सभी मुखियाओं ने झारखण्ड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग पंचायतीराज विभाग के ग्राम पंचायत में पुनः ग्राम विकास समिति ,आदिवासी विकास समिति के आदेश को वापस लेने की अपील की है। ग्राम पंचायतो के जनप्रतिनिधियों को अंतिम सम्मानजनक मानदेय दिया जाए,ग्राम पंचायत को सम्पूर्ण शक्तियां और अधिकार प्रदान किया जाए ,दैनिक भत्ता का प्रतिमाह भुगतान किया जाए , पंचायत कर्मियों की बहाली किया जाए ,आपदा राहत कोष का सृजन किया जाए।कोष की व्यवस्था की जाए , ग्राम पंचायत के सभी प्रतिनिधियों का तीन लाख का दुर्घटना बीमा कराया जाये ,वेतन भुगतान में पंचायत प्रतिनिधियों की स्वीकृति उपलब्ध हो ,विद्यालय विलय करने से पहले ग्राम सभा की स्वीकृति लिया जाये ,आदि मांगे शामिल है।
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
झारखण्ड राज्य के जिला बोकारो के प्रखंड चंद्रपुरा से नरेश महतो मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि दुग्धा कोल वॉशरी के मजदूरों को 70d के तहत 624 रुपये उच्च न्यायालय के आदेशानुसार मिल रहा था।परन्तु विगत सात माह से दुग्धा कोल वॉशरी के प्रबंधक की लापरवाही की वजह से इन मजदूरों की मजदूरी भुगतान नहीं किया जा रहा है।जबकि इनके साथ 64 मजदूरों को एरियर के साथ मजदूरी पर रखा गया,पर बाकी के मजदूरों को मजदूरी नहीं मिली।देखा जाये तो सवैधानिक दृष्टिकोण से कोल वाश्री कुछ को नौकरी देती है और कुछ को नहीं।जिन मजदूरों की नियुक्ति नहीं हुई उनका केस झारखण्ड उच्च न्यायालय में लंबित है।सूत्रों की माने तो इन मजदूरों की हालत इतनी दयनीय है कि ना तो भारत कोकिंग कोल कंपनी इन मजदूरों की सुध ले रही है और ना ही सरकार। इतना ही नहीं झारखण्ड के न्यायालय के आदेशानुसार जो पैसा मिल रहा था ,वह भी बंद कर दिया गया है।दुग्धा कोल वॉशरी के प्रबंधक की मनमानी चल रही जिस पर न्यायालय को संज्ञान लेने की जरुरत है जीससे मजदूरों का पैसा मिल सके।
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
