सरकारी योजनाओं में अभी जमकर घोटाला देखने को मिल रही है । चाहे हम नल जल योजना की बात करें, इंद्रा आवास की बात करे या आंगनबाड़ी केंद्रों की ही बात करें। आज हम आंगनबाड़ी केंद्रों के बारे में बात करते हैं । अगर पूरे प्रदेश की बात की जाय तो करीब एक लाख दस हजार पूरे बिहार में आंगनबाड़ी संचालन केंद्र है । धात्री एवं गर्भवती महिला को 237 रुपिया महीना दिया जाता है। पोषक बच्चा एवं पूर्व शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चो को 200 देना होता है, अतिकुपोषित बच्चे को 300 रुपिया दिया जाता है। नये वित्तीय वर्ष अप्रैल महीने में बिहार सरकार का नियम बना की डी.टी के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थियों को सहयोग के रूप में कुछ पैसा दिया जाएगा। एक केंद्र में लगभग 96 लाभार्थियों होते हैं। सूत्रों की माने तो अप्रैल महीने से लेकर आजतक पूरे बिहार में कही कोई राशि वितरित नहीं हुई है । जबकि विशेष इसी काम के लिए बिहार में नोडल पदाधिकारी बनाये गए थे सुगमता शर्मा । उल्लखनीय है कि इसी विभाग के मंत्री मंजू बर्मा बालिका घोटाला में जेल गयी थी। ये तो मात्र एक बात है । सेंटर में गर्भवती महिला को( कुल 5 हजार) पहले एक हजार फिर 1000-1000 दिए जाते है किंतु इसमे घोटाला है। कुल मिलाकर इसमे अरबो का घोटाला है । पूरे बिहार के 38 जिला के प्रखंड में बाल विकास परियोजना का पद है। उनमें से 5 प्रतिसत पद अभी भी खाली है । आखिर ये पैसा गया कहा ? अगर इसकी जांच हो तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है । अब देखना यह है कि प्रदेश की सरकार जांच करती है या इसे ठंडे बस्ते में डाल देती है ,ये तो आने वाला वक्त ही तय करेगा ।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2020 के अवसर पर सभी कोषांग के वरीय पदाधिकारी और नोडल पदाधिकारी के साथ समाहरणालय सभाकक्ष में समीक्षात्मक बैठक की गई। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी ने सभी कोषांग कार्मिक सह मतगन्ना सह पहचान पत्र कोषांग, सामग्री कोषांग, वाहन कोषांग, पोस्टल बैलेट पेपर कोषांग, ईवीएम कोषांग प्रशिक्षण कोषांग विधि व्यवस्था कोषांग, सीआरपीएफ कोषांग, प्रेक्षक कोषांग, आदर्श आचार संहिता कोषांग, मीडिया स्वीप कोषांग, जिला संपर्क केंद्र सह अपलाइन कोषांग, निर्वाचन व्यय कोषांग, सुविधा समाधान सुगम एवं आईटी एप्लीकेशन कोषांग, बज्र गृह एवं मतगणना केंद्र निर्माण कोषांग द्वारा कार्य योजना अनुसार किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की।प्रशिक्षण कोषांग द्वारा दिए जाने वाले प्रशिक्षण पर विमर्श किया गया, अनुमंडल स्तर पर डिसेंट्रालाईज्ड प्रशिक्षण आयोजित कराने और ईवीएम के हैंड्स ऑन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराने का निर्देश दिया गया। जिला पदाधिकारी ने सभी कार्यों को कोविड 19 प्रोटोकॉल के अनुसार करने का निदेश दिया।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

सरकार के उदासीन रवैये के कारण सम्बद्ध डिग्री महाविद्यालय के शिक्षकों,कर्मियों की स्थिति दयनीय वर्तमान में भुखमरी के कगार पर हैं सम्बद्ध डिग्री महाविद्यालय के कर्मियों की स्थिति वहीं सूत्रों की माने तो कुलपति/प्रतिकुलपति की नियुक्ति में करोड़ो रुपये के रकम की हुई उगाह जैसा कि हम सभी जानते हैं कि शुक्रवार को बिहार में चुनाव की घोषणा हो चुकी है । तीन चरणों मे चुनाव होंगे । आज हम बात करेंगे सम्बद्ध डिग्री महाविद्यालय के शिक्षकों,कर्मियों की स्थिति के बारे में । बिहार में लगभग 250 सम्बद्ध डिग्री महाविद्यालय था, किन्तु पूरी जांच में लगभग 100 सम्बद्ध डिग्री महाविद्यालय सही पाए गए। लेकिन 2012 से 2020 का अनुदान विभिन्न जांच पड़ताल के नाम पर लंबित पड़ा है। इसके पीछे कारण है कि सत्तारूढ़ दल के अधिकांश सांसद, विधायक,मंत्री के माध्यम से ये कॉलेज संचालित किए जाते है,जिसके कारण लगभग 250 कॉलेजों से प्रतिवर्ष इन संचालकों को 20 लाख से लेकर 50 लाख की अवैध काली कमाई होती है। सरकार के बार बार चेतावनी के बावजूद भी आंतरिक श्रोत से होने वाली आय से कॉलेजों के शिक्षक कर्मियों को 70 प्रतिशत नियमानुसार मासिक वेतन देने का भी निर्देश दिए गए । इनको ईपीएफ दिए जाने का भी प्रावधान है परंतु कॉलेज प्रबंधन द्वारा स्थापनकाल से लेकर आजतक ना तो नियमानुसार वेतन दिया गया है और ना ही सरकार द्वरा दिए गए अनुदान की राशि ही नियमानुसार दी गयी। बल्कि अपने हिसाब से अपने अपने चेहरे को बिना नियम कानून का भुगतान किया गया। 2008 से 2011 तक में मिले राशि का भी सही -सही नियमानुसार.भुगतान राशि नहीं दिए गए है जिसके कारण राज्य के उच्च शिक्षा कर्मियों के जीवन अधर में लटका हुआ है । ये लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं । वर्त्तमान में ये लोग भुखमरी के कगार पर पहुच गए हैं। करीबन 1 दर्जन से अधिक कर्मियों की मौत पैसे के अभाव में दवा दारू के कारण हो गई। जब- जब चुनाव आते है प्रदेश के मुख्यमंत्री अपने तेवर में भुगतान करने का निर्देश देते हैं, वित्त विभाग से पैसा भी रिलीज किया जाता है परंतु उन कर्मियों तक ये भुगतान नही पहुच पाता है। इसके पीछे ये कारण है कि बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों में कुलपति प्रति कुलपति, रजिस्टार की नियुक्तियां राजपाल और राज्यसरकार के सहमति से होता है। पैनल में नाम राज्यसरकार राजभवन को भेजती है जिसे राजभवन स्व स्वीकृति दी जाती है । अगर हम सूत्रों की माने तो कुलपति /प्रतिकुलपति की नियुक्ति मोटी रकम लेकर की गई। अगर अपने सूत्रों की माने तो कुलपति के लिए एक करोड़ से ऊपर रकम लिए जाते है। वही प्रतिकुलपति के लिए 60 से लेकर 80 लाख तक रकम ली जाती है। ऐसे में कहा से वित्तरहित शिक्षकों का भला होगा। क्या प्रदेश सरकार को इनकी हालात मालूम नहीं, या मालूम करने में कोई दिलचस्पी नहीं है । अब चुनाव आया तो लंबी लंबी घोषणा , आखिर क्यों ?

बिहार विधान परिषद के शिक्षक एवं स्नातक 8 सीटो पर चुनाव की घोषणा होते ही उम्मीदवारों की चहल कदमी तेज हो गयी हैं। हम सभी शिक्षक एवं स्नातक मतदाता से अपील करते हैं कि वो इस बार के चुनाव में अपना नेता नहीं प्रतिनिधि चुने जो आपके सम्मान और अधिकार के साथ शिक्षा व्यवस्था में बदलाव कर सके । सब लोगों ने ठाना हैं प्रतिनिधि नया बनाना हैं। करे एक वोट लगेगा बड़ा चोट। मिला हैं मौका ,लगा ले चौका जय शिक्षा, जय शिक्षक डा.कृष्ण मोहन चौधरी समाजसेवी,शिक्षाविद सह मिथिला वस्र सेवा संस्थान सचिव सह दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र उम्मीदवार

मुंशीगंज थाना क्षेत्र के एचएएल गेट के पास गड्ढे में मिली महिला की लाश

कच्ची दीवार गिरने से एक दंपत्ति की हुई मौत

मिस्टर-मिस और मिसेज पटना 2020 का पहला ऑडिशन संपन्न, मॉडलस ने बिखेर रैंप पर जलवे पटना, 27 सितंबर इवेंट के क्षेत्र में अग्रणी रेड रती की ओर से आयोजित मिस्टर-मिस और मिसेज पटना 2020 सीजन 06 का पहला ऑडिशन संपन्न हो गया। मिस्टर-मिस और मिसेज पटना 2019 सीजन 06 का ऑडिशन बोरिंग रोड के सुमति पैलेस स्थित आरएफएस इंस्टीच्यूट में किया गया।शो का आयोजन रेड रती के डायरेक्टर मास्टर उज्जवल और संजीव रंजन संयुक्त रूप से कर रहे हैं। शो को आरएफस निफ्ट निड की ओर से प्रायोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर बतौर जज जाने-माने मॉडल मनीष चंद्रेश, डांस कोरियोग्राफर अनिल राज और नरूला एंड कंपनी की डायरेक्टर शिखा नरूला उपस्थित थी।आडिशन में करीब 70 प्रतिभागियो ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर स्पेशल गेस्ट के तौर पर सपना गोयल, शुभम कुमार सिंह ,अंकित पीयूष ,अमित कुमार (मगध होटल MD) , ,श्वेता साही , ध्रुव आनंद, नफीस आलम, आलोक सिंह, अंकिता सेठी, प्रियंका पटेल, कोमल सोनी, निशा कुमारी, अनुष्का गुप्ता, दीपू राज, आनंद मैक्स, विष्णु प्रसाद, राजउद्दीन ,अटल जी ,अवधेश समूरा ,फोटोग्राफी निरंजन कुमार ,रागनी पटेल ,लाडो बानी ,निखिल भारती, राजेश राज ,सुमन सावरिया समेत कई अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद थे। कोरोना महामारी को देखते हुये प्रतिभागियों को मास्क और सैनिटाइजर की सुविधा दी गयी। मास्टर उज्जवल ने बताया कि बड़े स्तर के मॉडलिंग हंट शो मुंबई ,कोलकाता या फिर दिल्ली में किये जाते हैं। बिहार में बड़े स्तर के मॉडल हंट शो का आयोजन नही किया जाता है। बिहार के उभरते मॉडलों को प्रोत्साहित करने और उन्हें वैश्विक मंच देने के उद्देश्य से मिस्टर..मिस और मिसेज पटना का आयोजन किया गया है। शो के फिनाले में हर वर्ग में 20 मॉडलो को चयनित किया जायेगा और उन्हें सम्मानित किया जायेगा। शो में हिस्सा लेने के लिये 7033355532 और 8969499194 पर जानकारी ली जा सकती है।

ताजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मोरबा के चंदौली गांव में पूर्व से चल रहे भूमि विवाद को लेकर कुछ लोगों ने शनिवार की रात मोरवा प्रखंड के दैनिक भास्कर के पत्रकार शिशिर कुमार चौधरी को मारपीट कर घायल कर दिया है. मारपीट में शिशिर कुमार चौधरी, उनके भाई संजय कुमार चौधरी सहित तीन चार लोग घायल हुए हैं. घायल पत्रकार का ताजपुर अस्पताल में इलाज किया जा रहा है. घटना के विरोध में ताजपुर थाने में आवेदन दिया गया है. ऐपवा जिलाध्यक्ष सह भाकपा माले नेत्री बंदना सि़ह ने चौथे खंभे के प्रहरी पर साजिश के तहत जानलेवा हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए एफआईआर दर्ज कर तत्काल आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है अन्यथा धरना- प्रदर्शन करने की घोषणा की है. श्रीमती सिंह ने कहा है चौथे खंभे के प्रहरी पर हमला बर्दाश्त से बाहर है. पुलिस प्रशासन आरोपियों पर यथाशीघ्र कारबाई करें ताकि भविष्य में पत्रकारों पर हमला करने से पहले आरोपियों को सौ बार सोचना पड़े। सुनने के लिए ऊपर के ऑडियो पर क्लिक करें। 

नोटबंदी, लाकडाउन से फटेहाल किसान को प्रखण्ड क्षेत्र में लगातार जारी वर्षा एवं तेज हवा ने पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. खेत में पानी लगने के कारण किसानों के फूलगोभी, बंधागोभी, परबल, कद्दू, नेनुआ, बैगन धान, तंबाकू आदि की फसल को बर्बाद कर दिया है. अपने खेत के बर्बाद फसल देखकर किसानों के होश उड़े हुए हैं. भाकपा माले प्रखण्ड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, किसान नेता ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, खेग्रामस के प्रभात रंजन गुप्ता की टीम ने रविवार को मोतीपुर के विजय कुमार, अमर कुमार, ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, जयदेव सिंह, ईश्वरदेव सिंह, देवेन्द्र सिंह, फतेहपुर के मनोज सिंह, रतन सिंह, राजखंड के अरविंद कुमार, मानपुरा के मो० अफरोज, सलेमपुर के अशोक सिंह आदि के खेतों का मुआयना कर बर्बाद सब्जी एवं धान की फसल को देखा. मौके पर माले नेता सुरेन्द्र प्रसाद सिंह के प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी से बर्बाद फसलों का निरीक्षण कर सरकार को रिपोर्ट भेजकर फसल क्षति मुआवजा देने, केबीसी ऋण माफ करने आदि की मांग की है। सुनने के लिए ऊपर के ऑडियो पर क्लिक करें। 

मोरवा प्रखंड के चकपहाड़ पंचायत में सड़कों की हालत काफी गम्भीर है ,स्थानीय लोग हर रोज नरकीय हालत में इसी कच्ची सड़क से आने जाने को को मजबूर हैं । जी हाँ बात कर रहा हूँ चकपहाड़ मुख्य पुल से सटे बायीं तरफ की सड़क जो नुन नदी के किनारे किनारे से चकपहाड़ मन पर होते हुए एक बड़ी आबादी महादलितों के बस्ती से गुजरती है और पुनः रामलगन पासवान जी के घर के समीप पक्की सड़क से मिलती है।जब चकपहाड़ मन पर से आगे बढ़ेंगे तो क्या मजाल की आप पैदल भी सुरक्षित यात्रा कर लें,वही दूसरी ओर इसी पंचायत के कमतौल मे वार्ड चार से राजू साह के घर से साह टोला,बढ़ई होते हुए वार्ड एक कमतौल लवली चौक की ओर जाने वाली कच्ची सड़क का भी यही हाल है पर पंचायत की बड़ी आबादी विवश है इसी सड़क पर जान जोखिम में डालकर चलने को।स्थानीय मूखिया लोगों के समस्याओं के प्रति संवेदनशील होते तो कुछ बात जरूर बनती,पर महादलित बस्ती के लोग उनसे सवाल करने का साहस नहीं जुटा पाते बरहाल जिंदा नरक भोग रहें हैं। आये दिन कोई बड़ी हादसा का गवाह ये सड़क बन सकता है जिसका जिम्मेदार जनप्रतिनिधि का असंवेदनशील रवैया होगा । सड़क का ये बदहाल को देखकर स्थानीय समाज सेवी सह वामपंथी नेता प्रभाष कुमार पंकज ने रोष प्रकट करते हुए सड़क के लिए आंदोलन की चेतावनी दी है।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।