बिभूतिपुर विधायक श्री अजय कुमार के ऊपर आज योगी चौक के निकट जो हमला हुआ अपराधियों के द्वारा उसके विरोध में कल दिन सोमवार दिनाक 03/05/2021 को 10:00 बजे दिन से गांवपुर योगी चौक पर सड़क जाम किया जाएगा

रविवार देर रात जानलेवा हमला में बाल बाल बचे विभूतिपुर विधायक अजय कुमार। घटना स्थल से अपराधियों द्वारा इस्तेमाल की गई मोटोसाइकिल बरामद। सुनिए मोबाइल वाणी से विधायक जी की सीधी बातचीत

बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला के विभूतिपुर प्रखंड से मोबाइल वाणी संवाददाता राजकुमार ठाकुर ने विकास से साक्षात्कार लिया जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि लॉकडाउन के लेकर के लोगों की स्थिति बहुत दयनीय हो गई है।कस्टमर लोग भर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। इसी कारण से सभी व्यवसाय भी अस्त-व्यस्त है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

------------------------- "गांधी शांति अभियान की पहल" ------------------------------------ *महामारी मुक्त भारत अभियान* ----------------------------------- समस्तीपुर। 1 मई 2021. विश्व ‌श्रमिक दिवस के अवसर पर जीवन अधिकार सत्याग्रह। राष्ट्र सेवा दल, समस्तीपुर के अख्तियारपुर स्थित कार्यालय तथा असंगठित खेतिहर मजदूर पंचायत के समस्तीपुर स्थित कार्यालय पर गाँधी शांति अभियान के पहल पर असंगठित खेतिहर मजदूर पंचायत, राष्ट्र सेवा दल, जल श्रमिक संघ एवं बाल अधिकार संरक्षण समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जीवन अधिकार सत्याग्रह के अवसर पर दिन भर के उपवास कार्यक्रम के दौरान पंचायत समिति सदस्य संजीव कुमार, दिनेश प्रसाद चौरसिया, वीणा कुमारी, रामप्रित चौरसिया, अर्चना कुमारी, बलराम चौरसिया, रविन्द्र पासवान, अंजू कुमारी, वीभा कुमारी, किरण कुमारी, ललिता कुमारी, अरविंद कुमार झा, सोनू कुमार, मनीषा कुमारी आदि नें उपवास रखा। इस उपवास कार्यक्रम का मूल मकसद था कि सरकार को जन स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा देकर महामारी को रोकनें का सकारात्मक पहल करने की आवश्यकता है को स्थापित करना। आज मानव समाज फिर से घनघोर संकट में घिर गया है। 1918 के फ्लू महामारी में तकरीबन डेढ़ करोड़ से ज्यादा भारतीयों की अकाल मृत्यु हुई थी। तब आज की तरह न तो विज्ञान-तंत्रज्ञान सर्वव्यापी था और न हीं आज की तरह सर्वव्यापी अपनी सरकार थी। दूसरा महाघात 1942-46 के बीच का बंगाल का अकाल रहा, जिसमें महज एक सूबे में 20 लाख से ज्यादा लोग मौत के गोद में समा गए थे। तब भी हम राजनीतिक गुलाम थे। तीसरा महाघात अब है जहाँ सर्वव्यापी सरकार और विज्ञान के बावजूद इंसानी जीवन घड़ी का पेंडुलम बन गया है। मौत और बेबसी की खबर आम हो गई है। इंसानियत आवाक है। यह हमारे लोकतांत्रिक भारत की सबसे बड़ी बेबसी है और अंगुली सरकार की ओर है, जिसके आदेश पर थाली और ताली पीटने के बावजूद मौत की धारा अविरल बहती जा रही है। हम आजाद हैं, लोकतांत्रिक हैं, संविधान सम्मत हैं, सरकार अच्छादित है। लेकिन मौत, कोविड का मौत कुछ सुनता नहीं और हम अच्छे दिन की ओर टकटकी लगाए है। मौत है जो कि थमनें का नाम नहीं लेता है। हम लोकतांत्रिक हैं इसलिए इस अंतहीन शोक और बेबसी के आलम में एक कर्तव्य दक्ष नागरिक की भूमिका अदा करनी है। हम संविधान सम्मत हैं इसलिए सरकार से जवाब तलब भी करना हैं तथा बतौर नागरिक अपने नागरिक होने के कारण इस महासंकट से देश को उबारने में अपनी भूमिका भी अदा करनी है। इसी तरह काशीपुर, समस्तीपुर में सुरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में माला कुमारी, कौशल कुमार, गीता देवी, आमना प्रवीण, बबिता कुमारी, कुशेश्वर राय, जयंती कुमारी और दामोदरपुर महुली में कमल प्रसाद कर्ण के नेतृत्व में गौरी शंकर चौरसिया, शीतल कुमारी, चांदनी कुमारी, वीभा कुमारी, शशिभूषण प्रसाद नें भी आठ बजे सुबह से आठ बजे शाम तक का उपवास कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान तय हुआ कि * पूर्ण उपवास तथा मौन। * ध्यान लगाकर स्व सामर्थ्य जागृत करना। * महामारी के विविध आयाम पर शोध व स्वास्थ्य परक जानकारी साझा करना। * प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपनी नाराज़गी, निराशा प्रकट करनें के साथ हीं एक जुटता का इंकलाब करना। * महामारी मुक्त भारत के लिए आगे की कार्ययोजना/कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा बनाना। * स्वयंसेवक तथा सहयोगियों की सूची बनाना तथा संपर्क करना। * समाज को व्यापक तथा मजबूत नागरिक भूमिका के लिए तैयार करना।

आज तक के टीवी एंकर रोहित सरदाना की मौत पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए सरकार की खामियों को भी जमकर कोशा:आर.के.राय बिहार : झंझट टाइम्स के संपादक आर.के.राय ने आपदा की इस घड़ी में आए दिन लगातार कोरोना संक्रमण की वजह से पत्रकारों की हो रही मौत पर दु:ख जताते हुए चिंता जाहिर की है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

मजदूर दिवस के अवसर पर आशा सेवा संस्थान के सचिव अमित कुमार वर्मा ने कहा की मजदूर को समाज मे न केवल सम्मान मिलना चाहिए बल्कि सरकार द्वारा निर्धारित हक भी मिलना चाहिये।बतातें चलें कि मध्यप्रदेश की संस्था की पार्टनर एन जी ओ आशा सेवा संस्थान विगत एक वर्ष से प्रवासी मजदूरों के अधिकार एवं उनके सुरक्षित पलायन के लिये संस्था काम कर रही है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

आशा सेवा संस्थान विगत दस वर्षों से जेल के बंदियो के बीच विभिन्न प्रकार की सामाजिक गतिविधियां करती आ रही है।वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के लिए जनजागरूकता अभियान एवं राहत सामग्री वितरण अन्तर्गत भी संस्था द्वारा किया जा रहा है।इस क्रम में आशा सेवा संस्थान द्वारा मंडल कारा समस्तीपुर के बन्दियों एवं कारा कर्मी के संक्रमण से बचाव के लिए मास्क बनाने के लिए हैंड सैनीटाइजर एंव वाल सैनीटाइजर दिया गया।आवश्यक सहयोग डायमंड किंग केमिकल्स के एम डी सुमित कुमार ने किया।मौके पर मंडल कारा के वरीय लिपिक कुंतल कुमार,ईडेन वेलफेयर ट्रस्ट के चेयरमैन ब्रजकिशोर कुमार ,कमालुद्दीन मौजूद थे।पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

कोरोना की दूसरी लहर के मुद्देनजर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश पूर्व घोषित तिथि से एक माह पहले प्रभावी कर दिया गया है। राज्यपाल सह कुलाधिपति फागू चौहान की अनुशंसा पर राजभवन में 1 मई से 30 मई तक गर्मी की छुट्टी घोषित कर दी गई है।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला के ताजपुर प्रखंड से मोबाइल वाणी संवाददाता दीपक कुमार ने जानकारी दी कि उनके यहाँ एक कोविड मरीज जिसके बारे में उन्हें आज पता चला। पर उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए कोई भी तैयार नहीं हुआ उन्हें कहीं से कोई मदद नहीं मिली जिसके कारण उनकी मौत जो गई। उसके बाद लोग उसे छूने को तैयार नहीं थे। एम्बुलेंस आने के बाद भी उसे कोई छूने को तैयार नहीं थे। क्योकि उनके पास पीपी किट नहीं था। पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

कोरोना से पत्रकारों की हुई मौत पर 20 लाख मुआवजा व सरकारी नौकरी दे सरकार: आर.के.राय, संपादक आज तक के टीवी एंकर रोहित सरदाना की मौत पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए सरकार की खामियों को भी जमकर कोशा:आर.क संपादक बिहार : झंझट टाइम्स के संपादक आर.के.राय ने आपदा की इस घड़ी में आए दिन लगातार कोरोना संक्रमण की वजह से पत्रकारों की हो रही मौत पर दुख जताते हुए चिंता जाहिर की है। एक प्रेस रिलीज जारी कर उन्होंने कहा ने कोरोना संक्रमण से हुए पत्रकारों के मौत पर पत्रकारों के परिजनों को कम से कम 20 लाख मुआवजा दिए जाने के साथ ही उनके आश्रितों को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की । और साथ ही पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने कि माँग राज्य सरकार और केंद्र सरकार से की है। आगे उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण जैसी वैश्विक महामारी के दौरान पत्रकार भाई भी केन्द्र सरकार और बिहार सरकार के अन्य कर्मचारियों की तरह जान-जोखिम में डालकर कदम से कदम मिलाकर कोरोना वारियर्स का काम कर रहे हैं। आम लोगों तक पल पल का ताजा रिपोर्ट को पहुंचाने के लिए दिन रात मेहनत करते है। इस दौरान कई पत्रकार साथियों की कोरोना की चपेट में आने के कारण मौत हो चुकी है। बीते दिनों भी प्रभात खबर मधेपुरा के पत्रकार पिंटू भगत और शुक्रवार को आज तक के वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना की कोरोना के कारण मौत हो गई। पूर्व में भागलपुर के दैनिक जागरण के राम बाबु की भी कोरोना से मौत हो गयी है । उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस ने दुनिया भर में एक बड़ा स्वास्थ्य मसला खड़ा किया है। और आम जनता में जागरूकता पैदा करने में पत्रकार अहम भूमिका निभा रहे हैं। वे अपने पेशेवर कर्तव्यों को निभाने के लिए मुश्किल हालत में काम कर रहे हैं। इसलिए पत्रकारों के मौत पर जिस तरह सरकारी कर्मचारियों का बीमा कराया जा रहा है उनके पेंशन की व्यवस्था कराई जा रही है उसी प्रकार पत्रकारों की गई 50 लाख का बीमा कराया जाए और उनके मौत पर आश्रितो को पेंशन योजना का लाभ दिया जाय।  वही श्री राय ने सरकार के खामियों को भी कोशा,ना तो देश के पीएम नरेंद्र मोदी और ना ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कोई सही स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। बिहार सहित पूरे देश मे ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए हाहाकार मचा हुआ है । डॉक्टर अभी कोरोना काल आसीयू के नाम पर जबरदस्त लूट खसोट मचाये हुए हैं। दवाई की कालाबाजारी हो रही है। आखिर ऐसे में हम कोरोना को कैसे मात दे पाएंगे? वहीं अंत मे श्री राय ने रोहित सरदाना के निधन पर दुख प्रकट किया।