------------------------- "गांधी शांति अभियान की पहल" ------------------------------------ *महामारी मुक्त भारत अभियान* ----------------------------------- समस्तीपुर। 1 मई 2021. विश्व श्रमिक दिवस के अवसर पर जीवन अधिकार सत्याग्रह। राष्ट्र सेवा दल, समस्तीपुर के अख्तियारपुर स्थित कार्यालय तथा असंगठित खेतिहर मजदूर पंचायत के समस्तीपुर स्थित कार्यालय पर गाँधी शांति अभियान के पहल पर असंगठित खेतिहर मजदूर पंचायत, राष्ट्र सेवा दल, जल श्रमिक संघ एवं बाल अधिकार संरक्षण समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जीवन अधिकार सत्याग्रह के अवसर पर दिन भर के उपवास कार्यक्रम के दौरान पंचायत समिति सदस्य संजीव कुमार, दिनेश प्रसाद चौरसिया, वीणा कुमारी, रामप्रित चौरसिया, अर्चना कुमारी, बलराम चौरसिया, रविन्द्र पासवान, अंजू कुमारी, वीभा कुमारी, किरण कुमारी, ललिता कुमारी, अरविंद कुमार झा, सोनू कुमार, मनीषा कुमारी आदि नें उपवास रखा। इस उपवास कार्यक्रम का मूल मकसद था कि सरकार को जन स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा देकर महामारी को रोकनें का सकारात्मक पहल करने की आवश्यकता है को स्थापित करना। आज मानव समाज फिर से घनघोर संकट में घिर गया है। 1918 के फ्लू महामारी में तकरीबन डेढ़ करोड़ से ज्यादा भारतीयों की अकाल मृत्यु हुई थी। तब आज की तरह न तो विज्ञान-तंत्रज्ञान सर्वव्यापी था और न हीं आज की तरह सर्वव्यापी अपनी सरकार थी। दूसरा महाघात 1942-46 के बीच का बंगाल का अकाल रहा, जिसमें महज एक सूबे में 20 लाख से ज्यादा लोग मौत के गोद में समा गए थे। तब भी हम राजनीतिक गुलाम थे। तीसरा महाघात अब है जहाँ सर्वव्यापी सरकार और विज्ञान के बावजूद इंसानी जीवन घड़ी का पेंडुलम बन गया है। मौत और बेबसी की खबर आम हो गई है। इंसानियत आवाक है। यह हमारे लोकतांत्रिक भारत की सबसे बड़ी बेबसी है और अंगुली सरकार की ओर है, जिसके आदेश पर थाली और ताली पीटने के बावजूद मौत की धारा अविरल बहती जा रही है। हम आजाद हैं, लोकतांत्रिक हैं, संविधान सम्मत हैं, सरकार अच्छादित है। लेकिन मौत, कोविड का मौत कुछ सुनता नहीं और हम अच्छे दिन की ओर टकटकी लगाए है। मौत है जो कि थमनें का नाम नहीं लेता है। हम लोकतांत्रिक हैं इसलिए इस अंतहीन शोक और बेबसी के आलम में एक कर्तव्य दक्ष नागरिक की भूमिका अदा करनी है। हम संविधान सम्मत हैं इसलिए सरकार से जवाब तलब भी करना हैं तथा बतौर नागरिक अपने नागरिक होने के कारण इस महासंकट से देश को उबारने में अपनी भूमिका भी अदा करनी है। इसी तरह काशीपुर, समस्तीपुर में सुरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में माला कुमारी, कौशल कुमार, गीता देवी, आमना प्रवीण, बबिता कुमारी, कुशेश्वर राय, जयंती कुमारी और दामोदरपुर महुली में कमल प्रसाद कर्ण के नेतृत्व में गौरी शंकर चौरसिया, शीतल कुमारी, चांदनी कुमारी, वीभा कुमारी, शशिभूषण प्रसाद नें भी आठ बजे सुबह से आठ बजे शाम तक का उपवास कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान तय हुआ कि * पूर्ण उपवास तथा मौन। * ध्यान लगाकर स्व सामर्थ्य जागृत करना। * महामारी के विविध आयाम पर शोध व स्वास्थ्य परक जानकारी साझा करना। * प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपनी नाराज़गी, निराशा प्रकट करनें के साथ हीं एक जुटता का इंकलाब करना। * महामारी मुक्त भारत के लिए आगे की कार्ययोजना/कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा बनाना। * स्वयंसेवक तथा सहयोगियों की सूची बनाना तथा संपर्क करना। * समाज को व्यापक तथा मजबूत नागरिक भूमिका के लिए तैयार करना।
