आज की युवा पीढ़ी महिला अधिकारों को एक नए नजरिए से देख रही है। जहां पहले अधिकारों की लड़ाई सड़क से संसद तक सीमित थी, वहीं अब यह लड़ाई डिजिटल दुनिया तक पहुंच चुकी है। सोशल मीडिया, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डिजिटल कैंपेन यह सब उसके नए हथियार हैं.

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से गीता सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को संपत्ति में अधिकार नहीं मिलता है। महिला पूरा काम खुद करती है। जहाँ महिला होती है वहां खेती अच्छा होता है। संपत्ति का बात जब आता है तो वहां महिलाओं को वंचित कर दिया जाता है

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से गीता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को संपत्ति के अधिकार से वंचित रखा गया है। एक महिला ने बताया कि संपत्ति और जमीन तो दूर की बात है। अगर वह घर से हंसुआ भी बिना पूछे किसी को दे देती हैं तो उस पर घर में चर्चा होती है और डांट दिया जाता है तो महिलाओं को निर्णय लेने का भी अधिकार नहीं है

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से सत्येंद्र यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं ने राजनीति में भाग ले कर नीतियों को प्रभावित किया और महिलाओं के अधिकारों के लिए कानून बनाए जाने में योगदान दिया। महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह ,महिला संगठन और समितियां बना कर उनके अधिकारों के लिए सामूहिक रूप से आवाज़ उठायी

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं ने कानूनों में सुधार की मांग की हैं। जैसे - दहेज़ प्रथा के खिलाफ कानून ,घरेलू हिंसा से सुरक्षा और समान वेतन के लिए धन राशि। अगर महिलाओं को सभी तरह के अधिकार प्राप्त करना है तो सबसे पहले उनको शिक्षित होना चाहिए। महिलाओं को एकजुट होना चाहिए तभी उनको अधिकार मिलेगा

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से रौशन रंजन मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं ने शिक्षा प्राप्त करने के लिए संघर्ष किया है ताकि वह उनके अधिकारों को समझ सके और समाज में बराबरी का स्थान प्राप्त कर सके। महलाओं ने विभिन्न सामाजिक आंदलोन में भाग लिया है जैसे - माता विकार आंदोलन जिसके तहत उन्हें वोट देने का अधिकार मिला है

Transcript Unavailable.