झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि संपत्ति कर के लिए कई दस्तावेज लगते हैं जैसे - संपत्ति पहचान संख्या ,पिछले कर का रशीद ,आधार कार्ड ,पैन कार्ड ,मालिक का प्रमाण पात्र ,विक्रय विलय स्वामित्य प्रमाण पत्र आदि।यह प्रक्रिया ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जो संपत्ति के मालिकों को उनकी सम्पत्तियों पर सही कानूनी दर्जा देती है
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विष्णुगढ़ प्रखंड के बनासो शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय परिसर में सत्र 2025 -27 प्रशिक्षकों का स्वागत समारोह एवं संस्कृति कार्यक्रम आयोजित किया गया इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ सुनील कुमार चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में कहा कि यह संस्था आपकी प्रतिभा परिश्रम और व्यक्तित्व को निखारने के लिए सर्वोत्तम वातावरण प्रदान करता है यह शिक्षा के साथ अपने जीवन को जीने की कला अनुशासन नैतिकता और आत्मविश्वास का भी विकसित किया जाता है
आपलोग हमें बताएं कि केवल परीक्षा में लाये हुए अच्छे नंबर ही एक अच्छा और सच्चा इंसान बनने का माप दंड कैसे हो सकता है? अक्सर देखा जाता है कि माता पिता अपने बच्चों के तुलना दूसरे बच्चों से करते है. क्या यह तुलना सही मायने में बच्चे को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करती है या उनके मन में नकारात्मक सोच का बीज बो देती है ? आपको क्या लगता है? इस पर आप अपनी राय, प्रतिक्रिया जरूर रिकॉर्ड करें। और हां साथियों अगर आज के विषय से जुड़ा आपके मन में किसी तरह का सवाल है तो अपने सवाल रिकॉर्ड करें अपने फ़ोन नंबर 3 दबाकर। हम आपके सवालों का जवाब ढूंढ कर लाने की पूरी कोशिश करेंगे।
विष्णुगढ़ प्रखंड के कुसुंभा पंचायत अंतर्गत बरहमोरिया स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में सोमवार को मांडू विधायक निर्मल महतो तिवारी महतो शिलापट्ट का अनावरण कर विद्यालय की चारदीवारी तथा विविध उन्नयन कार्यों का शिलापट्ट का अनावरण किया गया अवसर पर सांसद प्रतिनिधि रविंद्र कुमार वर्णवाल प्रखंड अध्यक्ष अजय कुमार मंडल किशोर कुमार मंडल मुखिया दुलारचंद पटेल महादेव देहाती धीरज कुमार साव कुवंर हांसदा दिनेश साव प्रदीप महतो सुधीर कुमार गौतम वर्मा समेत कई लोग मौजूद थे।
नमस्कार, आदाब दोस्तों ! स्वागत है आपका मोबाइल वाणी और माय कहानी की खास पेशकश कार्यक्रम भावनाओं का भवर में। साथियों, हर माता-पिता को अपने बच्चों से पढ़ लिखकर कुछ अच्छा करने की उम्मीद होती है तभी तो किसी ने अपनी कलम से यह लाइन खूब लिखी है की पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा, बेटा हमारा ऐसा काम करेगा, मगर ये तो कोई न जाने के मेरी मंजिल है कहाँ ...........और सही मायने में ज़िन्दगी मंजिल तो हर किसी का अलग अलग होता है पर आज के समय में माता पिता ज़िन्दगी के दौड़ में हर बच्चे का मंजिल एक ही बनाना चाहते है। आज की जेनेरशन के भी माता -पिता अपने बच्चों के ऊपर एग्जाम में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए दबाव तो डालते ही हैं पर गौर करने वाली बात तो यह है कि इन सब के बीच बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के बारे में हम भूल जाते है। तो चलिए आज की कड़ी में जानते है कि साथियों बच्चें देश के भविष्य होते हैं और बच्चों के भविष्य से ही देश की भविष्य की कल्पना की जाती है ऐसे में उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। क्यूंकि मानसिक विकार किसी की गलती नहीं इसलिए इससे जूझने से बेहतर है इससे जुड़ी पहलुओं को समझना और समाधान ढूंढना। तो चलिए, सुनते है आज की कड़ी।.....साथियों, अभी आपने सुना कि कैसे बच्चों पर शैक्षणिक दबाव का असर उनके मानसिक स्वास्थ्य का प्रभावित करता है और इससे कैसे निपटा जा सकता है। अब अगली कड़ी में सुनेंगे की आखिर कभी कभी पुरुषों के लिए भी रोना क्यों जरुरी हो जाता है। लेकिन तब तक आपलोग हमें बताएं कि केवल परीक्षा में लाये हुए अच्छे नंबर ही एक अच्छा और सच्चा इंसान बनने का माप दंड कैसे हो सकता है? अक्सर देखा जाता है कि माता पिता अपने बच्चों के तुलना दूसरे बच्चों से करते है. क्या यह तुलना सही मायने में बच्चे को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करती है या उनके मन में नकारात्मक सोच का बीज बो देती है ? आपको क्या लगता है? इस पर आप अपनी राय, प्रतिक्रिया जरूर रिकॉर्ड करें। और हां साथियों अगर आज के विषय से जुड़ा आपके मन में किसी तरह का सवाल है तो अपने सवाल रिकॉर्ड करें अपने फ़ोन नंबर 3 दबाकर। हम आपके सवालों का जवाब ढूंढ कर लाने की पूरी कोशिश करेंगे। साथ ही इसी तरह की और भी जानकारी सुनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें https://www.youtube.com/@mykahaani
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विष्णुगढ़ बाजार टांड स्थित धर्मशाला में ग्रामीणों ने एक बैठक किये बैठक की अध्यक्षता समाजसेवी विपिन कुमार सिन्हा ने व संचालन सेवानिवृत्ति शिक्षक लालधन महतो ने किये। इस बैठक में इस क्षेत्र में महिला महाविद्यालय नहीं रहने के कारण लोगों को हजारीबाग रांची धनबाद एवं अन्य जगहों पर पढ़ाई के लिए अभिभावक भेजते हैं इसे ध्यान में रखते हैं इस क्षेत्र में महिला महाविद्यालय खोलने को लेकर ग्रामीण एकजुट हुए।
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जी हाँ साथियों, शिक्षा का मानव जीवन में एक अलग महत्व है. शिक्षा ही एक मात्र ऐसा हथियार है जो न सिर्फ एक व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है बल्कि समाज को एक सही रास्ता भी दिखाता है। शिक्षा से समाज में फैले अंधकार को मिटाया जा सकता है। शिक्षा हर वर्ग के लोगों के लिए जरूरी है. हरेक वर्ग को शिक्षा के महत्व को समझाने के उद्देश्य से विश्व साक्षरता दिवस मनाया जाता है।दुनिया भर में साक्षरता दर को बढ़ावा देने के उदेश्य से और सभी को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए यूनेस्को ने 7 नवंबर 1965 में इस दिन को मनाने का पहल किया। इसके बाद 8 सितंबर 1966 को पहली बार विश्व साक्षरता दिवस मनाया गया और तब से लेकर हर वर्ष 8 सितंबर को साक्षरता दिवस मनाया जाता है. तो साथियों, आइये हम सब मिलकर शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रण लें और इस पहल में अपना योगदान दें। आप सभी श्रोताओं को समस्त मोबाइल वाणी परिवार की ओर से विश्व साक्षरता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
