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भारत में खेती से जुड़ें कामों में महिलाओं की भागीदारी 70% के लगभग है जबकि वास्तिविकता में यह 15 प्रतिशत के करीब आती है सरकारी आंकड़ों के अनुसार लगभग 30% महिलाओं को ही “किसान” के तौर पर जाना जाता है. यह भारत में कामकाजी महिलाओं का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा खेती और उससे जुड़े कार्यों में लगा हुआ है.

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April 4, 2026, 7:57 p.m. | Location: 402: JH, Hazaribagh | Tags: governance   local updates  

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से अंजलि मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को शिक्षित करना जरूरी है। महिलाओं को स्वयं निर्णय लेने के लिए आर्थिक स्वतंत्रता बहुत जरूरी है। महिलाओं को आत्मविश्वास बढ़ाना चाहिए और अधिकारों के लिए आवाज उठाने की जरूरत है। इसके लिए परिवार और समाज को महिलाओं का समर्थन करना चाहिए

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि घर और बाहर के मामलों में चाहे वह वित्तीय हो या व्यक्तिगत महिलाओं को निर्णय लेने में समान भागीदार बनाना चाहिए। सुरक्षित वातावरण समाज और कानून को ऐसा माहौल बनाना चाहिए जहाँ महिलाएं सुरक्षित महसूस करे जिससे वे निर्भीक होकर निर्णय ले सके। इन कदमों को अपना कर महिला आत्मनिर्भर बन सकेंगी

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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को अधिकार नहीं मिलता है। महिलाओं को शिक्षित होना जरूरी है और उनको कानून की जानकारी भी होना चाहिए। महिलाओं को एकजूट हो कर रहना चाहिए तभी उनको अधिकार मिलेगा

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को अपने निर्णय लेने , सशक्त बनाने के लिए शिक्षा ,आर्थिक आत्मनिर्भरता और कानूनी अधिकारों की जानकारी बहुत ही आवश्यक जरूरी है। उन्हें आत्मविश्वास बढ़ाने ,आत्म संदेश छोड़ने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की जरूरत है

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से गीता सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इन्होने 'राजीव की डायरी' कार्यक्रम में जेंडर और जमीन की बात सुनी।यह कार्यक्रम सुनने के बाद इनको लगा कि जब महिलाओं को जमीन में अधिकार दिया जाएगा तभी पुरुषों से बराबरी कर पाएंगी।जमीन और सम्पत्ति के हक़ से महिलाओं को वंचित रखा गया है। अगर महिलाओं के पास जमीन होगा तो उनको गाँव,घर,समाज और राज्य में सम्मान की दृष्टि से देखा जाएगा तथा उनको सम्मान मिलेगा।