झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि भारतीय किसान यूनियन और बुंदेलखंड किसान यूनियन का कहना है वह कभी महिलाओं को अधिकार देने के सम्बन्ध में सोचे ही नहीं थे। महिलाओं को योजनाओं के बारे में पता ही नहीं है। लोगों को गूगल में सर्च करने के बाद योजनाओं के बारे में पता चला
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिला किसान के रूप में काम करती हैं लेकिन उनको अधिकार नहीं दिया जाता है। लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं खेती करती हैं। महिलाओं को न तो किसान के रूप में देखा जाता है और न ही किसान के रूप में अधिकार दिया जाता है
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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं में राजनितिक मुद्दों पर उपयोगी राय देने के लिए मानसिक क्षमता की कमी होती है। कुछ लोगों का कहना हैं कि महिलाओं के वोट से मतदाताओं की संख्या बढ़ जाएगी। मतदान में कोई नया लाभ जोड़े बिना ही खर्च बढ़ जायेगा
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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत कृषि प्रधान देश है और कई महिलाएं कृषि कार्य में अपना पूरा जीवन लगा देती हैं।उनके औ का मुख्य श्रोत कृषि कार्य होता है,जिससे वे अपना घर चलाती हैं।लेकिन दुर्भायवश उनके योगदान को अनदेखा किया जाता है। उनके स्वामित्व को नकारा जाता है तथा उनकी आवाज को व्यवस्थित रूप से दबा दिया जाता है।समाज महिलाओं को एक मजदूर की तरह देखा जाता है। ये सोच या अवधारणा बिलकुल गलत है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि कृषि क्षेत्र में बेरोजगारी और अलप रोजगार मुख्य समस्या है। इसमें आजीविका चलाने के लिए किसानों को पलायन करना पड़ता है।गैर कृषि क्षेत्रों में भी श्रमिकों की संख्या में वृद्धि होती है। इसके बाद ही इनको कृषि क्षेत्र में मुनाफा होता है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि भारत भर में पीएम किसान योजना ,किसान क्रेडिट कार्ड फसल बीमा योजना और सुखा राहत कार्यक्रम जैसी कल्याणकारी योजनाएँ आज भी एक पुराने मापदंड पर निर्भर है। भूमि स्वामित्य लेकिन अधिकांश ग्रामीण परिवारों में भूमि का स्वामित्य पुरुषों के हाथों में है। लाखों महिला किसान विशेष रूप से विधवाएं ,एकल महिलाएं ,दलित ,आदिवासी और मुस्लिम किसान उन योजनाओं से वंचित रह जाती हैं जो कृषि समुदाय के समर्थन के लिए बनाई गयी है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि भारत को कृषि प्रधान देश होने पर गर्व है। चुनावी नारों ,वादों और सांस्कृतिक प्रतीकों में किसानों का महिमामंडन किया जाता है। महिलाओं का श्रम अनदेखा किया जाता है। उनके स्वामित्व को अनदेखा किया जाता है। महिलाओं के आवाज़ को व्यवस्थित रूप से दबा दिया जाता है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि भारत प्रदेश की पहचान एक कृषि प्रधान देश के तौर पर जानी जाती है।किसानो के हाल बेहाल हैं। आज किसानों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। नेतागण किसानों की समस्याओं को नहीं समझते हैं। किसानो को सिर्फ दौड़ाया जाता है और समाधान नहीं होता है।
