झारखंड राज्य के हजारीबाग जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि विश्व भर में पच्चीस लाख लोग ऐसे हैं जो अपनी आजीविका ,सामाजिक संबंधों और संस्कृतिक पहचान के लिए सीधे तौर पर सामूहिक भूमि स्वामित्व और प्रणाली पर निर्भर है ।सामूहिक भूमि स्वामित्व प्रणाली समुदायों या लोगों का ऐसे समूह हैं जो भूमि के उपयोग और प्रबंधन के अधिकारों को साझा करते हैं ।समूह अधिकार के अतिरिक्त कुछ सामूहिक स्वामित्व प्रणालियों में समुदाय के प्रत्येक सदस्य को विशिष्ट संसाधनों और भूमि पर विशेष अधिकार प्राप्त होते हैं ।अधिकांश स्वदेशी और पारंपरिक समुदाय सामूहिक स्वामित्व के अंतर्गत भूमि धारण करते हैं ।

झारखंड राज्य के हजारीबाग जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि भारत में महिलाओं की भूमि अधिकार में धीरे धीरे भागीदारी बढ़ रही है ।कानूनी सुधारों संयुक्त स्वामित्व और सामाजिक आर्थिक सशक्तिकरण जैसे -सेवा भारत का काम ।इस माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है दो हजार पांच के उत्तराधिकार कानून के बाद बेटियों को पैतृक संपत्ति में बेटों के समान अधिकार मिला है । यह अधिकार उन्हें आर्थिक संतरता , निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करता है । बहुत सारे महिलाओं को इसके बारे में जानकारी भी है की बेटी को भी बेटे के बराबर का हिस्सा हमारे भारत के कानून के द्वारा दिया गया है ।इस चीज को जानकारी होना चाहिए तभी महिलाएं अपना अधिकार के लिए आगे बढ़ेंगी ।महिलाओं को सामूहिक रूप से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना चाहिए ।

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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत कृषि प्रधान देश है और कई महिलाएं कृषि कार्य में अपना पूरा जीवन लगा देती हैं।उनके औ का मुख्य श्रोत कृषि कार्य होता है,जिससे वे अपना घर चलाती हैं।लेकिन दुर्भायवश उनके योगदान को अनदेखा किया जाता है। उनके स्वामित्व को नकारा जाता है तथा उनकी आवाज को व्यवस्थित रूप से दबा दिया जाता है।समाज महिलाओं को एक मजदूर की तरह देखा जाता है। ये सोच या अवधारणा बिलकुल गलत है

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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि कृषि क्षेत्र में बेरोजगारी और अलप रोजगार मुख्य समस्या है। इसमें आजीविका चलाने के लिए किसानों को पलायन करना पड़ता है।गैर कृषि क्षेत्रों में भी श्रमिकों की संख्या में वृद्धि होती है। इसके बाद ही इनको कृषि क्षेत्र में मुनाफा होता है

विष्णुगढ़ प्रखंड मुख्यालय सभागार में पंचायती राज विभाग के द्वारा पंचायत सहायक मुखिया पंचायत सचिव को चार दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हो गया जिसे सभी पंचायत को सुदृढ़ीकरण डिजिटल पंचायत के अनुरूप केंद्र सरकार राज्य सरकार के द्वारा चलाए जा रहे हैं कल्याणकारी योजनाओं के बारे में अत्यंत गरीब वर्ग के लोगों को जागरुक करते हुए उन्हें लाभान्वित करने पर बल दिया गया प्रशिक्षण में स्वाति सिंह मुखिया उत्तम महतो चेतलाल महतो चंद्रशेखर महतो पंचायत सहायक उर्मिला कुमारी गीता देवी हेमंती देवी समेत बड़ी संख्या में पंचायत सहायक मौजूद रहे सफल प्रशिक्षण के दौरान मुखिया पंचायत सहायकों को राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत प्रमाण पत्र वितरण किया गया।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं के लिए कई राज्य स्तरीय योजनाएं उपलब्ध हैं।महिला वेबसाइट में जाकर योजनाओं को देख सकती हैं और लाभ ले सकती हैं।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं के लिए भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा शिक्षा,स्वास्थ्य, वित्तीय सहायता और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है। जिनमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुद्रा योजना, महिला समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और हिंसा से प्रभावित महिलाओं के लिए सखी केंद्र शामिल है। जो बालिकाओं को जन्म से लेकर महिला उद्यमिता और मातत्व स्वास्थ्य तक का ध्यान रखती है।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भूमि एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है,जो पौधों और अन्य जीवित जीवों द्वारा उपयोग किए जाने वाले पानी और पोषक तत्वों के भंडारण के रूप में कार्य सके। भूमि का सुधार और उत्पादकता ही खाद है। ऊर्जा और अन्य मानवीय आवश्यकताओं की पूर्ति का आधार भूमि है।यानि भूमि सिर्फ फसल के लिए नहीं बनाया गया है। बल्कि इसमें लगने वाले पेड़ पौधों के जरिए तमाम जीव-जंतु और मानव को लाभ मिलता है