युवाओ में वैक्सीन लेने को लेकर दिखा उत्साह
पुर्वी चंपारण जिला में आज से 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का वैक्सीनेशन शुरू हो गया है। इस वैक्सीनेशन अभियान में में सभी युवक-युवतियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
पुर्वी चम्पारण जिले के सदर अस्पताल समेत सभी प्रखंडों के स्वास्थ्य केंद्रों रविवार से 18 वर्षों से ऊपर के लाभुको का कोविड 19 टीकाकरण की शुरुआत की गई । जिले के 18 वर्ष से ऊपर के आयु के लोगों का इंतजार खत्म हुआ। इस आयु वर्ग के युवाओं ने 1 मई से ही टीकाकरण कराने के इंतजार में रजिस्ट्रेशन कराकर इंतजार कर रहे थे । रविवार के दिन से जिले में 18 वर्ष से ऊपर के वयस्कों के टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
सुगौली। सुगौली पीएचसी में जांच के दौरान तेरह लोग कोरोना पॉजिटिव मिले,मचा हड़कंप।
हरसिद्धि। जिलाधिकारी की उपस्थिति में हरसिद्धि स्थित ऑक्सीजन बॉटलिंग प्लांट की तकनीकी खराबी को दुरुस्त किया गया।पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
सुगौली। छपवा सब्जी बजार में कोरोना गाइडलाइंस का लोग उड़ा रहे धज्जियां। बजारों में सुबह उमड़ रही भाड़ी भीड़।
सुगौली में जांच के दौरान एक पीएचसी कर्मी सहित दस कोरोना पॉजिटिव पाए गए।
इस महामारी के दौरान कई जगहों से निजी एम्बुलेंस के द्वारा मनमाना किराया वसूले जाने की खबर आने के बाद मरीजों की सुविधा के लिए पर अब निजी एम्बुलेंस का किराया निर्धारित कर दिया गया है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोई पहचान पत्र न रखने वाले लोगों का टीकाकरण करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके मुताबिक ऐसे लोगों को कोविन ऐप में पंजीकृत किया जाएगा और उनके टीकाकरण के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन लोगों की पहचान करने की जिम्मेदारी जिला प्रशाशन की होगी। मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक किसी भी व्यक्ति को वैक्सीनेशन कराने के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर कार्ड या पेंशन पेपर में से किसी एक पहचान पत्र का होना जरूरी है लेकिन अगर किसी के पास यह पहचान पत्र नहीं हैं तो उन्हें वैक्सीनेशन से वंचित नहीं रखा जा सकता। इसी के मद्देजनर मंत्रालय ने ऐसे लोगों का टीकाकरण कराने के लिए गाइलाइन जारी की है। इस श्रेणी में बुजुर्ग, साधु-संत, जेल में बंद कैदी, मानसिक अस्पतालों में भर्ती मरीज, वृद्धाश्रम के लोग, भिखारी, पुनर्वास केन्द्रों में रह रहे मरीज शामिल होंगे। पूरी जानकारी के लिए लिंक को अभी क्लिक करें।
बाढ़ पूर्व तैयारी की समीक्षा
