उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से अलोक श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि हर गांव में नल के पानी की सुविधा प्रदान की गई है। हर गाँव में नल लगाए गए हैं लेकिन नल का पानी आज तक नहीं आया है क्योंकि हमने तस्वीर को भी इस तरह तोड़ दिया है। काम करवाने से सरकार को पैसा बर्बाद करने का फायदा हुआ है। इस तरह का काम न किया जाए तो अच्छा है। सरकार लोगों को साफ पानी दे रही है, लेकिन सभी को कागज पर साफ पानी मिल रहा है। लेकिन वास्तव में यह न मिलना बहुत दुखद खबर है कि लोग सुविधा होने पर भी इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इसका मुख्य कारण अनुबंध के काम की कमी है, इस सरकार की ओर से इसकी कमी है, इसके बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं है, या यह खबर सरकार पर निर्भर है।

उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि श्रमिक उतना काम नहीं कर रहे हैं जितना ऑनलाइन उपस्थिति दिखाई जा रही है। यह सच है कि मनरेगा योजना के तहत लोगों को रोजगार दिया जा रहा है, उन्हें रोजगार मिल रहा है, लेकिन आधे लोगों को रोजगार मिल रहा है, यहां तक कि जिन्हें प्रधान और अन्य लोग पसंद करते हैं, उन्हें भी नहीं मिल रहा है। लोग कहते रहे हैं कि केवल प्रधान की तरफ रहने वाले लोगों को ही मनरेगा योजना में काम के लिए बुलाया जाता है और अन्य लोगों को भी काम पर रखा जाता है। समस्याएँ हैं। लोगों का कहना है कि इस काम को मुखिया से हटाकर ब्लॉक के अधिकारियों से करवाकर गांव में कोई विरोध नहीं होगा और सभी लोगों को रोजगार दिया जाएगा।

उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि आने वाले समय में वे पर्यावरण को प्रभावित कर रहे हैं, जिससे कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। आपको बता दें कि गेहूं की कटाई के बाद अब फसल का अवशेष डंठल है। किसान थूक रहे हैं और जलने से निकलने वाला धुआं आसमान में काले बादल जैसा है, जिससे आम जनता के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। सरकार को भी इस पर प्रतिबंध लगाना चाहिए क्योंकि ध्वनि प्रदूषण के बजाय वायु प्रदूषण भी धीरे-धीरे बहुत खतरनाक होता जा रहा है, जिससे लोग स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों से पीड़ित हैं। और अन्य बीमारियाँ उत्पन्न होने की संभावना है, लेकिन सिस्ट की दृढ़ता के साथ, आसमान उड़ रहा है, जिससे लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। यदि आप ऐसा करना चाहते हैं, तो डंठल न काटें, बल्कि उन्हें खेत में हल करें ताकि खाद बने और यदि आप डंठल काटते हैं, तो खेत में मौजूद सभी कीटाणु मर जाएंगे और जिससे उपज भी अच्छी होगी।

उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से सरद कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण जगह जगह पेय जल का व्यवस्था किया गया है। जिससे स्थानीय व राहगीरों को काफी राहत मिल रही है।

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उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से अलोक श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है की लैंगिक समानता के बारे में समाज को विचार करना होगा। शिक्षित महिलाएं ऐसी ही हैं। समय से फर्क नहीं पड़ सकता, इसलिए उन्हें कम भुगतान किया जाता है। महिलाएं बैठने का अधिकांश काम करती हैं। और चाहे कारखाना हो या कार्यालय, गाँव की औरतें खेतों में काम करने जाती हैं।

उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से अलोक श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है की आज की लड़कियां बच्चों से आगे हैं, पढ़ाई हो खेल का मैदान हो ,लड़कियों का विकास सबसे आगे पाया जाता है। उन्हें आगे ले जाना हमारा कर्तव्य है, यह हमारा धर्म है, इससे ज्यादा हमें बच्चों से खुशी नहीं मिलेगी। लड़कियाँ अपना काम करने के बाद भी खुशी-खुशी अपने माता-पिता की सेवा करती हैं।

उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर जिला से अलोक श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है खानाबदोश महिलाओं से लेकर खेतों में काम करने वाली महिलाओं तक की चर्चा की गई है। इस चुनावी मौसम में हमें हर तरह के प्रलोभन का लालच दिया जा रहा है। कि इस बार हम ऐसा इस तरह से करेंगे कि ये सभी मुद्दे समाज में समाज के हर वर्ग तक फैले। एक तरह से यह लालच दिया जा रहा है कि जो भी हमारे पक्ष में मतदान करेगा और हम फिर से सरकार बना सकते हैं।

पानी जीवन है, हर कोई कहानियाँ कहता है, लेकिन बहुत कम लोग पानी बचाने के बारे में सोच पाते हैं। आने वाले समय में लोग पीने के पानी के लिए जाएंगे क्योंकि यह देखा गया है कि कुछ राज्यों में लोग पानी की आपूर्ति और पानी की आपूर्ति के आधार पर पानी पीते हैं। यदि नहीं, तो लोगों को पीड़ा उठानी होगी कि वे कहीं खरीद सकते हैं और कानून पी सकते हैं। अगर ध्यान नहीं दिया गया तो उत्तर प्रदेश में भी ऐसा ही समय आएगा। जहाँ भी पानी है, वहाँ नल खुला रहता है, कुछ स्थानों पर अक्सर देखा जाता है कि पानी बहता रहता है और जहाँ बाल्टी मिलती है वहाँ कोई उसकी देखभाल नहीं करता है। लोगों को पानी चाहिए, वे वहां चार बाल्टी खर्च करते हैं, इसलिए पानी को संरक्षित करना है, समय पर इसका लाभ उठाना है, आने वाले समय में यह सभी लोगों के लिए आवश्यक है।