उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बेटी शिक्षित होती है तो,वह अपने शिक्षा का उपयोग परिवार को साक्षर बनाने और उसके हित के लिए करती है। शिक्षा के कारण ही वह स्वयं के अधिकार को सुरक्षित करती और खुद को सक्षम बनाती है है। आज की शिक्षित बेटी कल की कुशल गृहिणी स्त्री है।महिलाओं की भागीदारी से देश के आर्थिक विकास और सकल घरेलू उत्पाद में भी वृद्धि होती है। महिलाओं की शिक्षा गरीबी को नियंत्रित करती है। शिक्षित महिला घरेलू हिंसा और सामाजिक उत्पीड़न की शिकार नही हो पाएगी। बच्चे की पहली शिक्षिका उसकी माँ होती है।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बेटा-बेटी के प्रति लोगों की आज भी जो असमानता की भावना है, उसे दूर करने की आवश्यकता है। आजकल अगर किसी की दो बेटियां हैं तो माता-पिता से ज्यादा लोग चिंतित रहते हैं, लेकिन बेटियों को अच्छी शिक्षा दी जाए और आत्मनिर्भर बनाया जाए, तो क्या वह अपने माता-पिता के प्रति अपने दायित्व को समझेंगी और उनका देखभाल करेंगी। ऐसी सोच और परिस्थितियों के लिए महिलाएं भी खुद जिम्मेदार हैं। उन्हें भी अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों और रूढ़िवादी सोच को बदलना होगा, तभी महिलाओं को समाज में उचित सम्मान मिल पाएगा। समाज में स्त्रियों को इतना सम्मान तो मिलना ही चाहिए कि वो अपने बारे में फैसले स्वयं ले सकें। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिला और पुरुष को अलग-अलग चश्मे से देखना ठीक नही है। अगर हम चारदीवारी के भीतर दोबारा नही जाना चाहते और ऐसा फिर कभी न हो, तो इनके लिए यह महत्वपूर्ण है कि पुरुष और महिला के बीच बहुत अधिक अंतर न किया जाए।इंसान को इंसान की तरह देखना चाहिए। जब ऐसा भाव संभव होगा,तभी औरत को आज़ादी मिलेगी और इस दुनियां में सम्मान से जी सकेंगी। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से अनीता मिश्रा ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाएं इतनी भी कमज़ोर नहीं है, जितना लोग समझ रहे हैं। महिलाओं को भी जीने का अधिकार मिला चाहिए और उन्हें खुद पर भरोसा रखना चाहिए। आज की महिलाएं सभी केहस्तेर में पुरुष से आगे चल रही हैं
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से अनीता मिश्रा ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत में महिला उद्यमिता छोटे उद्योगों तक केंद्रित है। भारत में महिलाएं उद्यमशीलता की प्रमुखता नई वस्तुओं के उत्पादन से संबंधित है, जहां महिला उद्यमिता का संबंध उत्पादित वस्तुओं के नवाचार या उत्पादन इकाई को स्वतंत्र रूप से व्यवस्थित करने और प्रबंधित करने से है।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से अनीता मिश्रा ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पृथ्वी पर वाल्वयू परिवर्तन का मुख्य कारण है ज्वालामुखी का फटना। साथ ही मानवीय गतिविधियां भी जलवायु पोअरिवर्तन का कारण बनी है।
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा किसान भाइयों को नींबू की फसल में सिंचाई प्रबंधन की जानकारी दे रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से अंकिता मिश्रा , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि महिला आज बहुत आगे है , पुरुष अगर खेत में काम कर सकती है तो महिला भी कर सकती है। महिला दो परिवारों को साथ लेकर चलती है।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से अंकिता मिश्रा , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि महिलाओं में आत्मनिर्भरता का विकास अनुभव से पता चलता है कि आर्थिक अधिकारों से वंचित होने के कारण ही महिलाएं आत्मनिर्भरता प्राप्त करने में सक्षम हुई हैं। समय-समय पर महिलाओं पर कई योग्यताएं थोपी गई हैं। अगर महिलाओं को उद्योग के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका दिया जाए तो उनमें आत्मविश्वास आएगा। वे स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने में सक्षम होंगे और उन्हें आर्थिक रूप से पुरुषों के पक्ष पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिसका अर्थ है कि यदि महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं तो वे सामाजिक और राजनीतिक रूप से स्वतंत्र होंगी। महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता उनके लिए वरदान साबित होगी और वे स्वयं सामाजिक विकास के साथ-साथ विकास के रास्ते में आने वालों के लिए भी बहुत योगदान दे पाएंगी।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से अंकिता मिश्रा , मोबाइल वाणी के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के बारे में जानकारी दे रही है।
