उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बेटी शिक्षित होती है तो,वह अपने शिक्षा का उपयोग परिवार को साक्षर बनाने और उसके हित के लिए करती है। शिक्षा के कारण ही वह स्वयं के अधिकार को सुरक्षित करती और खुद को सक्षम बनाती है है। आज की शिक्षित बेटी कल की कुशल गृहिणी स्त्री है।महिलाओं की भागीदारी से देश के आर्थिक विकास और सकल घरेलू उत्पाद में भी वृद्धि होती है। महिलाओं की शिक्षा गरीबी को नियंत्रित करती है। शिक्षित महिला घरेलू हिंसा और सामाजिक उत्पीड़न की शिकार नही हो पाएगी। बच्चे की पहली शिक्षिका उसकी माँ होती है।