उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बेटा-बेटी के प्रति लोगों की आज भी जो असमानता की भावना है, उसे दूर करने की आवश्यकता है। आजकल अगर किसी की दो बेटियां हैं तो माता-पिता से ज्यादा लोग चिंतित रहते हैं, लेकिन बेटियों को अच्छी शिक्षा दी जाए और आत्मनिर्भर बनाया जाए, तो क्या वह अपने माता-पिता के प्रति अपने दायित्व को समझेंगी और उनका देखभाल करेंगी। ऐसी सोच और परिस्थितियों के लिए महिलाएं भी खुद जिम्मेदार हैं। उन्हें भी अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों और रूढ़िवादी सोच को बदलना होगा, तभी महिलाओं को समाज में उचित सम्मान मिल पाएगा। समाज में स्त्रियों को इतना सम्मान तो मिलना ही चाहिए कि वो अपने बारे में फैसले स्वयं ले सकें। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
